Kanpur Blind Murder Case | Message Reveals Clue, 1500 Numbers Active 700m Radius
कानपुर के नवाबगंज में कोचिंग संचालक के ब्लाइंड मर्डर केस में एक मैसेज ने पूरी घटना का खुलासा कर दिया। बीते सोमवार को हुए मर्डर की जानकारी पर जब पुलिस के अधिकारी मौके पर पहुंचे तो शातिर हत्यारोपी ने कोई सुराग नहीं छोड़ा था।
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फील्ड यूनिट की जांच में मृतक की आंख के ऊपर चोट के निशान थे, साथ ही कुछ कपड़े घटनास्थल पर पड़े हुए थे।
हत्या के बाद बुर्का पहन कर जाता आरोपी मोहित द्विवेदी
घटना के खुलासे के लिए लगी थी 10 टीमें
मौके पर पहुंचे परिजनों ने बताया था कि मृतक डायबिटिज के पेशेंट थे और शराब के लती थे। जाहिरा चोट के निशान न मिलने पर पुलिस का मनाना था कि शायद हार्ट अटैक आने की वजह से कोचिंग संचालक की मौत हो गई हो। मृतक के पोस्टमार्टम रिपोर्ट में भी मौत का कारण पुष्ट नहीं था, हालांकि इन सब के बावजूद डीसीपी सेंट्रल अतुल कुमार श्रीवास्तव ने स्वाट, सर्विलांस समेत घटना के खुलासे के लिए 10 टीमों का गठन किया था।
पूरे घटना के खुलासे में सर्विलांस टीम ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। हत्याकांड के बाद पुलिस टीम ने जब बारीकी से सीसीटीवी फुटेज की जांच की, तो करीब 7:15 पर बुर्का पहने हुए एक महिला कोचिंग के एंट्री प्वाइंट से निकलते हुए कैद हुई। मृतक के शादीशुदा न होने के कारण पुलिस ने लव एंगल पर जांच शुरू करते हुए कोचिंग के टीचरों, मृतक के परिजनों ने पूछताछ शुरू की। जिसमें एक नाम उभर कर आया मोहित द्विवेदी।
आरोपी के पास से बरादम चेन व ब्रेसलेट
मोहित द्विवेदी वो नाम था, जो मृतक से जुड़े हर शख्स की जबां पर था। मृतक विजय प्रकाश के बारे में जितनी जानकारी मोहित द्विवेदी को थी, उतनी उनके परिजनों को भी नहीं थी। पुलिस ने आजाद नगर निवासी मोहित द्विवेदी से पूछताछ तो उसने बताया कि कोचिंग संचालक विजय प्रकाश गुप्ता के साथ उसकी 18 साल पुरानी दोस्ती है।
मोहित ने विजय के दो और खास दोस्तों के नाम बताए जो नौबस्ता के रहने वाले शेरू और संदीप का था। मोहित ने बताया कि हम चारों अक्सर मिला करते थे, कही भी घूमने–फिरने का प्रोग्राम हो तो हम चारों साथ जाते थे, होली के समय भी हम चारों ही साथ गए थे।
घटना का खुलासा करते पुलिस कमिश्नर
इसके बाद स्वाट टीम ने पुलिस ने शेरू और संदीप से बात करने का प्रयास किया तो मोहित आनाकानी करने लगा, उसका कहना था कि जितना वह विजय के बारे में जानता है उतना संदीप और शेरू को नहीं पता। इसके बाद पुलिस का शक मोहित की ओर जाने लगा।
वहीं घटना के खुलासे में लगी सर्विलांस टीम ने घटनास्थल पर बेस ट्रांसीवर स्टेशन (बीटीएस) उठाया तो कोचिंग संचालक की हत्या के समय तकरीबन 700 मीटर के रेडियस में 1500 मोबाइल नंबर एक्टिव मिले।
