यमुनानगर में चेयरमैन के आगे डेहा समाज और ग्रामीण आमने-सामने:प्रभावित परिवार बोले- 10 साल से रह रहे, ग्रामीण बोले- नशा और चोरी करते हैं

यमुनानगर में चेयरमैन के आगे डेहा समाज और ग्रामीण आमने-सामने:प्रभावित परिवार बोले- 10 साल से रह रहे, ग्रामीण बोले- नशा और चोरी करते हैं




यमुनानगर के रादौर क्षेत्र के छोटा बांस स्थित डेहा बस्ती में पुलिस पर पथराव के बाद अवैध निर्माण के खिलाफ हुई प्रशासनिक कार्रवाई के बाद भी मामला थमने का ना नहीं ले रहा है। आज हरियाणा विमुक्त घुमंतु जाति विकास बोर्ड के चेयरमैन जसमेर सिंह बंजारा प्रभावित परिवारों से मिलने के लिए पहुंचे। बस्ती में जैसे ही उन्होंने लोगों से बातचीत शुरू की, वहां मौजूद डेहा समाज के लोग और आसपास के ग्रामीण आमने-सामने आ गए। चेयरमैन के सामने ही दोनों पक्षों के बीच तीखी बहस शुरू हो गई। एक ओर डेहा समाज के लोगों ने खुद को बेघर बताते हुए पुनर्वास की मांग की, वहीं दूसरी ओर स्थानीय ग्रामीणों ने बस्ती के लोगों पर नशा तस्करी, चोरी, मारपीट और क्षेत्र का माहौल खराब करने जैसे गंभीर आरोप लगाए। काफी देर तक दोनों पक्ष अपनी-अपनी बात चेयरमैन के सामने रखते रहे। रहने के लिए जगह उपलब्ध कराने की मांग बोर्ड चेयरमैन जसमेर सिंह बंजारा ने सबसे पहले प्रशासन की कार्रवाई से प्रभावित परिवारों की समस्याएं सुनीं। डेहा समाज के लोगों ने बताया कि वे कई सालों से इस स्थान पर रह रहे हैं। उनके पास रहने के लिए कोई दूसरी जगह नहीं है। प्रशासन ने बिना वैकल्पिक व्यवस्था किए उनके मकान तोड़ दिए, जिससे कई परिवार खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर हो गए हैं। उन्होंने सरकार से मांग की कि यदि उन्हें यहां से हटाया जा रहा है तो उनके रहने के लिए दूसरी जगह उपलब्ध कराई जाए। बस्ती में रहने वाले लोगों ने बताया कि यहां करीब 500 परिवार रहते हैं। उनका दावा है कि प्रशासन ने अब तक लगभग 50 मकानों को तोड़ दिया है। कार्रवाई के बाद कई परिवारों के सामने रहने और बच्चों की पढ़ाई तक का संकट खड़ा हो गया है। लोगों ने कहा कि वे किसी टकराव की स्थिति नहीं चाहते, लेकिन उनके सिर से छत छीन ली गई है। ऐसे में सरकार उने पुनर्वास की व्यवस्था करे। रोते हुए स्थानीय निवासी बोला- उसे आत्महत्या के विचार आते हैं इसी दौरान स्थानीय निवासी प्रवीन सैनी ने रोते हुए अपनी बात रखते हुए कहा कि उनका परिवार वर्ष 1985 से इस क्षेत्र में रह रहा है। बस्ती में उनके समाज के पांच-छह परिवार रहते हैं। उनका घर डेहा बस्ती के बीच में है। उन्होंने आरोप लगाया कि बस्ती के कुछ लोग उन्हें लगातार परेशान करते हैं, गाली-गलौज करते हैं। ये लोग नशे का धंधा करते हैं और उस पर पुलिस को इस नशे की सूचना देने का आरोप लगाकर परेशान करते हैं। उन्होंने कहा कि वे लगातार मानसिक प्रताड़ना झेल रहे हैं और हालात ऐसे हो गए हैं कि कई बार उनके मन में आत्महत्या तक के विचार आए। डेहा समाज ने किया विरोध, बोले- पूरे समाज को बदनाम करना गलत प्रवीन सैनी के आरोपों पर डेहा समाज के लोगों ने कड़ी आपत्ति जताई। समाज के एक प्रतिनिधि ने कहा कि किसी एक व्यक्ति की गलती के लिए पूरे समाज को अपराधी नहीं