Chandigarh NDPS Court Grants Bail to Heroin Smuggling Accused
चंडीगढ़ में हेरोइन के साथ पकड़े गए युवक को 36 दिन बाद ही जिला अदालत ने जमानत दे दी है। हालांकि, जमानत देते समय अदालत ने छह शर्तें लगाई हैं। साथ ही 50-50 हजार के बांड भरवाए हैं। अदालत ने साफ किया कि अभियुक्त के पास से जब्त किए गए नशीले पदार्थ की मात्र
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ऐसे मामलों में NDPS एक्ट की धारा 37 के कड़े नियम लागू नहीं होते और बिना दोषसिद्धि के लंबी हिरासत व्यक्तिगत स्वतंत्रता के सिद्धांत के खिलाफ है। आरोपी 31 जुलाई से जेल में है और किसी अन्य केस में नाम नहीं है। मुकदमा पूरा होने में समय लगेगा और ज्यादातर गवाह पुलिस वाले ही होंगे। ऐसे में अनिश्चित काल तक हिरासत में रखना ठीक नहीं है।
ऐसे चला था अदालत में यह केस
यह केस मलोया पुलिस स्टेशन में दर्ज हुआ था। पुलिस ने 31 जुलाई की रात करीब 12:40 बजे संदेह के आधार पर वार्ड नंबर 6, गांव माजरा, मोहाली निवासी गुरसेवक सिंह को रोका। तलाशी के दौरान उसके कब्जे से 14.11 ग्राम हेरोइन और 3.61 ग्राम आइस मेथ बरामद हुई। पूछताछ के बाद पुलिस ने उसके दो अन्य साथियों रोहित उर्फ विक्की से 5.58 ग्राम आइस और विक्रम कपूर उर्फ रोहित से 5.36 ग्राम आइस बरामद कर उन्हें भी गिरफ्तार किया।
मामले में NDPS एक्ट की धारा 21, 22 और 29 के तहत केस दर्ज किया गया है। पुलिस ने अदालत को बताया कि आरोपी का कोई पिछला आपराधिक रिकॉर्ड नहीं है। अदालत ने यह भी नोट किया कि केमिकल एग्जामिनर की रिपोर्ट अभी लंबित है और ट्रायल पूरा होने में समय लग सकता है।
इन छह शर्तों के साथ आरोपी को जमानत दी
पर्सनल बांड: आरोपी को ₹50,000 का पर्सनल बांड भरना होगा।
जमानती: ₹50,000 की राशि का एक जमानती पेश करना होगा।
FDR का विकल्प: यदि आरोपी के पास अचल संपत्ति नहीं है, तो आरबीआई पंजीकृत बैंक की ₹25,000 की ऑटो-रिन्यूअल FDR कोर्ट में जमा की जा सकती है।
देश से बाहर जाने पर रोक: आरोपी कोर्ट की पूर्व अनुमति के बिना देश से बाहर नहीं जा सकेगा।
गवाहों को प्रभावित नहीं करेगा: आरोपी किसी गवाह को प्रभावित, धमकाने या सबूत से छेड़छाड़ का प्रयास नहीं करेगा।
हर तारीख पर हाजिरी: आरोपी को अदालत में प्रत्येक सुनवाई पर अनिवार्य रूप से उपस्थित होना होगा। शर्तों का उल्लंघन होने पर जमानत रद्द की जा सकती है।

