सतना में बाघ का शिकार; 18 नाखून, 4 केनाइन निकाले:लापरवाही पर बीटगार्ड निलंबित, 8 आरोपी गिरफ्तार, अब तक 4 जेल भेजे गए
सतना जिले के मझगवां रेंज स्थित बिछियन के जंगल में एक बाघ का बिजली के करंट से शिकार कर लिया गया। शिकारियों ने मृत बाघ के शरीर से 18 नाखून और 4 केनाइन निकाल लिए थे, जिसके बाद शव को जमीन में दफना दिया गया। इस घटना का खुलासा दो महीने बाद हुआ है। मामले के सामने आने के बाद कई खुलासे हुए हैं। वन विभाग के चौकीदार मिन्नता सिंह गोड़ सहित कुल 9 लोगों की मिलीभगत से बाघ का शिकार करने और उसे दफनाने में भूमिका सामने आई है। लापरवाही के लिए प्रभारी बीटगार्ड एमएस पटेल को निलंबित कर दिया गया है। वन विभाग ने इस मामले में अब तक 8 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनमें से रामकुशल कोल को शनिवार को जेल भेजा गया। रविवार को हेमराज सिंह, बेटू सिंह और हमेन्द्र सिंह उर्फ मझिला को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया। वन विभाग का चौकीदार मिन्नता सिंह पुलिस रिमांड पर है, जबकि तीन अन्य आरोपियों से पूछताछ जारी है, जिनसे नए खुलासे होने की उम्मीद है। नाखून, केनाइन निकालने का फैसला किया
सूत्रों के अनुसार, बाघ की मौत के बाद आरोपियों ने उसके नाखून और केनाइन निकालने का फैसला किया। इन अंगों को आपस में दो-तीन हिस्सों में बांटा गया, जिसमें मिन्नता सिंह को अधिक नाखून मिले। इन अंगों के बंटवारे को लेकर हुए विवाद के कारण ही यह मामला उजागर हुआ। शिकारियों के बीच हुए इस विवाद की खबर जंगल से बाहर निकली और वन विभाग के अधिकारियों तक पहुंची, जिसके बाद पूरे मामले का खुलासा हुआ। चौकीदार के भाई के कब्जे से मिले केनाइन
वन विभाग के चौकीदार मिन्नता सिंह के भाई प्रेम सिंह गोड़ को भी वन विभाग ने गिरफ्तार कर लिया है। उसके कब्जे से बाघ की 2 केनाइन, 2 नाखून भी बरामद हुई है। वहीं एक दिन पहले विभाग ने रामकुशल कोल के घर से 2 नाखून बरामद किए गए थे। दरअसल, सुअर का शिकार करने के लिए करंट का जाल बिछाने की साजिश करने वाला मुख्य आरोपी प्रेमस सिंह गोड़ ही था। जब सुअर की जगह बाघ फंस गया तो उसके साक्ष्य मिटाने के लिए अन्य लोगो का सहयोग लिया गया। वन विभाग ने बाघ के शिकार मामले में मैदानी अमले की लापरवाही मानते हुए कररिया बीट के बीटगार्ड एम एस पटेल को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर बरौंधा अटैच कर दिया है। वहीं शिकार की घटना के वक्त सर्किल का प्रभार ट्रेनी रेंजर दुर्गेश पांडेय को शोकॉज नोटिस जारी करने को लेकर वन मंडलाधिकारी मयंक चांदीवाल ने मुख्यालय को चिठ्ठी भेजी है। पहले बेटा, अब पिता बाघ का शिकारी
यह इत्तेफाक नहीं बल्कि बाघ के शिकार में आदतन अपराधी के रुप में एक घर के 2 सदस्य चिन्हित हुए हैं। 7 साल पहले बाघ के शिकार में बेटा पकड़ा गया और अब बाघ शिकार में ही बाप भी आरोपी है। दरअसल, 2019 में सरभंगा के जंगल के समीप में नाले में करंट लगाकर पांच शिकारियों ने बाघ को मार दिया था, जिसमें एक आरोपी अनिल कोल निवासी कररिया भी था। अब बिछियन के जंगल में बाघ को मारकर जमीन में दफनाने वालो में एक आरोपी मुन्ना कोल भी शामिल है,जो अनिल कोल का पिता है।
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