दीमक ने किसान के 5 लाख रुपए खाए:चोरी होने के डर से खेत की जमीन में छुपाए थे, मकान बनाने के लिए बेचा था प्लॉट

दीमक ने किसान के 5 लाख रुपए खाए:चोरी होने के डर से खेत की जमीन में छुपाए थे, मकान बनाने के लिए बेचा था प्लॉट




किसान ने घर बनाने के लिए 5 लाख में प्लॉट (भूखंड) बेचा। रुपए चोरी नहीं हो और खर्च नहीं हो इसके लिए किसान ने अपने खेत में रुपए गड्ढा खोदकर छुपा दिए। नशे की लत और भूलने की बीमारी के कारण रुपए ढूंढे लेकिन उसको मिले नहीं। इस बार खेत में बुवाई चल रही थी। तभी नोटों की थैली मिली लेकिन उसमें दीमक लगने के कारण रुपए चट हो गए। यह अजब कहानी बालोतरा जिले के पचपदरा थाने के नेवाई गांव किसान मांगीलाल की है। 60-70 फीसदी नोट पूरे खत्म किसान मांगीलाल ने पचपदरा और बालोतरा बैंकों के चक्कर लगाए। लेकिन बैक कर्मियों ने उनको कहा- जिस नोटों की सीरियल है वो चेंज हो सकते है। जयपुर ऑफिस जाने के लिए कहा है। किसान के 60-70 फीसदी नोट दीमक लगने से पूरे खत्म हो गए है। दरअसल, 50 साल के किसान मांगीलाल पचपदरा से पांच किलोमीटर दूर नेवाई गांव में रहता है। इसका पचपदरा में एक प्लॉट था। एक साल पहले गांव में छोटा मकान बनाने के लिए प्लॉट बेच दिया। उससे मिले 5 लाख रुपए लेकर गांव आया। गांव में बड़ी रकम को कहां पर रखें। चोरी होने के डर से पांच लाख पॉलिथिन थैली में खेत में गहरा गड्ढा खोदकर उसमें छुपा दिए। डेढ-दो माह बाद जब किसान ने मकान बनाने के लिए रुपए निकालने के लिए पहुंचा। लेकिन वह जगह उसे मिली नहीं। काफी प्रयास किया लेकिन थक हार कर बैठ गया। बारिश के बाद बुवाई करने पर मिली थैली चार दिन पहले किसान ने खेत में बुवाई करवाई। रात का समय होने के कारण बुवाई के दूसरे दिन सुबह तारबंदी सही करने के लिए मांगीलाल की पत्नी और बेटा गए। वहां पर नोटों की थैली बाहर पड़ी मिली। इसके बाद पत्नी के होश उड़ गए। थैली में दीमकों के साथ पांच पांच सौ के कटे फटे नोट मिलने पर अपना सिर पीट लिया। एक साल जमीन में रखे पैसों को दीमक लगने से टुकड़े- टुकड़े हो गए। किसान नोटों को लेकर बैंक पहुंचा किसान मांगीलाल उन कटे फटे नोटो को इकट्ठा कर पचपदरा स्थित SBI बैंक पहुंचा। लेकिन नोटो की हालत देखते हुए बैंक ने भी उसे लेने से इनकार कर दिया। वहां से वे बालोतरा में बैंक की मुख्य शाखा भी पहुंचे। लेकिन वहां भी उन्हें निराशा हाथ लगी। वहां से उन्हें अब जयपुर जाने को कहा गया। लेकिन अनपढ़ व तंगहाली के कारण अब वहां जाने में असमर्थ है। किसान पछता रहा है अब मांगीलाल अपनी इस बड़ी गलती पर पछता रहा है। घर में उन कटे फटे नोटो को देखते हुए इसकी पत्नी की आँखों में पति की इस गलती पर आंसू निकल पड़े। इसने बताया काश इसके बारे में मुझे बताया होता तो आज इतना बड़ा नुकसान नहीं उठाना पड़ता।



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