गैंगस्टर दीपू रावत को 2 साल की कैद:सोनभद्र कोर्ट ने 5 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया, आर्म्स एक्ट समेत कई मुकदमे दर्ज हैं
सोनभद्र की विशेष न्यायाधीश गैंगस्टर एक्ट अदालत ने शुक्रवार को एक महत्वपूर्ण फैसले में गैंग लीडर दीपू रावत को दो साल कैद और 5 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। यह सजा करीब डेढ़ साल पहले दर्ज हुए गैंगस्टर एक्ट के मामले में दी गई है। जुर्माना न भरने पर दीपू रावत को एक महीने की अतिरिक्त कैद भुगतनी होगी। जेल में बिताई गई अवधि सजा में समायोजित की जाएगी। अभियोजन पक्ष के अनुसार, अनपरा थाने के प्रभारी निरीक्षक पंकज पांडेय ने 10 अक्टूबर 2024 को एक तहरीर दी थी। इसमें बताया गया था कि दीपू रावत (पुत्र स्वर्गीय ददुना रावत, निवासी कौव्वानाला, सरकारी स्कूल के पास, थाना अनपरा, सोनभद्र) एक सक्रिय गैंग का सरगना है। इस गैंग में रविशंकर (पुत्र रामधनी, निवासी संतोषी माता मंदिर के पास कौव्वानाला, थाना अनपरा, सोनभद्र) भी एक सक्रिय सदस्य है। इनके खिलाफ चोरी, धोखाधड़ी और आर्म्स एक्ट सहित कई मामले विचाराधीन हैं। गैंग का मुख्य उद्देश्य लोगों में भय पैदा कर आर्थिक लाभ कमाना है। इनके खौफ के कारण कोई भी व्यक्ति इनके खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने या गवाही देने की हिम्मत नहीं करता, जिससे इनका वर्चस्व कायम है। इसी तहरीर के आधार पर 10 अक्टूबर 2024 को अनपरा थाने में गैंगस्टर एक्ट के तहत एफआईआर दर्ज की गई थी। विवेचना के दौरान पर्याप्त सबूत मिलने के बाद विवेचक ने गैंग लीडर दीपू रावत के खिलाफ कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की थी। मामले की सुनवाई करते हुए, अदालत ने दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं के तर्कों, गवाहों के बयानों और पत्रावली का अवलोकन करने के बाद दीपू रावत को दोषी पाया और उपरोक्त सजा सुनाई। अभियोजन पक्ष की ओर से सरकारी वकील धनंजय शुक्ला ने पैरवी की।
Source link

