स्कूल अग्निकांड, मृतक कर्मचारी पर 51.24 लाख गबन का आरोप:कोर्ट के आदेश पर FIR दर्ज, स्कूल प्रबंधन बोला-सबूत मिटाने के लिए लगाई थी आग
पाली के सर्किट हाउस रोड स्थित एडी डागा पब्लिक स्कूल में 24 जून की रात आग लगाकर सुसाइड करने वाले स्कूल कर्मचारी राघवेंद्र शर्मा के मामले में नया मोड़ आ गया है। स्कूल प्रबंधन ने अब मृतक राघवेंद्र के खिलाफ ही 51.24 लाख रुपए के गबन का मामला दर्ज करवाया है। आरोप लगाया गया है कि राघवेंद्र ने स्कूल के बैंक खाते से राशि अपने निजी खाते में ट्रांसफर की और इसे छिपाने के लिए रिकॉर्ड रूम सहित अन्य जगहों पर आग लगा दी। इसके बाद उसने फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। कोर्ट के आदेश पर कोतवाली थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। कोतवाल रविंद्र सिंह खिंची ने बताया – सर्किट हाउस रोड स्थित एडी डागा पब्लिक स्कूल में आगजनी और आत्महत्या के मामले में स्कूल प्रबंधन ने दिवंगत कर्मचारी राघवेंद्र शर्मा को जिम्मेदार बताया है। स्कूल प्रबंधन की ओर से करीब एक महीने बाद कोर्ट के माध्यम से FIR दर्ज करवाई गई है। FIR में आरोप लगाया गया है कि राघवेंद्र शर्मा ने स्कूल के एचडीएफसी बैंक खाते से 51 लाख 24 हजार 983 रुपए अपने निजी खाते में ट्रांसफर किए थे। रिपोर्ट के अनुसार 17 मई से 20 जून के बीच छुट्टियों के दौरान यह राशि ट्रांसफर की गई। इसके बाद यह रकम अन्य खातों में भेज दी गई। हिसाब देने की बारी आई तो रिकॉर्ड रूम में लगाई आग स्कूल प्रबंधन का आरोप है कि जब राघवेंद्र से पैसों का हिसाब मांगा जाने लगा तो उसने सबूत मिटाने की कोशिश की। आरोप है कि उसने स्कूल के रिकॉर्ड रूम सहित अन्य जगहों पर आग लगा दी। इस आग में स्कूल के महत्वपूर्ण दस्तावेज, कंप्यूटर, CPU, CCTV कैमरे और DVR जलकर नष्ट हो गए थे। इसके बाद राघवेंद्र ने फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। अनुभव स्मारक ट्रस्ट के अध्यक्ष कुशल चंद (85) की ओर से कोर्ट में इस्तगासा पेश किया गया था। कोर्ट के आदेश के बाद कोतवाली थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपों की जांच शुरू कर दी है। देर रात स्कूल पहुंचा, गार्ड को भेज दिया था घर FIR के अनुसार 24 जून को स्कूल के एक सहकर्मी ने राघवेंद्र से ईमेल का पासवर्ड मांगा था। आरोप है कि उसने सही पासवर्ड देने के बजाय जानबूझकर गलत पासवर्ड वॉट्सऐप कर दिया। इसके बाद पोल खुलने के डर से वह 24 जून की रात स्कूल पहुंचा। रिपोर्ट में बताया गया कि स्कूल पहुंचने के बाद उसने अस्थायी गार्ड किशन को घर भेज दिया और कहा कि उसे जरूरी काम निपटाना है। अगले दिन 25 जून सुबह करीब 7:30 बजे स्कूल के ऑफिस में आग लगने की जानकारी मिली। आग से प्रिंसिपल कक्ष, राघवेंद्र का केबिन, रिकॉर्ड रूम और विजिटर हॉल पूरी तरह जल गए थे। स्कूल के भौतिक रिकॉर्ड, कंप्यूटर सिस्टम, CPU, CCTV कैमरे और DVR भी आग की चपेट में आ गए थे। बैंक खातों की जांच में गबन का पता चलने का दावा स्कूल प्रबंधन ने FIR में बताया कि बैंक खातों की जांच के दौरान कथित गबन का पता चला। रिपोर्ट में बताया गया कि राघवेंद्र पिछले 7 साल से स्कूल में कैश बुक, फीस और बैंक खातों की जिम्मेदारी संभाल रहा था। उसने संस्था का भरोसा जीत रखा था। FIR में राघवेंद्र की पत्नी के बयान का भी जिक्र किया गया है। इसमें बताया गया कि राघवेंद्र पिछले एक-दो महीने से शेयर ट्रेडिंग का काम कर रहा था और काफी परेशान था। ट्रेडिंग में नुकसान और पकड़े जाने के डर का जताया अंदेशा रिपोर्ट में टैगोर नगर निवासी राघवेंद्र शर्मा पुत्र सुरेश नारायण शर्मा के परिचित दलपत सिंह का भी जिक्र किया गया है। आरोप लगाया गया है कि राघवेंद्र ऑनलाइन पुराने सिक्कों के कारोबार से भी जुड़ा हुआ था। स्कूल प्रबंधन ने आशंका जताई है कि गबन की राशि ट्रेडिंग और अन्य सौदों में डूब गई होगी। पकड़े जाने के डर से उसने सबूत मिटाने के लिए आगजनी की और इसी वजह से आत्महत्या कर ली। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी।
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