बाबू भगवानदास वर्मा की पुण्यतिथि पर ‘शौर्य स्मृति’ का विमोचन:साहित्यकारों ने स्वतंत्रता सेनानी को किया नमन, पुस्तकालय बनाया जाएगा
निवाड़ी जिले के पृथ्वीपुर में मंगलवार को स्वतंत्रता संग्राम सेनानी बाबू भगवान दास वर्मा की 13वीं पुण्यतिथि मनाई गई। इस अवसर पर सिद्धिविनायक गार्डन में ‘शौर्य स्मृति’ स्मारिका का विमोचन किया गया। यह कार्यक्रम सिर्फ पुण्यतिथि समारोह नहीं था, बल्कि स्वतंत्रता आंदोलन की विरासत को याद करने का मौका भी था। सिद्धिविनायक गार्डन में कार्यक्रम की शुरुआत राष्ट्रगान से हुई। इसके बाद अतिथियों और मौजूद लोगों ने बाबू भगवान दास वर्मा के चित्र पर फूल चढ़ाकर श्रद्धांजलि दी। कार्यक्रम में अलग-अलग राजनीतिक दलों के जनप्रतिनिधि, समाजसेवी, अधिकारी, वकील, पत्रकार और बड़ी संख्या में साहित्यकार शामिल हुए। साहित्यकारों द्वारा लिखी गई ‘शौर्य स्मृति’ स्मारिका का विधिवत विमोचन किया गया। इस स्मारिका में बाबू भगवान दास वर्मा के व्यक्तित्व, उनके कामों, स्वतंत्रता संग्राम में उनके योगदान और उनके सामाजिक सरोकारों को शब्दों में संजोया गया है। इस दौरान पूर्व विधायक डॉ. शिशुपाल सिंह यादव ने बाबू भगवान दास वर्मा के नाम पर एक संग्रहालय बनाने की मांग रखी। कार्यक्रम की अध्यक्षता सर्वाेदय मंडल के संयोजक और गांधीवादी-समाजवादी चिंतक कैलाश रावत ने की। उन्होंने बाबू भगवान दास वर्मा को महात्मा गांधी का असल वारिस बताया। रावत ने कहा कि बाबूजी सिर्फ स्वतंत्रता सेनानी नहीं थे, बल्कि त्याग और तपस्या की जीती-जागती मिसाल थे। कैलाश रावत ने स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान बाबू भगवान दास वर्मा के संघर्ष को याद किया। उन्होंने बताया कि बाबूजी ने अपनी सुख-सुविधाओं की चिंता किए बिना राष्ट्रहित को सबसे ऊपर रखा और गांधीवादी विचारों को अपने जीवन में अपनाया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि भाजपा के पूर्व विधायक डॉ. शिशुपाल सिंह यादव रहे। उन्होंने बाबू भगवान दास वर्मा के व्यक्तित्व और कृतित्व पर प्रकाश डालते हुए उनके स्वतंत्रता संग्राम में योगदान, त्याग, बलिदान और संघर्ष को नमन किया। पुस्तकालय स्थापित करने की घोषणा
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