मंदिर के पुनर्निर्माण के लिए रास्ता बंद करने पर विवाद:मोहल्लावासियों ने जताया विरोध; ट्रस्टी बोले- सफाई व सुरक्षा के लिए अस्थायी रूप से बंद कर रहे




अंबाला शहर के एक प्राचीन राम मंदिर में प्रस्तावित भव्य मंदिर निर्माण को लेकर रास्ता बंद किए जाने पर सोमवार को विवाद हो गया। रास्ता बंद किए जाने के विरोध में बड़ी संख्या में मोहल्लावासी मौके पर इकट्ठा हो गए। लोगों का कहना है कि यह रास्ता करीब 100 साल पुराना है और आसपास के लोग इसी रास्ते से मंदिर तक पहुंचते हैं। रास्ता बंद होने से बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों को परेशानी होगी। मोहल्लावासी बलदेव सिंह ने बताया कि मंदिर निर्माण से उन्हें कोई आपत्ति नहीं है। उन्होंने कहा कि पूरा मोहल्ला मंदिर निर्माण में सहयोग करने को तैयार है, लेकिन मंदिर तक जाने वाला पुराना रास्ता बंद नहीं होना चाहिए। उनके अनुसार यह करीब 5 फीट चौड़ा रास्ता है, जिससे बाइक या बड़े वाहन नहीं जाते, बल्कि लोग पैदल आते-जाते हैं। आसपास के बुजुर्ग भी इसी रास्ते से मंदिर में पूजा करने जाते हैं। मोहल्लावासियों का आरोप- मंदिर के नाम पर रास्ता बंद किया जा रहा मोहल्लावासी पंकज वर्मा ने आरोप लगाया कि जिस जगह मंदिर का निर्माण प्रस्तावित है, वहां पहले फैक्ट्री थी, जो करीब 50-60 साल पुरानी है। उनका कहना है कि जमीन और पुराने रास्ते से जुड़े दस्तावेजों को लेकर भी स्थिति स्पष्ट होनी चाहिए। उन्होंने आशंका जताई कि भविष्य में मंदिर के साथ कॉम्प्लेक्स बनाया जा सकता है। हालांकि ट्रस्टी ने इस आरोप को सिरे से खारिज किया है। पंकज ने कहा कि मोहल्ले में करीब 500-600 घर हैं। बस स्टैंड भी करीब आधा किलोमीटर दूर है। लोगों के परिवार की महिलाएं और बच्चे इस रास्ते से आते-जाते हैं। इसके अलावा मंदिर में लोगों की आस्था जुड़ी हुई है और हर साल कांवड़ से संबंधित कार्यक्रम भी होते हैं। ट्रस्टी बोले- निर्माण से पहले सफाई और सुरक्षा के लिए बंद किया रास्ता मंदिर के केयरटेकर व ट्रस्टी मोहन लाल सैनी ने कहा कि मंदिर की जमीन पर भव्य मंदिर का निर्माण प्रस्तावित है। उन्होंने बताया कि 21 नवंबर को मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी मंदिर का भूमि पूजन करने आ सकते हैं। इससे पहले जगह की सफाई और निर्माण सामग्री रखने का काम किया जाना है। उन्होंने कहा कि रास्ता स्थायी रूप से बंद करने की बात नहीं है। निर्माण स्थल की सुरक्षा के लिए फिलहाल चारों तरफ गेट लगाए जा रहे हैं। निर्माण सामग्री गिरने और चोरी की आशंका के चलते चौकीदार भी तैनात किया जाएगा। मोहन लाल सैनी के मुताबिक, निर्माण के दौरान असामाजिक तत्वों के आने-जाने से भी सुरक्षा संबंधी समस्या हो सकती है। कॉम्प्लेक्स बनाने के आरोप पर ट्रस्टी ने कहा- ऐसा हुआ तो सबसे पहले मैं विरोध करूंगा स्थानीय लोगों की ओर से मंदिर के साथ कॉम्प्लेक्स बनाए जाने की आशंका पर ट्रस्टी मोहन लाल सैनी ने कहा कि मंदिर परिसर में किसी तरह का कॉम्प्लेक्स बनाने की योजना नहीं है। उन्होंने कहा कि यदि ऐसा कोई प्रस्ताव आता है तो वह खुद उसका विरोध करेंगे। उन्होंने दावा किया कि मंदिर की जमीन से संबंधित पुराने दस्तावेज उनके पास मौजूद हैं। कोई भी मोहल्लावासी या शहर का व्यक्ति इन दस्तावेजों को देख सकता है। उन्होंने कहा कि मंदिर का प्रस्तावित नक्शा और स्ट्रक्चर भी तैयार किया गया है, जिसे भूमि पूजन से पहले संबंधित स्तर पर प्रस्तुत किया जाएगा। पुलिस भी पहुंची मौके पर, दोनों पक्षों में हुई बातचीत रास्ता बंद करने को लेकर लोगों के एकत्र होने की सूचना पर पुलिस प्रशासन भी मौके पर पहुंचा। स्थानीय लोगों ने अपनी आपत्ति पुलिस के सामने रखी। मोहल्लावासियों का कहना है कि वे मंदिर निर्माण के खिलाफ नहीं हैं, लेकिन वर्षों पुराने रास्ते को बंद करने का विरोध करेंगे। मोहल्ले के निवासी नरेंद्र ने कहा कि उनका बचपन इसी क्षेत्र में बीता है और यह रास्ता 100 साल से भी अधिक पुराना है। उन्होंने कहा कि सोमवार को आसपास के लोग इसी रास्ते से राम मंदिर में माथा टेकने जाते हैं। रास्ता बंद होने से बच्चों और बुजुर्गों को मुख्य सड़क से होकर जाना पड़ेगा, जिससे परेशानी बढ़ेगी।



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

India Fontline News

Subscribe Our NewsLetter!