State Government Bans Foreign Tours & Economy Class Travel
सीएम डॉ. मोहन यादव।
विकास कार्यों और वित्तीय मैनेजमेंट के लिए बार-बार कर्ज ले रही सरकार अब वित्तीय सुशासन पर सख्त हो गई है। इसी के चलते राज्य सरकार ने विदेश दौरों पर रोक के साथ अफसरों के इकोनॉमी क्लास में हवाई सफर की गाइडलाइन दो साल के लिए लागू कर दी है।
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होटलों में कार्यशाला और प्रशिक्षण कार्यक्रम अगले दो सालों तक नही होंगे और कार्यालयों की साज सज्जा पर खर्च पर रोक रहेगी। साथ ही नई कंसल्टेंसी सेवाएं बंद रहेंगी।
राज्य सरकार के सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा एक माह पहले जारी किए गए इसी तरह के आदेश के बाद अब वित्त विभाग ने इस पर सख्ती की मुहर लगा दी है। वित्त विभाग द्वारा शुक्रवार को जारी निर्देश में कहा गया है कि वित्तीय वर्ष 2026-27 और आगामी वर्ष 2027-28 के बजट आवंटन को व्यवस्थित करने के लिए यह कड़ा फैसला लेना पड़ रहा है।
राज्य सरकार इस फैसले के जरिये फिजूलखर्ची पर पूरी तरह लगाम कसना चाहती है और इसीलिए अनर्गल गतिविधियों और खर्चों पर तत्काल प्रभाव से प्रतिबंध लगा दिया गया है। यह नियम सभी सरकारी विभागों, निगमों, मंडलों, सार्वजनिक उपक्रमों और विश्वविद्यालयों पर अनिवार्य रूप से लागू होगा।
वीआईपी संस्कृति और फिजूल खर्चों पर रोक
वित्त विभाग ने कहा है कि वीआईपी संस्कृति और फिजूलखर्ची से जुड़े कई बड़े खर्चों पर रोक लगा दी गई है। मसलन अब बेहद अनिवार्य मामलों को छोड़कर राज्य सरकार या उसके उपक्रमों के खर्च पर होने वाली सभी विदेश यात्राओं पर आगामी आदेश तक रोक रहेगी।
साथ ही नए साल या अन्य उत्सवों पर छपने वाले महंगे सरकारी कैलेंडर, डायरी के मुद्रण और वीआईपी उपहारों व स्वागत समारोहों के खर्च को भी पूरी तरह प्रतिबंधित कर दिया गया है। अधिकारियों के हवाई सफर को लेकर भी कड़ा रुख अपनाया गया है। इसके अंतर्गत सरकारी कार्यों के लिए इकोनॉमी क्लास के अलावा किसी भी अन्य श्रेणी में यात्रा करने पर पाबंदी लगा दी गई है।
होटलों में नहीं होगी कार्यशाला, बैठकों, प्रशिक्षण पर रोक
सीएम डॉ मोहन यादव की सहमति के बाद जारी निर्देशों में कहा गया है कि शासकीय बैठकों और कार्यालयों के रखरखाव में भी बड़े बदलाव किए गए हैं। अब होटलों या व्यावसायिक केंद्रों में होने वाली महंगी कार्यशालाओं, बैठकों और ट्रेनिंग प्रोग्राम्स पर रोक लगा दी गई है और इनके स्थान पर शासकीय भवनों के उपयोग या वर्चुअल माध्यम व वेबिनार को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए गए हैं। इसके अलावा कार्यालयों में होने वाले आंतरिक साज-सज्जा के गैर-जरूरी खर्चों को भी रोक दिया है।
व्हीकल पूलिंग नीति होगी अनिवार्य
परिवहन व्यवस्था को लेकर सरकार ने ‘व्हीकल पूलिंग’ नीति को अनिवार्य किया है। इसके अंतर्गत यदि किसी अधिकारी को अतिरिक्त प्रभार सौंपा जाता है, तो उस पद के वाहन को किसी अन्य पात्र अधिकारी को स्थानांतरित किया जाएगा ताकि किराए के वाहनों का खर्च कम हो सके।
विभागाध्यक्षों को निर्देश दिए गए हैं कि वे अनुबंधित गाड़ियों की संख्या सीमित करें और दो या दो से अधिक अधिकारियों के बीच एक ही वाहन आवंटित करने की व्यवस्था सुनिश्चित करें। इसके साथ ही किसी भी प्रकार की नई परामर्श सेवाओं (Consultancy Services) के अनुबंध पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है।
निगम-मंडल लाभांश की राशि शासन के खाते में जमा करेंगे
राज्य के खजाने को मजबूत करने के लिए राज्य शासन ने एक और महत्वपूर्ण वित्तीय कदम उठाया है। इसके अंतर्गत सभी निगमों, मंडलों और सरकारी उपक्रमों को निर्देशित किया गया है कि वे अपने लाभांश (Dividend) की अधिकतम संभव राशि सीधे राज्य शासन के खाते में जमा कराएं।