सर्विलांस टीम ने आईपी एड्रेस चेक किया तो सभी कानपुर के ही नंबर थे, जिसके बाद पुलिस का मानना था कि हत्याकांड को किसी करीबी ने ही अंजाम दिया था।
कोचिंग संचालक की हत्या के बाद मौजूद पुलिस
रात 8:12 पर कोचिंग से बुर्का पहन कर निकलते हुए कैद हुआ था आरोपी
सर्विलांस टीम ने जांच आगे बढ़ायी और मृतक के परिजनों और दोस्तों की कॉल डिटेल रिकॉर्ड खंगालना शुरू किया तो, पता चला कि विजय की मोहित से 2 माह में करीब 15 बार फोन पर बात हुई थी, हालांकि वह बहुत लंबी नहीं थी। पुलिस की जांच में सामने आया कि मोहित अक्सर विजय से मिलने के आता रहता था।
पुलिस अधिकारियों ने जांच तेज की तो रविवार रात 8 बजकर 12 मिनट पर कोचिंग से एक बुर्का पहने हुए महिला कोचिंग सेंटर से निकलते हुए मिली। 8 बजकर 23 मिनट पर बुर्का पहने महिला की फुटेज गंगा बैराज से 20 मीटर पहले अमरुद मंडी में मिली, उसी समय मोहित द्विवेदी के मोबाइल की लोकेशन भी अमरुद मंडी पर मिली।
कोचिंग में जांच करती एडीसीपी डॉ अर्चना सिंह
रविवार दोपहर 2 बजे कन्नौज के दो नंबरों पर की थी कॉल
कॉल डिटेल रिकॉर्ड में सामने आया कि शातिर मोहित ने रविवार दोपहर 2 बजे पुलिस को गुमराह करने के लिए कन्नौज के दो नंबरों पर फोन भी किया था, पुलिस ने उन नंबरों की कॉल डिटेल रिकॉर्ड निकाली तो उनकी लोकेशन कानपुर में नहीं मिली। इसके बाद मोहित का मोबाइल रविवार दोपहर तीन बजे बंद हो गया था, इसके बाद रात 8 बजे तक स्विच ऑफ रहा।
इसके बाद उसकी लोकशन अमरुद मंडी में मिली, जांच में सामने आया कि मोहित ने अमरुद मंडी में कुछ देर के लिए मोबाइल ऑन किया था, तभी उसके मोबाइल में कंपनी का मैसेज आया जिसके बाद उसकी लोकेशन ट्रेस हो गई। हालांकि कुछ देर बार मोहित ने अपना मोबाइल दोबारा स्विच ऑफ कर दिया।
बिठूर, सिंहपुर निवासी ऑटो ड्राइवर बोला- मैं लेकर आया था
इसके बाद वह जेके कैंसर हॉस्पिटल आकर कपड़े बदले के बाद मोहित अपनी कार से रात 9:30 बजे जाते हुए फुटेज में कैद हो गया। रात करीब 9:45 बजे घर पहुंचने पर मोहित ने अपना मोबाइल खोला, जिसके बाद पुलिस को शक और पुख्ता हो गया। इसके साथ ही सर्विलांस टीम ने सीसीटीवी फुटेज के आधार अनवरगंज स्टेशन से नवाबगंज स्थित कोचिंग क्लासेज तक मोहित को लाने वाले ऑटो को भी ट्रेस कर लिया था। पुलिस टीम ऑटो नंबर के आधार पर ऑटो मालिक तक पहुंची तो उसने बताया कि ऑटो बिठूर, सिंहपुर का रहने वाला युवक चलाता था।
पुलिस ने ऑटो ड्राइवर से पूछताछ की तो उसने बताया कि बुर्का पहने हुए एक गूंगी महिला ने उसे पर्ची में कोचिंग क्लासेज का पता दिखाया था, जिसके बाद वह उसे नवाबगंज स्थित कोचिंग क्लासेज तक छोड़ने के लिए आया था। शक पुख्ता होने के बाद पुलिस ने पूछताछ के लिए मोहित द्विवेदी को हिरासत में लिया तो उसके जेब से मृतक का चेन और ब्रेसलेट पुलिस को बरामद हो गया। जिसके बाद आरोपी ने अपना जुर्म कबूल कर लिया।

