India Builds New Oil Reserve

India Builds New Oil Reserve


नई दिल्ली2 घंटे पहले

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-इमेज AI जनरेटेड

अमेरिका-ईरान युद्ध के दौरान हुए तेल संकट के बाद केंद्र सरकार ने नया इमरजेंसी ऑयल रिजर्व बनाने का फैसला लिया है। यह रिजर्व ऑयल एंड नेचुरल गैस कॉर्पोरेशन (ONGC) बनाएगी।

इकोनॉमिक टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, इस पूरे प्रोजेक्ट में करीब ₹15,000 करोड़ खर्च होने का अनुमान है। यह अंडरग्राउंड इमरजेंसी तेल भंडार कर्नाटक के मंगलुरु में बनाया जाएगा। इसमें 1.28 लाख बैरल तेल रखा जा सकेगा।

अभी भारत की कुल स्ट्रेटेजिक क्रूड स्टोरेज क्षमता करीब 3.9 करोड़ बैरल है, जिसे आपात स्थिति में इस्तेमाल किया जाता है। भारत रोजाना करीब 50 लाख बैरल तेल खपत करता है। इसलिए यह ऑयल रिजर्व देश की जरूरतें लगभग 8-9 दिन तक पूरी कर सकता है।

1.28 लाख बैरल का नया रणनीतिक तेल भंडार का प्रोजेक्ट पूरा होने पर यह क्षमता करीब 33% यानी करीब 3 दिन बढ़ जाएगी। फिर देश में युद्ध या तेल संकट में करीब 11 दिन का तेल रिजर्व रहेगा।

पेट्रोलियम रिजर्व क्या है?

पेट्रोलियम रिजर्व मतलब क्रूड ऑयल या पेट्रोल-डीजल का स्टॉक, जिसे कोई देश भविष्य की आपूर्ति के लिए संभालकर रखता है। 2 तरह के पेट्रोलियम रिजर्व हैं…

1. रणनीतिक पेट्रोलियम भंडार (Strategic Reserve)

इसे पेट्रोलियम की तिजोरी की तरह समझिए। इसे सरकार इमरजेंसी के लिए रखती है। इसका इस्तेमाल आम दिनों में नहीं होता। युद्ध, तेल संकट या सप्लाई रुकने पर ही इसका इस्तेमाल होता है। मंगलुरु, पादुर और विशाखापट्टनम में भारत के 3 स्ट्रैटजिक पेट्रोलियम रिजर्व हैं। यहां जमीन के नीचे बड़े-बड़े गुफानुमा टैंकों में तेल रखा जाता है।

2. व्यावसायिक पेट्रोलियम भंडार (Commercial Reserve)

इंडियन ऑयल जैसी तेल कंपनियां अपने पास कॉमर्शियल स्टॉक रखती हैं, ताकि पेट्रोल पंपों पर सप्लाई बनी रहे। ये रोजमर्रा की जरूरतों के लिए होते हैं। ये ज्यादातर जमीन के ऊपर बड़े टैंकों में रखा जाता है।

₹5000 करोड़ बनाने और तेल भरने में ₹10,000 करोड़ का खर्च

  • रिपोर्ट के मुताबिक, इस प्रोजेक्ट के खर्च को दो हिस्सों में बांटा गया है। ONGC भूमिगत गुफा के निर्माण पर लगभग ₹5,000 करोड़ खर्च करेगी। मौजूदा बाजार कीमतों और एक्सचेंज रेट के आधार पर इस फैसिलिटी में कच्चा तेल भरने के लिए ₹10,000 करोड़ की जरूरत पड़ सकती है।
  • फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि ONGC इस बड़े निवेश की वसूली कैसे करेगी। यह भी तय होना बाकी है कि यह फैसिलिटी सिर्फ एक इमरजेंसी रिजर्व के रूप में काम करेगी या रेवेन्यू बढ़ाने के लिए इसमें कॉमर्शियल एक्टिविटीज को भी शामिल किया जाएगा।
  • अब तक देश के सभी स्ट्रैटिजिक पेट्रोलियम रिजर्व प्रोजेक्ट्स को पूरी तरह सरकार फंडिंग करती थी। इसका मैनेजमेंट ‘इंडियन स्ट्रैटिजिक पेट्रोलियम रिजर्व्स लिमिटेड’ (ISPRL) करती है। पहली बार ONGC इतना बड़ा निवेश करेगी।

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जियो का IPO जल्द, 27 करोड़ शेयर जारी होंगे: SEBI के पास दस्तावेज जमा; मुकेश अंबानी बोले- आकाश, ईशा और अनंत जिम्मेदारी संभालेंगे

रिलायंस इंडस्ट्रीज की 49वीं सालाना बैठक, यानी AGM शुक्रवार, 19 जून को हुई। कंपनी के चेयरमैन मुकेश अंबानी ने करीब 44 लाख शेयरहोल्डर्स को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि कंपनी यूरोप और अफ्रीका के मार्केट में एंट्री कर रही है। वहीं, कंपनी जियो का IPO भी लाने जा रही है।

अंबानी बताया कि 19 जून को ही SEBI के पास जियो IPO के दस्तावेज जमा कर दिए गए हैं। जियो के 27 करोड़ नए शेयर जारी किए जाएंगे। हालांकि शेयरों की कीमत क्या रहेगी, इसकी जानकारी फिलहाल नहीं दी गई है। पूरी खबर पढ़ें…

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