Ahmedabad Serial Blast Case Verdict; HuJI Terror Attack

Ahmedabad Serial Blast Case Verdict; HuJI Terror Attack


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अहमदाबाद55 मिनट पहले

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गुजरात हाईकोर्ट ने 2008 के सीरियल ब्लास्ट मामले में स्पेशल कोर्ट के फैसले को बरकरार रखा। कोर्ट ने सभी 38 दोषियों की फांसी की सजा और 11 अन्य दोषियों की उम्रकैद की सजा बरकरार रखी।

साथ ही, कोर्ट ने 56 मृतकों के परिजन को 10-10 लाख रुपए और 200 से ज्यादा घायलों को 1-1 लाख रुपए मुआवजा देने का निर्देश दिया।

2022 में सुनाई गई थी सजा

अहमदाबाद की स्पेशल कोर्ट ने फरवरी 2022 में इस मामले में 38 दोषियों को फांसी और 11 दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनाई थी। दोषियों ने इसके खिलाफ गुजरात हाईकोर्ट में चुनौती दी थी। कोर्ट ने अपील खारिज कर दी।

अहमदाबाद बम बलास्ट में 56 लोगों की मौत हुई थी।

क्या था अहमदाबाद बम विस्फोट मामला?

26 जुलाई 2008 को 70 मिनट में हुए 21 बम धमाकों ने अहमदाबाद को दहला दिया था। शहर भर में हुए इन धमाकों में 56 लोगों की जान गई, जबकि 200 लोग घायल हुए थे। धमाकों की जांच-पड़ताल कई साल चली और करीब 80 आरोपियों पर मुकदमा चला।

लॉकडाउन के दौरान चली थी सुनवाई

अहमदाबाद विस्फोट के बाद करीब 12 साल तक इस मामले की जांच और सुनवाई चली थी। लॉकडाउन के दौरान भी इस मामले की सुनवाई लगातार चलती रही। देश में पहली बार एकसाथ 49 आरोपियों को आतंकवाद के गुनाह में दोषी ठहराया गया था।

बम ब्लास्ट मामले में पुलिस ने अहमदाबाद और सूरत में FIR दर्ज की थी। इस केस से जुड़े 6,000 डॉक्यूमेंट्स कोर्ट में पेश किए गए। वहीं 3 लाख 47 हजार 800 पेज की 547 चार्जशीट तैयार की गई थीं।

केस से जुड़े 6000 डॉक्यूमेंट्स कोर्ट में पेश किए गए थे

2009 में ट्रायल तब शुरू हुए, जब करीब 35 केसों को मिलाकर एक बड़ा केस बनाया गया। अहमदाबाद में ब्लास्ट वाली लोकेशन में और सूरत में जहां पुलिस को बम मिले, वहां FIR दर्ज कराई गईं। लंबे चले मुकदमे में कई मोड़ आए।

प्रॉसिक्यूशन ने जज एआर पटेल के सामने 1,100 से ज्यादा गवाहों से पूछताछ की थी। केस से जुड़े 6000 डॉक्यूमेंट्स कोर्ट में पेश किए गए थे। 3,47,800 पेज की 547 चार्जशीट तैयार की गई थी। अकेले प्राइमरी चार्जशीट ही 9800 पेज की रही।

ब्लास्ट में इंडियन मुजाहिदीन का हाथ था

जांच के दौरान पुलिस ने दावा किया था कि आतंकी संगठन इंडियन मुजाहिदीन (IM) और बैन किए गए स्टूडेंट्स इस्लामिक मूवमेंट ऑफ इंडिया (SIMI) से जुड़े लोगों ने ब्लास्ट कराए थे। पुलिस का मानना था कि IM के आतंकियों ने 2002 में गोधरा कांड के बाद हुए दंगों के जवाब में ये धमाके किए।

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