CCSU Protest: Corruption & Student Issues

CCSU Protest: Corruption & Student Issues


चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय (CCSU) में गुरुवार को छात्र-छात्राओं ने भ्रष्टाचार, प्रशासनिक अनियमितताओं, छात्र समस्याओं की अनदेखी और कथित फर्जी नियुक्तियों के विरोध में अनोखा प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने हाथों में “सिस्टम सड़ चुका है”, “भ्रष्टाचा

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छात्रों ने कॉकरोच के मुखौटे और चित्रों का इस्तेमाल किया। आदेश प्रधान और शशिकांत गौतम ने कहा कि जिस प्रकार गंदगी और सड़ांध में कॉकरोच पनपते हैं, उसी प्रकार विश्वविद्यालय में फैले भ्रष्टाचार, प्रशासनिक निष्क्रियता और जवाबदेही की कमी ने पूरे शैक्षणिक वातावरण को प्रभावित कर दिया है। इसी संदेश को जनता और प्रशासन तक पहुंचाने के लिए यह प्रदर्शन किया गया।

प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने विश्वविद्यालय में विभिन्न पदों पर हुई विवादित नियुक्तियों, वित्तीय अनियमितताओं और प्रशासनिक मनमानी के आरोप लगाए। आदेश प्रधान ने दावा किया कि रूबी खान और नासर की फर्जी नियुक्तियां की गईं। आरोप है कि उन्होंने विश्वविद्यालय में कार्य नहीं किया, फिर भी उनके खातों में कई महीनों तक वेतन भेजा गया, जिससे लाखों रुपये का घोटाला हुआ। उन्होंने सहायक अभियंता मनीष कुमार मिश्र की नियुक्ति पर भी सवाल उठाते हुए इसकी जांच की मांग की। साथ ही आरोप लगाया कि बिना मानचित्र स्वीकृति के निर्माण कार्य कराए जा रहे हैं, जिन पर रोक लगनी चाहिए।

आकाश भड़ाना और अनुज भड़ाना ने कहा कि छात्र कई बार विश्वविद्यालय प्रशासन को ज्ञापन दे चुके हैं, लेकिन समस्याओं के समाधान के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए। शुभम उपाध्याय और शान मोहम्मद ने विश्वविद्यालय में लगे भ्रष्टाचार के आरोपों की स्वतंत्र एजेंसी से जांच कराने और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की। साथ ही पेयजल, पुस्तकालय, परीक्षा परिणाम, छात्रवृत्ति और अन्य मूलभूत सुविधाओं में सुधार की मांग भी उठाई।

रविंद्र प्रधान, शेखर, अक्षय सिंह और अरुण पाल ने परीक्षा मूल्यांकन व्यवस्था पर सवाल उठाए। उनका कहना था कि कई छात्रों की उत्तर पुस्तिकाओं में प्राप्त अंक और ऑनलाइन दर्ज अंकों में अंतर पाया गया है। उन्होंने मांग की कि यदि यह गलती शिक्षकों या संबंधित एजेंसी की है तो जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की जाए।

छात्रों ने कहा कि CCSU को ए-प्लस ग्रेड प्राप्त विश्वविद्यालय होने के नाते पीएचडी प्रवेश प्रक्रिया में विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों को प्राथमिकता मिलनी चाहिए। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि एक सप्ताह के भीतर उनकी मांगों पर लिखित और ठोस कार्रवाई नहीं हुई तो विश्वविद्यालय परिसर में एक दिवसीय सत्याग्रह किया जाएगा।

छात्र नेताओं ने यह भी घोषणा की कि विश्वविद्यालय में एक दिवसीय सत्याग्रह के साथ राष्ट्रपति के नाम खून से पत्र लिखने और “पाप का घड़ा फोड़ो” कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। हालांकि उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका आंदोलन पूरी तरह लोकतांत्रिक और संवैधानिक दायरे में रहेगा तथा उद्देश्य किसी व्यक्ति विशेष को निशाना बनाना नहीं, बल्कि विश्वविद्यालय में पारदर्शिता, जवाबदेही और छात्र हितों की रक्षा सुनिश्चित करना है।

छात्रों का आरोप है कि ज्ञापन लेने के लिए कोई जिम्मेदार अधिकारी नहीं पहुंचा। इसके बाद प्रदर्शनकारियों ने कुलपति आवास के गेट पर अपना ज्ञापन चस्पा कर दिया। प्रदर्शन में आदेश प्रधान एडवोकेट, आकाश भड़ाना, शशिकांत गौतम, अरुण पाल, शान मोहम्मद, शेरा जाट, हैप्पी चपराना, संदीप गौतम, युधिष्ठिर भाटी, तस्लीम, अक्षय, शेखर, अवनीश पवार, शुभम उपाध्याय, हरीश, अनिकेत, इरफान, नितिन गर्ग, फुरकान, दीपक शर्मा, दक्ष पुरी, वरुण सिंह, अजय त्यागी समेत बड़ी संख्या में छात्र मौजूद रहे।



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