ललिता हत्याकांड बवाल, मुख्य आरोपी अभी फरार:नाम के कन्फ्यूजन में उलझी पुलिस, तलाश हुई तेज

ललिता हत्याकांड बवाल, मुख्य आरोपी अभी फरार:नाम के कन्फ्यूजन में उलझी पुलिस, तलाश हुई तेज




मेरठ के चर्चित ललिता गौतम हत्याकांड के बाद हुए बवाल में पुलिस से बड़ी चूक सामने आई है। नाम एक जैसा होने की वजह से पुलिस ने जिस ऋतिक जाटव को मुख्य आरोपी मानकर जेल भेजा था, वह असली आरोपी नहीं निकला। अब पुलिस फरार मुख्य आरोपी की तलाश में लगातार दबिश दे रही है। यह बवाल बीते बुधवार को डीएम कार्यालय के बाहर हुए प्रदर्शन के दौरान हुआ था। पुलिस का कहना है कि घटना में शामिल फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए टीमें लगातार छापेमारी कर रही हैं। जल्द ही सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा। ललिता हत्याकांड के विरोध में हुआ था प्रदर्शन ललिता गौतम हत्याकांड के मुख्य आरोपी को पुलिस पहले ही जेल भेज चुकी है। इसके बाद साक्ष्य मिटाने के आरोप में उसके भाई समेत दो अन्य लोगों को नामजद किया गया था, जिन्हें अदालत से जमानत मिल गई। इसी कार्रवाई से नाराज होकर ललिता के परिजन और सैकड़ों लोग बुधवार को डीएम कार्यालय के बाहर धरने पर बैठ गए। करीब पांच घंटे तक प्रदर्शन चला। प्रदर्शन खत्म कराने के दौरान पुलिस ने हल्का बल प्रयोग किया, जिसके बाद हंगामा हो गया। इस दौरान कई पुलिसकर्मी घायल भी हुए। 13 नामजद, 50 अज्ञात पर केस बवाल के बाद पुलिस ने सात लोगों को मौके से गिरफ्तार किया। साथ ही 13 नामजद और 50 अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया। अब तक इस मामले में आठ आरोपियों को जेल भेजा जा चुका है। पुलिस ने जिस युवक को गिरफ्तार कर जेल भेजा, उसका नाम ऋतिक जाटव पुत्र प्रमोद निवासी सिसौली है। लेकिन घटना के अगले दिन डिग्गी निवासी ऋतिक जाटव पुत्र कैलाश ने सोशल मीडिया पर पोस्ट साझा की। इसके बाद पता चला कि बवाल का मुख्य आरोपी दूसरा ऋतिक जाटव है, जो अभी फरार है। नाम एक जैसा होने की वजह से पुलिस से पहचान में गलती हो गई और मुख्य आरोपी गिरफ्तारी से बच निकला। मुख्य आरोपी का आपराधिक रिकॉर्ड भी सामने आया पुलिस के मुताबिक, डिग्गी निवासी ऋतिक जाटव का पहले से आपराधिक रिकॉर्ड है। वह छात्र नेता तरुण मलिक पर फायरिंग के मामले में जेल जा चुका है। जेल से बाहर आने के बाद चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय के गेट पर साथियों के साथ खुलेआम बीयर पीने का उसका वीडियो भी वायरल हुआ था। उस मामले में मेडिकल थाने में उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था। सूरज गौतम और सागर लिसाड़ी भी फरार पुलिस ने बताया कि इस मामले में डिग्गी निवासी सूरज गौतम भी वांछित है। उसका भी आपराधिक इतिहास है और वह कई बार जेल जा चुका है। वहीं सागर लिसाड़ी की गिरफ्तारी के लिए भी पुलिस लगातार संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि फरार आरोपियों की तलाश में टीमें लगातार कार्रवाई कर रही हैं। जल्द ही सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।



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