हिमाचल में 25 जून से थमेंगे HRTC बसों के पहिए:DA और नाइट ओवरटाइम भुगतान पर अड़े कर्मचारी, डिप्टी CM मुकेश आज करेंगे वार्ता
हिमाचल प्रदेश में 25 जून से सरकारी बसों के पहिए थम सकते हैं। हिमाचल पथ परिवहन निगम (HRTC) कर्मचारियों ने लंबित वित्तीय मांगें पूरी न होने पर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने की चेतावनी दी है। कर्मचारियों की चेतावनी को को देखते हुए डिप्टी सीएम एवं परिवहन मंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने आज (मंगलवार को) सचिवालय में कर्मचारियों के साथ मीटिंग बुलाई है। HRTC कर्मचारियों का कहना है कि यदि उनकी मांगें नहीं मानी गई तो कर्मचारी आर-पार की लड़ाई लड़ने से पीछे नहीं हटेंगे। 25 जून से प्रदेशभर में HRTC बसों के पहिए थम जाएंगे। इसका सीधा असर प्रदेश के हजारों यात्रियों पर पड़ सकता है। HRTC की बसें प्रदेश के ग्रामीण और दुर्गम क्षेत्रों में लोगों के आवागमन का मुख्य साधन हैं। इन्हीं मांगों को लेकर HRTC कर्मचारियों ने सोमवार को भी शिमला पुराने बस स्टैंड समेत प्रदेश के कई बस अड्डों पर गेट मीटिंग कर आंदोलन तेज किया। ड्राइवर और कंडक्टर यूनियन पदाधिकारियों ने कहा कि कर्मचारियों के वित्तीय लाभ लंबे समय से लंबित हैं। ये हैं कर्मचारियों की प्रमुख मांगें HRTC कर्मचारी मुख्य रूप से तीन बड़ी वित्तीय मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं। इनमें नाइट ओवरटाइम का भुगतान, महंगाई भत्ते (DA) की लंबित किश्त जारी करना और मेडिकल बिलों का भुगतान शामिल है। कर्मचारियों का कहना है कि इन देयों की राशि लगातार बढ़ती जा रही है। पेंशनर भी समर्थन में उतरे इधर, HRTC पेंशनरों और अन्य कर्मचारी संगठनों ने भी आंदोलन को समर्थन दिया है। हिमाचल परिवहन सेवानिवृत्त कर्मचारी परिषद ने सरकार से कर्मचारियों के लंबित वित्तीय लाभ जल्द जारी करने की मांग की है। परिषद के पदाधिकारियों का कहना है कि कर्मचारियों की मेहनत की कमाई का भुगतान लंबित रखना उचित नहीं है। मेडिकल बिलों के भुगतान को 20 करोड़ जारी हालांकि, HRTC कर्मचारियों की चेतावनी के बाद सरकार ने मेडिकल बिलों के भुगतान के लिए 20 करोड़ रुपए जारी कर दिए हैं। इस राशि से मार्च 2026 तक लंबित मेडिकल बिलों का भुगतान किया जाएगा। इससे करीब 11 हजार कार्यरत कर्मचारियों और लगभग 8 हजार पेंशनरों को लाभ मिलने की उम्मीद है। अब सभी की नजरें आज होने वाली बैठक पर टिकी हैं। यदि सरकार और कर्मचारियों के बीच सहमति बनती है तो हड़ताल टल सकती है, अन्यथा प्रदेश में बस सेवाएं प्रभावित हो सकती हैं।
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