कहा जा सकता। यदि किसी ने धमकी दी है या कोई अपराध किया है तो उसका नाम सार्वजनिक किया जाए और उसके खिलाफ कार्रवाई हो। उन्होंने कहा कि अच्छे और बुरे लोग हर समाज में होते हैं। पूरे डेहा समाज को नशे और अपराध से जोड़ना गलत है। किसानों ने लगाए नशा तस्करी और चोरी के आरोप स्थानीय किसान अजय राव ने कहा कि वह कई वर्षों से यहां खेती कर रहे हैं। उनका आरोप है कि बस्ती में करीब 400 लोग अवैध रूप से रह रहे हैं। उन्होंने कहा कि 2018 के बाद क्षेत्र में नशे का कारोबार तेजी से बढ़ा है। उन्होंने आरोप लगाया कि ये लोग लिफाफे में टॉयलेट भरकर उसके खेतों में फेंक देते हैं। इतना ही नहीं नॉनवेज खाने के बाद हड्डियां खेतों में डाल दी जाती हैं, जिससे किसानों को परेशानी होती है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि क्षेत्र में चोरी की घटनाएं बढ़ी हैं और कई बार पंचायत के माध्यम से समझाने का प्रयास किया गया, लेकिन कोई सुधार नहीं हुआ। नशे से कई युवाओं को हो चुकी मौत अजय राव ने दावा किया कि रादौर क्षेत्र में नशे के कारण 25 से 30 युवकों की मौत हो चुकी है। उन्होंने कहा कि उनके पिता ने भी अवैध कब्जे हटाने को लेकर अदालत में मामला दायर किया था। उस समय डेहा समाज के लोगों ने सुधार का भरोसा दिया था, लेकिन स्थिति में कोई बदलाव नहीं आया। किसान यूनियन के नेता सुभाष ने भी बस्ती के कुछ लोगों पर खेतों से सिंचाई मोटर और बिजली की तारें चोरी करने के आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि किसान लंबे समय से इस समस्या से जूझ रहे हैं और प्रशासन से कई बार शिकायत कर चुके हैं। सीआईए टीम पर हमले के बाद हुई थी कार्रवाई गौरतलब है कि कुछ दिन पहले करनाल सीआईए की टीम एक नशा तस्कर को पकड़ने के लिए डेहा बस्ती पहुंची थी। उस दौरान बस्ती के कुछ लोगों ने पुलिस टीम पर ईंट-पत्थरों से हमला कर दिया था। हमले में पुलिसकर्मी घायल हुए थे और आरोपी को पुलिस की हिरासत से छुड़ा लिया गया था। इस घटना के बाद प्रशासन ने अवैध कब्जों के खिलाफ अभियान चलाया और कई निर्माण ध्वस्त किए। रादौर पहुंचे चेयरमैन ने प्रभावित लोगों की समस्या सुनते हुए कहा कि रोटी, कपड़ा और मकान हर नागरिक की मूलभूत आवश्यकता है और हर व्यक्ति को सम्मानपूर्वक जीवन जीने का अधिकार है। उन्होंने कहा कि प्रभावित लोगों की बात सरकार तक पहुंचाई जाएगी और उनकी समस्याओं के समाधान के लिए प्रयास किए जाएंगे। देश के लिए लड़ने वाली कौम आज हाशिए पर पहुंच गई चेयरमैन जसमेर सिंह बंजारा ने कहा कि डेहा समाज का इतिहास गौरवशाली रहा है। उनका कहना था कि इस समाज ने अंग्रेजों के खिलाफ संघर्ष में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। उन्होंने कहा कि यह वही समाज है जिसने देश और धर्म की रक्षा के लिए बलिदान दिए। पहले इस समाज के भी घर, जमीन और संपत्ति हुआ करती थी, लेकिन समय के साथ परिस्थितियां बदलती चली गईं और आज यह समाज हाशिए पर पहुंच गया है। उन्होंने कहा कि ऐसे परिवारों के पुनर्वास और सम्मानजनक जीवन के लिए गंभीरता से काम करना चाहिए। जिन लोगों के घर उजड़े हैं



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