सर्वमंगला में ग्रामीणों का प्रदर्शन, प्रशासन को अंतिम चेतावनी:कोरबा में रानी गुफा जीर्णोद्धार, धूल समस्या पर 5 जून को सुशासन तिहार का विरोध

सर्वमंगला में ग्रामीणों का प्रदर्शन, प्रशासन को अंतिम चेतावनी:कोरबा में रानी गुफा जीर्णोद्धार, धूल समस्या पर 5 जून को सुशासन तिहार का विरोध




कोरबा में सर्वमंगला मंदिर के समीप स्थित प्राचीन रानी गुफा और हनुमान मंदिर के जीर्णोद्धार तथा सड़क पर जमी धूल-मिट्टी की समस्या को लेकर ग्रामीणों का आक्रोश बढ़ता जा रहा है। दर्जनों ग्रामीणों ने कलेक्टर और नगर निगम आयुक्त को ज्ञापन सौंपकर दो दिन के भीतर मांगें पूरी करने की चेतावनी दी है। ग्रामीणों ने साफ कहा है कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो 5 जून को खैरभवना में आयोजित होने वाले सुशासन तिहार का विरोध करते हुए सामूहिक घेराव किया जाएगा। दो साल से कर रहे संघर्ष ग्रामीणों का कहना है कि वे पिछले दो वर्षों से शांतिपूर्ण तरीके से आवेदन, निवेदन, धरना और आंदोलन के माध्यम से अपनी मांगें प्रशासन तक पहुंचा रहे हैं। उनका आरोप है कि रेलवे पुल निर्माण के दौरान ठेका कंपनी ने क्षेत्र के आस्था केंद्र रानी गुफा और हनुमान मंदिर को क्षतिग्रस्त कर दिया था। घटना के बाद तत्कालीन पटवारी नम्रता राजवाड़े ने मौके का निरीक्षण कर पंचनामा तैयार किया था। इसके बाद कई राजस्व अधिकारियों और तत्कालीन एसडीएम रोहित सिंह ने स्थल का निरीक्षण कर जीर्णोद्धार का आश्वासन दिया था, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्य नहीं हुआ। बैठकें हुईं, आश्वासन मिले, काम नहीं हुआ ग्रामीणों के अनुसार, मामला बढ़ने पर कटघोरा के वर्तमान एसडीएम तनमय खन्ना, नहर विभाग के अधिकारियों और ग्रामीणों के बीच बैठक भी हुई थी। बैठक में जल्द स्थायी समाधान का भरोसा दिया गया, जिसके बाद ग्रामीणों ने अपना आंदोलन स्थगित कर दिया था। बाद में एसईसीएल कुसमुंडा प्रबंधन, सर्वमंगला चौकी प्रभारी और स्थानीय पार्षद ने 23 दिसंबर 2024 को लिखित आश्वासन दिया था कि सड़क पर जमी धूल-मिट्टी हटाई जाएगी और नियमित पानी का छिड़काव कराया जाएगा। ग्रामीणों का आरोप है कि यह वादा भी आज तक पूरा नहीं किया गया। धूल से परेशान हजारों ग्रामीण सर्वमंगला मंदिर से सोनपुरी नहर मार्ग तक पिछले दो वर्षों से भारी मात्रा में धूल-मिट्टी जमा है। इस मार्ग से पाली, पडनिया, सोनपुरी, खैरभवना, कनबेरी, जटराज, भलपहरी, जपेली, तरदा, भादा और रिस्दी सहित दर्जनों गांवों के हजारों लोग प्रतिदिन आवागमन करते हैं। ग्रामीणों का कहना है कि सड़क पर उड़ती धूल से स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं बढ़ रही हैं और लोगों का आवागमन भी प्रभावित हो रहा है। “आस्था और जनसुविधा दोनों की अनदेखी” पडनिया के शिवरतन, जटराज के टिकेश्वर, पाली के संदीप, खैरभवना के जागेश्वर, कनबेरी के विमल और सोनपुरी के संतोष सहित अन्य ग्रामीणों ने कहा कि प्रशासन ने न तो धार्मिक स्थलों के जीर्णोद्धार की दिशा में कोई कदम उठाया और न ही धूल-मिट्टी की समस्या का समाधान किया। ग्रामीणों का कहना है कि जब आस्था के केंद्र उजड़ चुके हैं और लोग धूल के गुबार में जीने को मजबूर हैं, तब प्रशासन की लगातार अनदेखी स्वीकार नहीं की जा सकती। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि दो दिनों के भीतर कार्रवाई नहीं हुई तो सुशासन तिहार के दौरान बड़े स्तर पर विरोध प्रदर्शन किया जाएगा।



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