IIT-BHU Gangrape Case | Varanasi Court Hearing Witness Update


वाराणसी के आईआईटी बीएचयू की छात्रा से सामूहिक दुष्कर्म मामले में बुधवार को फास्टट्रैक (प्रथम) के न्यायाधीश कुलदीप सिंह की अदालत में सुनवाई हुई। आरोपी कुणाल पांडेय और सक्षम पटेल की ओर से बचाव साक्ष्य के लिए तलब किए गए गवाहों में से एक अदालत में उपस्थि

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आरोपियों ने सफाई गवाही के लिए तत्कालीन आईआईटी पोस्ट, बीएचयू में तैनात सुरक्षाकर्मी संतोष कुमार त्रिपाठी और सौरभ सिंह को गवाही के लिए तलब करने की मांग की गई थी, जिससे उस रात का घटनाक्रम बताया जा सके।

लगातार तीन तारीखों पर गवाहों के पेश नहीं होने पर सवाल उठे तो आरोपियों ने बीएचयू प्रशासन पर गवाह नहीं भेजने का आरोप लगाया। कोर्ट में बचाव पक्ष ने प्रार्थना पत्र देकर कहा कि बीएचयू प्रशासन के दबाव के कारण गवाह सही तथ्य रखने की स्थिति में नहीं है।

इसके चलते दोनों गवाहों की गवाही का अवसर समाप्त करने की मांग की गई। अदालत ने अवसर समाप्त कर अभिलेखीय साक्ष्य प्रस्तुत करने के लिए 29 सितंबर की तारीख नियत की है। इस तारीख पर नहीं आने वाले गवाहों को फिर नहीं सुना जाएगा।

दोनों गवाहों में एक पहुंचा, दावों से उल्ट बयान

कोर्ट में गैंगरेप के आरोपी कुणाल पांडेय और सक्षम पटेल की ओर से सफाई साक्ष्य के लिए तत्कालीन आईआईटी पोस्ट, बीएचयू में तैनात सुरक्षाकर्मी संतोष कुमार त्रिपाठी और सौरभ सिंह को गवाही के लिए तलब करने की मांग की गई थी।

अदालत ने दोनों को समन भेजकर वारदात की रात में उनकी मौजूदगी और संज्ञान में आए घटनाक्रम पर बयान के लिए तलब किया था। तलबी के बाद एक गवाह पहुंचा और उसने भी बचाव पक्ष के दावों से उलट ही गवाही दी।

इसके बाद आरोपियों की ओर से अधिवक्ता ने दोनों की गवाही का अवसर समाप्त करने का अनुरोध किया गया। सुनवाई के दौरान तीनों आरोपित अपने अधिवक्ताओं के साथ उपस्थित रहे।

मामले में पीड़िता, उसके दोस्त, डॉक्टर और दूसरे विवेचक सहजानंद राय और शिवाकांत मिश्रा समेत सभी प्रमुख गवाहों की गवाही और जिरह पूरी हो चुकी है। अब केवल आरोपियों के सफाई गवाही शेष है। उनके बयान के बाद बचाव पक्ष अपनी अंतिम दलीलें पेश करेगा।

अदालत में तीनों आरोपितों कुणाल पांडेय,आनंद चौहान व सक्षम पटेल के अलावा उनके अधिवक्ता श्री नाथ त्रिपाठी, अजय सिंह, राजीव रंजन सिंह, कुंदन सिंह और अभियोजन पक्ष की ओर से एडीजीसी मनोज गुप्ता मौजूद रहे।

अभियोजन की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता (ADCG) मनोज कुमार गुप्ता कोर्ट में पैरवी कर रहे हैं।

2023 की आधी रात गैंगरेप हुआ था

IIT-BHU की छात्रा के साथ 31 अक्टूबर को 2023 की आधी रात गैंगरेप हुआ था। उसने पुलिस और कोर्ट में अपने बयान दिए थे, जिसमें अपने साथ एक दोस्त की मौजूदगी भी बताई थी। 22 अगस्त, 2024 को पहली बार कोर्ट में पीड़ित ने बयान दर्ज कराए, जिसमें पूरी वारदात में अपने दोस्त को चश्मदीद बताया।

