कुल्लू के निरमंड में 25 अगस्त को किसानों का प्रदर्शन:रामपुर परियोजना से प्रभावितों ने खोला मोर्चा; कहा-रॉयल्टी का भुगतान नहीं किया
हिमाचल किसान सभा रामपुर परियोजना 412 मेगावाट प्रभावित कमेटी के सचिवालय सदस्यों की बैठक बुधवार को चाटी स्थित कार्यालय में आयोजित हुई। इस बैठक में परियोजना प्रभावित किसानों की लंबित मांगों पर चर्चा की गई। साथ ही 25 अगस्त को निरमंड में प्रस्तावित प्रदर्शन को सफल बनाने की रणनीति भी तैयार की गई। किसान सभा के जिला अध्यक्ष रणजीत ठाकुर ने बैठक को संबोधित करते हुए बताया कि 412 मेगावाट परियोजना का निर्माण कार्य वर्ष 2014 में पूरा हो चुका था और इसके बाद बिजली उत्पादन शुरू कर दिया गया था। परियोजना से प्रभावित परिवारों को कुल बिजली उत्पादन का एक प्रतिशत रॉयल्टी के रूप में प्रतिवर्ष दिया जाना है। ठाकुर ने कहा कि अभी तक केवल वर्ष 2019-20 तक की राशि ही प्रभावित परिवारों को मिल पाई है। इसके बाद की रॉयल्टी का भुगतान अभी तक नहीं किया गया है। उन्होंने यह भी बताया कि परियोजना निर्माण के दौरान धूल के कारण किसानों की फसलों को हुए नुकसान का वर्ष 2012-13 और 2013-14 का मुआवजा भी प्रभावित परिवारों को नहीं मिला है। इससे किसानों में भारी रोष है। परिवारों के सामने आर्थिक संकट उन्होंने कहा कि प्रभावित किसानों को उम्मीद थी कि उन्हें हर वर्ष रॉयल्टी के रूप में आर्थिक सहायता मिलेगी, लेकिन समय पर भुगतान नहीं होने से परिवारों के सामने आर्थिक संकट पैदा हो रहा है। ठाकुर ने प्रदेश सरकार, ऊर्जा विभाग और प्रशासन पर प्रभावितों की अनदेखी करने का आरोप लगाया। बैठक में बनाई रणनीति किसान सभा ने चेतावनी दी कि वे इसे बर्दाश्त नहीं करेंगे। 25 अगस्त के प्रदर्शन में सैकड़ों लोगों के शामिल होने का दावा किया गया है। बैठक में देवकी नंद, पूर्ण ठाकुर, पर्स राम, कुलदीप, दयाल, महेश, मिलाप और हरि सिंह सहित कई सदस्य मौजूद रहे।
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