Himachal News: HRTC Conductor Inspector controversy | viral video

Himachal News: HRTC Conductor Inspector controversy | viral video


शिमला के तारादेवी डिपो के कंडक्टर इंस्पेक्टर की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए।

हिमाचल पथ परिवहन निगम (HRTC) के एक कंडक्टर का एक वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है। वीडियो में शिमला के तारादेवी डिपो में तैनात कंडक्टर गीतानंद ने विभागीय इंस्पेक्टर पर बिना गलती के रिपोर्ट करने का आरोप लगाया है। मामले के सामने आने के बाद निग

.

इंस्पेक्टर की कार्रवाई से गुस्साएं कंडक्टर गीतानंद ने वीडियो में कहा कि बस में 48 सवारियां थीं। उन्होंने लगातार यात्रियों से पूछा कि कोई बिना टिकट तो नहीं रह गया। इसी दौरान गाड़ी को इंस्पेक्टर ने जांच के लिए रोका। तब एक यात्री जो कुछ देर पहले बस में चढ़ा था, उसके पास टिकट नहीं मिली। गीतानंद का आरोप है कि गलती यात्री की थी, लेकिन कार्रवाई उसके खिलाफ की जा रही है।

HRTC कंडक्टर गीतानंद इंस्पेक्टर की कार्रवाई का विरोध करते हुए।

कंडक्टर के समर्थन में उतरे यात्री

बस में मौजूद अन्य यात्री भी कंडक्टर के समर्थन में उतरे। यात्रियों का कहना है कि कंडक्टर की कोई गलती नहीं थी और जुर्माना बिना टिकट यात्रा कर रहे यात्री पर लगाया जाना चाहिए।

भावुक अंदाज में कंडक्टर ने कहा कि इससे पहले नेरवा में भी उसकी 280 रुपए की गलत रिपोर्ट बनाई गई थी, जिसके आधार पर उस पर 14 हजार रुपए का जुर्माना लगाया गया। तब उसे नेरवा से सस्पेंड करके तारादेवी भेजा गया। कंडक्टर ने कहा, “मैं कोई चोर नहीं हूं, न ही चोरी करता हूं।”

शिमला के रिकांगपियो जा रही थी बस

तारादेवी डिपो की यह बस शिमला से किन्नौर के रिकांगपियो जा रही थी। इस दौरान इंस्पेक्टर ने बस में टिकट की चेकिंग की। तभी यह विवाद हो गया।

कंडक्टर गीतानंद का यह वीडियो अब सोशल मीडिया में खूब वायरल हो रहा।

विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल

कंडक्टर के वीडियो के सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद निगम की कार्यप्रणाली को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। कई लोग कर्मचारियों के साथ हो रहे व्यवहार पर प्रतिक्रिया दे रहे हैं।

मामले की विस्तृत जांच के आदेश दिए जा चुके: RM

उधर, तारादेवी डिपो के क्षेत्रीय प्रबंधक (RM) ने बताया कि मामला उनके संज्ञान में आ गया है और इसकी विस्तृत जांच के आदेश दे दिए गए हैं। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि कर्मचारियों को इस तरह सोशल मीडिया के माध्यम से मामला उठाने के बजाय विभागीय प्रक्रिया अपनानी चाहिए थी।

आरएम ने यह भी स्पष्ट किया कि नेरवा में हुई पहले की कार्रवाई भी पूरी जांच के बाद ही की गई थी और उसके बाद ही कंडक्टर पर जुर्माना लगाया गया था।



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

India Fontline News

Subscribe Our NewsLetter!