इसके बाद उसके दोस्त को कोर्ट ने तलब किया और कोर्ट पहुंचकर छात्रा की बात पर सहमति जताते हुए गवाही दी। अब तक इसमें आरोपित कुणाल पांडेय और सक्षम पटेल के वकील की जिरह की कार्रवाई पूरी हो गई।अदालत ने अब तीसरे आरोपित आनंद चौहान के वकील द्वारा बचाव अभियोजन पक्ष के अहम गवाह व पीड़िता के दोस्त से जिरह की अनुमति मांगी थी।

इससे पहले पीड़िता के दोस्त से जिरह की कार्रवाई पूरी न करने पर अदालत ने बीते साल नौ दिसंबर को आनंद चौहान के स्थगन प्रार्थना पत्र को निरस्त कर दिया था। गुरुवार को सुनवाई के दौरान आनंद चौहान की ओर से पीड़िता के दोस्त से जिरह करने का अवसर देने की अपील की गई।

इसे अदालत ने स्वीकार कर लिया और आज की तारीख तय की। पीड़िता के साथी द्वारा पूर्व में दिए गए बयान के संबंध में आरोपित कुणाल पांडेय व सक्षम पटेल के वकीलों की जिरह की कार्यवाही पूरी होने के बाद तीसरे आरोपित आनंद चौहान की ओर से जिरह की कार्यवाही की जा रही थी।

बता दें कि बीएचयू परिसर में 1 नवंबर 2023 की रात में आइआइटी की छात्रा के साथ तीन युवकों ने सामूहिक दुष्कर्म का पीड़िता ने लंका थाना में मुकदमा दर्ज कराया था। घटना के समय पीड़िता का साथी मौके पर मौजूद था।

सरकारी वकील बोले- आरोपियों को कड़ी सजा दिलाएंगे

अभियोजन की ओर से अधिवक्ता (ADCG) मनोज कुमार गुप्ता कहते हैं- आज केस में अहम गवाही है, केस के विवेचक को कोर्ट में बुलाया जाएगा। वो चार्जशीट और केस डायरी पर सवालों के जवाब देंगे। इसके बाद हमारी कोशिश होगी कि कोर्ट आरोपियों के खिलाफ कड़ी सजा सुनाए जाने की पैरवी करेंगे।

बताया कि पहले ही जज कुलदीप सिंह ने पिछली तारीख पर ही सुनवाई में केस के आरोपी की स्टे पिटिशन (स्थगन याचिका) को खारिज कर दिया था। कोर्ट ने यह भी कहा था कि कार्रवाई में बाधक बनने पर आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।

पहले आनंद, फिर कुणाल और सक्षम की रिहाई हो चुकी

वाराणसी फास्ट ट्रैक कोर्ट में याचिका खारिज होने के बाद सबसे पहले आरोपी आनंद ने 11 नवंबर, 2023 को जमानत याचिका हाईकोर्ट में दायर की थी। आनंद ने परिजन की बीमारी समेत कई कारण बताए। इस पर कोर्ट ने 2 जुलाई, 2024 को जमानत स्वीकार कर ली, लेकिन कई शर्तें भी लगाईं।

आनंद के जमानत स्वीकार होते ही दूसरे आरोपी कुणाल ने भी 2 जुलाई को हाईकोर्ट में जमानत याचिका दायर की। 4 जुलाई को कोर्ट ने उसकी भी जमानत स्वीकार कर ली, लेकिन जमानतदारों के वैरिफिकेशन के चलते उसकी भी रिहाई 24 अगस्त को हो सकी।

इसके बाद 4 जुलाई को तीसरे आरोपी सक्षम पटेल ने जमानत अर्जी दाखिल की। उसे भी कोर्ट ने कुछ दिन बाद गैंगरेप में जमानत दे दी, लेकिन गैंगस्टर में आपत्ति दाखिल हो गई। इसके बाद गैंगस्टर के केस में सक्षम पटेल की याचिका हाईकोर्ट की खंडपीठ ने 16 सितंबर, 2024 को खारिज कर दी।

इसके बाद उसने डबल बेंच में अपील की, जहां कोर्ट ने पुलिस से रिपोर्ट तलब की। पुलिस ने कोर्ट में कमजोर रिपोर्ट पेश की, जिस पर सक्षम पटेल को जमानत मिल गई। गैंगरेप के तीनों आरोपी भाजपा IT सेल से जुड़े थे। सरकार के मंत्री-विधायक समेत बड़े नेताओं के संपर्क में थे।



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