Gujarat Cyber Zero FIR Launch & India-Indonesia BrahMos Missile Deal
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10 घंटे पहले
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आज के प्रमुख करेंट अफेयर्स, जो सरकारी नौकरियों की तैयारी कर रहे स्टूडेंट्स के लिए जरूरी हैं-
नेशनल (NATIONAL)
1. भारत इंडोनेशिया के बीच ब्रह्मोस मिसाइल डील हुई
- 26 जुलाई को प्रधानमंत्री मोदी ने भारत और इंडोनेशिया के बीच बड़े रक्षा सौदे की जानकारी दी।
- भारत इंडोनेशिया को अपनी स्वदेशी ब्रह्मोस सुपरसोनिक मिसाइलें निर्यात करेगा।
- ये डील लगभग 630 मिलियन अमेरिकी डॉलर की होगी।
- ब्रह्मोस मिसाइल को भूमि, समुद्र और वायु—तीनों प्लेटफॉर्म से दागा जा सकता है।
- इस समझौते में स्वदेशी एस्ट्रा मिसाइलों की आपूर्ति भी शामिल है।
- एस्ट्रा मिसाइल हवा से हवा में मार करने वाली भारत की अत्याधुनिक मिसाइल है।
- इंडोनेशिया ब्रह्मोस खरीदने वाला तीसरा देश बना। इससे पहले फिलीपींस और वियतनाम इस कैटेगरी में शामिल हैं।
- यह समझौता ‘मेक इन इंडिया’ और रक्षा निर्यात लक्ष्यों को प्राप्त करने की दिशा में एक बड़ा कदम है।
- ब्रह्मोस दुनिया की सबसे तेज क्रूज मिसाइलों में से एक मानी जाती है।यह समझौता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो की वार्ता के दौरान हुआ।
मिसलीनियस (Miscellaneous)
2. साइबर वित्तीय धोखाधड़ी ई-जीरो FIR सेवा शुरू
- 27 जुलाई को गुजरात सरकार ने साइबर अपराधों से निपटने के लिए एक नई सेवा शुरू की।
- इस सेवा का नाम ‘साइबर वित्तीय धोखाधड़ी ई-जीरो FIR’ (Cyber Financial Fraud e-Zero FIR) रखा गया है।
- इसके माध्यम से साइबर धोखाधड़ी के शिकार लोग घर बैठे ही अपनी शिकायत ऑनलाइन दर्ज करा सकेंगे।
- इसके लिए पीड़ित को अब पुलिस स्टेशन जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
- शिकायत मिलते ही पुलिस तुरंत कार्रवाई शुरू कर देगी ताकि धोखाधड़ी की गई राशि को फ्रीज किया जा सकेगा।
- यह कदम बढ़ते साइबर अपराधों और डिजिटल भुगतान में होने वाली धोखाधड़ी को रोकने के लिए उठाया गया है।
- राज्य पुलिस ने इसके लिए एक विशेष पोर्टल और हेल्पलाइन भी जारी किया है।गुजरात के डिप्टी सीएम हर्ष सिंघवी ने सर्विस लॉन्च की।
3. जेन टेक्नोलॉजिस ने भारत का पहला उच्च ऊंचाई वाला एंटी-ड्रोन सिस्टम पेश किया
- 26 जुलाईको जेन टेक्नोलॉजिस ने भारत का पहला स्वदेशी हाई एल्टिट्यूड एंटी-ड्रोन सिस्टम पेश किया।
- यह मैन-पोर्टेबल है, यानी इसे सैनिक आसानी से उठाकर पहाड़ों पर ले जा सकते हैं।
- इसमें रेडियो फ्रीक्वेंसी डिटेक्शन, डेटा फ्यूजन और सर्वदिशात्मक (omni-directional) जैमिंग तकनीक शामिल है।
- इसमें 5 किमी तक ड्रोन का पता लगाने की क्षमता है।
