Bikaner Nikay Chunav 2026 | Nokha Nagar Palika Board Formation Status
बीकानेर जिले के 7 स्थानीय निकायों में कांग्रेस और भाजपा की स्थिति एक जैसी है। 3 निकायों में कांग्रेस को बढ़ती मिली है जबकि 3 में भाजपा आगे है।
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वहीं नोखा निकाय में दोनों पार्टियां नोखा विकास मंच से पीछे है। यहां अध्यक्ष बनाने के लिए दोनों ही पार्टियां मेहनत कर रहीं हैं। बाड़ेबंदी और सियासी समीकरण में निर्दलीय उम्मीदवार भाजपा के साथ जाते नजर आ रहे हैं।
कहां कौन आगे
निगम में कांग्रेस को बहुमत, भाजपा जोड़-तोड़ कर रही
बीकानेर जिले में कांग्रेस को बीकानेर नगर निगम श्रीडूंगरगढ़ और देशनोक में बढ़त मिली है। इसमें अकेले बीकानेर निगम में ही कांग्रेस को स्पष्ट बहुमत है जबकि श्रीडूंगरगढ़ और देशनोक में कांग्रेस की सीटें भाजपा से ज्यादा है लेकिन स्पष्ट बहुमत नहीं है। ऐसे में यहां भाजपा जोड़तोड़ से अपना बोर्ड बनाने की कोशिश में है। श्रीडूंगरगढ़ में इस बार बना विकास मंच जिस पार्टी के साथ खड़ा होगा, उसका ही बोर्ड बनेगा।
2 पालिकाओं को भाजपा को बहुमत
भाजपा को स्पष्ट रूप से लूणकरनसर और खाजूवाला दोनों में स्पष्ट बहुमत मिला है। लूणकरनसर में 35 में से 23 पार्षद जीते हैं। यहां भाजपा आसानी से अपना बोर्ड बना लेगी लेकिन खाजूवाला में 20 में 11 पार्षद जीते हैं। कांग्रेस के 8 और निर्दलीय 1 पार्षद है। भाजपा को अपने सभी पार्षदों को सुरक्षित रखने की जिम्मेदारी है, वहीं एक निर्दलीय भी उनके साथ रहना चाहिए।
मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी बीकानेर में अपना बोर्ड बना रही है। ये बात अलग है कि यहां इसका सिर्फ नाम ही है, जबकि चुनाव नोखा विकास मंच ने लड़ा। यहां माकपा को बढ़त है। कांग्रेस ने कोई उम्मीदवार ही खड़ा नहीं किया, जबकि भाजपा के 13 पार्षद जीते हैं।
बड़े नेताओं की प्रतिष्ठा दांव पर
बीकानेर में कांग्रेस और भाजपा के कई सीनियर नेताओं की प्रतिष्ठा दाव पर है। भाजपा की ओर से केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुनराम मेघवाल जहां पूरे जिले में सक्रिय थे। वहीं कांग्रेस की ओर से नगर निगम में पूर्व मंत्री डॉ. बी.डी. कल्ला मैदान संभाले हुए थे। जबकि देहात में अध्यक्ष बिशनाराम सियाग का नेतृत्व रहा। निगम चुनाव में भाजपा को बहुमत नहीं मिला तो अर्जुनराम मेघवाल की सक्रियता कम हो गई जबकि चूरू के भाजपा नेता राजेंद्र सिंह राठौड़ का नाम सामने आया। नोखा में पूर्व विधायक बिहारी लाल बिश्नोई के नेतृत्व में पूरा चुनाव लड़ा गया लेकिन भाजपा यहां कमाल नहीं कर पाई।
तस्वीर, नवरतन डागा की है, उन्होंने शुक्रवार को कांग्रेस के समर्थन में अपना नाम वापस ले लिया था।
मेघवाल के इलाके में 1 सीट ज्यादा मिली
खाजूवाला में भाजपा विधायक डॉ. विश्वनाथ मेघवाल की प्रतिष्ठा बाल-बाल बच गई है क्योंकि बहुमत से सिर्फ एक सीट ज्यादा मिली है। अभी भी सभापति बनने तक उन्हें सक्रिय ही रहना पड़ेगा क्योंकि थोड़ी सी गड़बड़ कांग्रेस को लाभ दे सकती है। सबसे शानदार प्रदर्शन केबिनेट मंत्री सुमित गोदारा का रहा है। गोदारा के गृह क्षेत्र लूणकरनसर में भाजपा ने साफ बढ़त बनाकर साबित कर दिया कि वो बोर्ड बनाएंगे। वहीं नापासर में भी भाजपा बोर्ड बनाने की स्थिति में है। देशनोक में विधायक अंशुमान सिंह भाटी के नेतृत्व में जीत नहीं मिल सकी, लेकिन जोड़तोड़ से अध्यक्ष बनाने की कोशिश जारी है।
बीकानेर नगर निगम
- कांग्रेस: अनिल कल्ला
- भाजपा: सुरेंद्र सिंह शेखावत
(कांग्रेस 42, भाजपा 27, अन्य 11)
लूणकरनसर
- कांग्रेस: गणेश नाथ
- भाजपा: चंद्र मोहन डाल
(कांग्रेस 11, भाजपा 23, निर्दलीय 1)
देशनोक
- कांग्रेस: सरिता मूंधड़ा
- भाजपा: चंदा देवी
(कांग्रेस 15, भाजपा 7, निर्दलीय 3)
नापासर
- कांग्रेस: पूजा गोयल
- भाजपा: संगीता नायक
- निर्दलीय: माया इणखिया
(कांग्रेस 7, भाजपा 10, आरएलपी 2, निर्दलीय 6)
नोखा
- माकपा : बजरंग सोनी
- भाजपा दिनेश सुथार
- निर्दलीय : रेवंतराम
(माकपा : 29, भाजपा 13, निर्दलीय 3)
श्रीडूंगरगढ़
- कांग्रेस: राधेश्याम सारस्वत
- भाजपा: नारायण कल्याणी
- विकास मंच: जतन सिंह राजपुरोहित
(कांग्रेस 15, भाजपा 13, श्रीडूंगरगढ़ विकास मंच 9, निर्दलीय 2)
खाजूवाला
- भाजपा: मंगल सिंह रामगढ़िया
- कांग्रेस: रेणु सहारण
(भाजपा 11, कांग्रेस 8, निर्दलीय 1)
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