करनाल में एसडीएम ने किया सरकारी स्कूल का निरीक्षण:देर से पहुंचे शिक्षक, व्यवस्थाओं की खुली पोल,प्रार्थना सभा, मिड-डे मील, क्लासरूम और कंप्यूटर लैब की जांच

करनाल में एसडीएम ने किया सरकारी स्कूल का निरीक्षण:देर से पहुंचे शिक्षक, व्यवस्थाओं की खुली पोल,प्रार्थना सभा, मिड-डे मील, क्लासरूम और कंप्यूटर लैब की जांच




करनाल जिला के घरौंडा क्षेत्र में यमुना से सटे गांव लालुपुरा स्थित राजकीय उच्च विद्यालय में शुक्रवार सुबह उस समय हड़कंप मच गया, जब एसडीएम राजेश सोनी ने सुबह-सुबह अचानक स्कूल में निरीक्षण किया। स्कूल की घंटी बजने के पांच मिनट बाद ही एसडीएम मौके पर पहुंच गए और व्यवस्थाओं की बारीकी से जांच शुरू कर दी। इस दौरान कुछ शिक्षक समय पर मौजूद मिले, जबकि कुछ शिक्षक निर्धारित समय के बाद स्कूल पहुंचे, जिस पर एसडीएम ने सख्त रुख अपनाया। प्रार्थना सभा के दौरान स्टेज पर एसडीएम को खड़ा देख अध्यापकों में हड़कंप की स्थिति बन गई। कई शिक्षक हाजिरी रजिस्टर ढूंढते नजर आए, लेकिन वह पहले से ही एसडीएम के कब्जे में था। हाजिरी रजिस्टर से शुरू हुआ पूरा निरीक्षण
एसडीएम राजेश सोनी ने सबसे पहले शिक्षकों का हाजिरी रजिस्टर अपने कब्जे में लेकर उपस्थिति की जांच की। इसके बाद उन्होंने प्रार्थना सभा की व्यवस्था का जायजा लिया और उसकी गुणवत्ता का आकलन किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने मिड-डे मील किचन और स्टोर रूम का भी निरीक्षण किया। यहां रखे खाद्यान्न की गुणवत्ता को जांचा गया और भोजन तैयार करने की प्रक्रिया को बारीकी से परखा गया। एसडीएम ने बच्चों से सीधे बातचीत कर उनकी पढ़ाई, पसंद-नापसंद और समझ का स्तर जानने का प्रयास किया। उन्होंने खुद क्लास लेकर बच्चों से सवाल भी पूछे। कुछ बच्चों ने जवाब दिए, जबकि कई बच्चे संकोच के कारण खुलकर बोल नहीं पाए। साफ-सफाई और स्कूल वातावरण पर विशेष ध्यान
निरीक्षण के दौरान स्कूल परिसर की साफ-सफाई और समग्र वातावरण का भी निरीक्षण किया गया। एसडीएम ने शिक्षकों को निर्देश दिए कि वे केवल पढ़ाई तक सीमित न रहें, बल्कि बच्चों के स्किल डेवलपमेंट और व्यक्तित्व विकास पर भी ध्यान दें। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्र के बच्चों को भी शहरी स्कूलों जैसी सुविधाएं और अवसर मिलने चाहिए। व्यवस्थाओं में खामियां आई सामने
निरीक्षण के दौरान कई कमियां भी सामने आईं। कुछ कक्षाओं में पंखे खराब पाए गए, वहीं कई जगहों पर लाइट की उचित व्यवस्था नहीं थी। कंप्यूटर लैब पूरी तरह से सुचारू रूप से संचालित नहीं हो रही थी। इसके अलावा स्कूल भवन की छत में मरम्मत की जरूरत पाई गई। शौचालयों की स्थिति भी संतोषजनक नहीं थी, जिस पर सुधार के निर्देश दिए गए। एसडीएम राजेश सोनी ने बताया कि कुछ समस्याएं प्रशासनिक स्तर की हो सकती हैं, जिन्हें सरकार के संज्ञान में लाया जाएगा। इसके लिए बीईओ से भी बातचीत की जाएगी। शिक्षकों की उपस्थिति और पढ़ाई पर उठे सवाल
निरीक्षण के दौरान यह भी पाया गया कि कुछ शिक्षक समय पर स्कूल नहीं पहुंचे थे। इस पर एसडीएम ने अनुपस्थित शिक्षकों को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि यह भी जांच का विषय है कि शिक्षक नियमित रूप से समय पर आ रहे हैं या नहीं और बच्चों को सही तरीके से पढ़ा रहे हैं या नहीं। उन्होंने यह भी कहा कि कई बार स्कूलों में कॉन्सेप्ट बिल्डिंग पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया जाता, जिससे बच्चे विषय को पूरी तरह समझ नहीं पाते। इस दिशा में शिक्षकों को विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है। पर्यावरण के प्रति बच्चों को किया जागरूक
निरीक्षण के दौरान एसडीएम ने बच्चों से पर्यावरण संरक्षण से जुड़े सवाल भी पूछे। बच्चों ने बताया कि पर्यावरण बचाने के लिए पौधे लगाना जरूरी है। इस पर एसडीएम ने घोषणा की कि सोमवार को स्कूल में पौधे भेजे जाएंगे और पौधारोपण कराया जाएगा, ताकि बच्चों को पर्यावरण के प्रति जागरूक किया जा सके। आंगनवाड़ी और अन्य व्यवस्थाओं का भी लिया जायजा
एसडीएम ने बताया कि उन्होंने स्कूल के साथ आंगनवाड़ी केंद्र का भी निरीक्षण किया और क्लासरूम की स्थिति का जायजा लिया। कंप्यूटर लैब के बारे में उन्होंने कहा कि लैब अच्छी है, लेकिन इंफ्रास्ट्रक्चर में कुछ दिक्कतें हैं। इसके बावजूद शिक्षक बच्चों को बेसिक जानकारी दे रहे हैं। मरम्मत और सुधार के लिए विभागों को निर्देश
स्कूल भवन की छत में टपकने की समस्या को लेकर एसडीएम ने कहा कि भवन कंडम नहीं है, लेकिन मरम्मत की जरूरत है। इसके लिए पीडब्ल्यूडी विभाग से बात की जाएगी। वहीं शौचालयों की स्थिति सुधारने के लिए हेड टीचर को निर्देश दिए गए हैं। औचक निरीक्षण आगे भी जारी रहेंगे
एसडीएम राजेश सोनी ने स्पष्ट किया कि इस तरह के औचक निरीक्षण लगातार जारी रहेंगे। उन्होंने कहा कि जहां अच्छा काम हो रहा है, वहां प्रशंसा की जाएगी और जहां कमी मिलेगी, उसे तुरंत सुधारने के निर्देश दिए जाएंगे। उन्होंने सभी स्कूलों को चेतावनी दी कि किसी भी समय निरीक्षण किया जा सकता है, इसलिए सभी संस्थान अपनी व्यवस्थाएं दुरुस्त रखें। उन्होंने कहा कि निरीक्षण का उद्देश्य किसी को परेशान करना नहीं, बल्कि सरकारी स्कूलों की व्यवस्था को बेहतर बनाना है, ताकि बच्चों को बेहतर शिक्षा और समान अवसर मिल सके।



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