- इसे विशेष रूप से हिमालय जैसे उच्च ऊंचाई वाले क्षेत्रों में तैनाती के लिए बनाया गया है।
- यह प्रणाली दुश्मन के छोटे ड्रोनों को जाम करने और उन्हें मार गिराने में सक्षम है।
- इसे जेन टेक्नोलॉजिस ने DRDO के सहयोग से बनाया है।
- भविष्य में इसे निर्यात करने की योजना भी बनाई जा रही है।
- यह ‘मेक इन इंडिया’ अभियान के तहत रक्षा क्षेत्र में एक बड़ी उपलब्धि है।
एंटी-ड्रोन सिस्टम
- यह एक ऐसी तकनीक है जो अनधिकृत, संदिग्ध या दुश्मन के ड्रोन (UAV) का पता लगाने, उनकी पहचान करने, उन्हें निष्क्रिय करने या नष्ट करने के लिए बनाई जाती है।
- इसका उद्देश्य दुश्मन के ड्रोन से सुरक्षा, आतंकवादी गतिविधियों और तस्करी पर रोक, संवेदनशील क्षेत्रों की निगरानी और हवाई सुरक्षा में सुधार है।
- यह डिटेक्शन, पहचान, ट्रैकिंग और निष्क्रिय करने जैसे चार चरणों में काम करता है।
4. तेलंगाना में भारत के पहले ‘इंटीग्रेटेड ऑयल पाम कॉम्प्लेक्स’ का उद्घाटन
- 27 जुलाई 2026 को गोदरेज एग्रोवेट ने तेलंगाना में भारत के पहले इंटीग्रेटेड ऑयल पाम कॉम्प्लेक्स का उद्घाटन किया।
- यह कॉम्प्लेक्स तेलंगाना के खम्मम जिले में स्थापित किया गया है।
- इसका कुल निवेश 300 करोड़ है।
- इसमें पाम तेल निकालने की इकाई, रिफाइनरी और एक आधुनिक नर्सरी शामिल है।
- मिल की शुरुआती क्षमता 30 टन प्रति घंटा है जिसे आगे 60 टन प्रति घंटा तक बढ़ाया जा सकेगा।
- इसका उद्देश्य भारत की खाद्य तेल आयात पर निर्भरता को कम करना है।
- इस संयंत्र से स्थानीय किसानों को अपनी फसल का बेहतर दाम और तकनीक मिलेगी।
- पाम ऑयल की खेती पारंपरिक फसलों की तुलना में किसानों के लिए अधिक लाभदायक साबित हो सकती है।
- यह परियोजना ‘आत्मनिर्भर भारत’ के लक्ष्य को प्राप्त करने की दिशा में एक कदम है।
- इस परिसर का निर्माण घरेलू पाम तेल उत्पादन को तेजी से बढ़ाने और विदेशी मुद्रा बचाने के उद्देश्य से किया गया है।
- ऑयल पाम से किसानों को बीज, तकनीकी सलाह, प्रसंस्करण और विपणन जैसी सुविधाएं एक ही स्थान पर उपलब्ध होंगी।
स्पोर्ट्स (SPORTS)
5. नई दिल्ली में 22वीं ‘कॉमनवेल्थ टेबल टेनिस चैंपियनशिप’ का शुभारंभ
- 27 जुलाई 2026 को नई दिल्ली में 22वीं कॉमनवेल्थ टेबल टेनिस चैंपियनशिप 2026 का शुभारंभ हुआ।
- दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने प्रतियोगिता का उद्घाटन किया।
- यह इस चैंपियनशिप का 22वां संस्करण है।
- यह प्रतियोगिता 27 जुलाई से 2 अगस्त 2026 तक त्यागराज स्टेडियम, नई दिल्ली में आयोजित की जा रही है।
- इसमें लगभग 25 कॉमनवेल्थ देशों के खिलाड़ी भाग ले रहे हैं।
- इस प्रतियोगिता में टीम इंडिया पुरुष और महिला दोनों वर्गों में मजबूत दावेदारी पेश करेगा।
- पुरुष टीम में अनुभवी खिलाड़ी जी. साथियान, हरमीत देसाई, मानव ठक्कर, मनुष शाह और पयास जैन हैं।
- महिला वर्ग की अगुवाई श्रीजा अकुला टीम करेंगी। उनके साथ यशस्विनी घोरपड़े, स्वास्तिका घोष, सुतीर्था मुखर्जी और सिंड्रेला दास को जगह मिली है।
- इससे पहले भारत में यह प्रतियोगिता मुंबई, हैदराबाद, नई दिल्ली, जयपुर, सूरत और कटक में आयोजित हो चुकी है।
- प्रतियोगिता में शामिल प्रमुख स्पर्धाएं पुरुष टीम, महिला टीम, पुरुष एकल, महिला एकल, पुरुष युगल, महिला युगल और मिश्रित युगल हैं।
कॉमनवेल्थ टेबल टेनिस चैंपियनशिप
- यह राष्ट्रमंडल देशों के खिलाड़ियों के बीच आयोजित होने वाली प्रमुख अंतरराष्ट्रीय टेबल टेनिस प्रतियोगिता है।
- इसका आयोजन कॉमनवेल्थ टेबल टेनिस फेडरेशन (CTTF) द्वारा किया जाता है।
- इसके आयोजक दिल्ली सरकार और टेबल टेनिस फेडरेशन ऑफ इंडिया हैं।भारत इस चैंपियनशिप की मेजबानी छठी बार कर रहा है।
6. कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में मीराबाई चानू ने जीता स्वर्ण पदक
- 26 जुलाई को भारतीय भारोत्तोलक मीराबाई चानू ने ग्लासगो में को स्वर्ण पदक जीता।
- यह कॉमनवेल्थ गेम्स (CWG) में उनका लगातार तीसरा स्वर्ण पदक है।
- उन्होंने कुल 190 किलोग्राम भार उठाकर यह ऐतिहासिक जीत हासिल की।
- चानू ने स्नैच राउंड में 85 किलोग्राम का नया कॉमनवेल्थ गेम्स रिकॉर्ड बनाया।
- यह 2026 राष्ट्रमंडल खेलों में भारत का पहला स्वर्ण पदक है।
- इससे पहले मीराबाई चानू ने 2018 में गोल्ड कोस्ट में, 2022 में बर्मिंघम में स्वर्ण पदक जीता था।
- प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति मुर्मू ने उन्हें इस ‘शानदार अध्याय’ के लिए बधाई दी।
- मीराबाई ने अपनी जीत को अपने माता-पिता और कोच के त्याग को समर्पित किया।
- खेल मंत्री मनसुख मंडाविया ने इसे भारतीय भारोत्तोलन के लिए गर्व का क्षण बताया।
- वे राष्ट्रमंडल खेलों में अब तक कुल चार पदक जीत चुकी हैं।
- मीराबाई चानू मणिपुर की रहने वाली हैं और ओलंपिक पदक विजेता भी हैं।
कॉमनवेल्थ गेम्स 2026
- कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 का आयोजन 23 जुलाई से 2 अगस्त 2026 तक ग्लासगो (स्कॉटलैंड) में हो रहा है।
- यह राष्ट्रमंडल खेलों का 23वां संस्करण है।
- इस खेलों के लिए भारत ने लगभग 125 खिलाड़ियों का दल भेजा है।
- प्रमुख पदक दावेदारों में मीराबाई चानू, तेजस्विन शंकर, सरवेश कुशारे सहित कई खिलाड़ी शामिल हैं।
आज का इतिहास
- 1914 में ऑस्ट्रिया-हंगरी द्वारा सर्बिया पर युद्ध की घोषणा के साथ पहला विश्व युद्ध शुरू हुआ।
- 1979 में चौधरी चरण सिंह भारत के 5वें प्रधानमंत्री बने।
- 1958 में अमेरिका में नेशनल एरोनॉटिक्स एंड स्पेस एक्ट पारित हुआ, जिससे नासा (NASA) की स्थापना हुई।
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