Rahul Gandhi Targets Amit Shah Over Dalit Student Father Attack


नई दिल्ली2 घंटे पहले

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23 जून को जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान निशु के पिता संजय पर हमला हुआ था। इसके बाद CJP फाउंडर अभिजीत दीपके ने उन्हें मंच पर बुलाकर बात की थी।

कॉकरोच जनता पार्टी के प्रदर्शन के दौरान जंतर-मंतर पर निशु आजाद के पिता पर हुए हमले का मामला अब राहुल गांधी तक पहुंच गया है। निशु ने गुरुवार को हमले के आरोपी स्वतंत्र भारद्वाज के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष से मदद मांगी थी।

निशु ने शाम 4.30 बजे आरोप लगाया कि दिल्ली पुलिस उसके पिता पर हमला करने वाले आरोपी पर कार्रवाई नहीं कर रही है। निशु की अपील के 3 घंटे बाद राहुल ने उन्हें पूरा समर्थन देने की बात कही है। राहुल ने शाम 7:30 बजे जवाब में कहा, ‘हम निशु के साथ हैं। जब तक न्याय नहीं मिल जाता, हम रुकेंगे नहीं।’

निशु ने सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर मदद मांगी।

स्वतंत्र भारद्वाज का वीडियो निशु ने शेयर किया, पहले पूरा मामला समझें

सोशल मीडिया पर वायरल पॉडकास्ट क्लिप में स्वतंत्र भारद्वाज ने यह दावा किया कि उसने ही निशु के पिता संजय कुमार का सिर फोड़ा था। 60 टांके लगाने पड़े थे। राजनीतिक रसूख के चलते मैं बिना किसी बड़ी कानूनी कार्रवाई के बच निकला।

इसके बाद निशु आजाद ने वीडियो पोस्ट कर कहा- ‘स्वतंत्र भारद्वाज का एक वायरल वीडियो हो रहा जिसमें वह खुद कबूल कर रहा है कि उसी ने मेरे पापा का सर फोड़ा था। उसके ऊपर धारा 307 लगनी चाहिए।’

‘हमने इस घटना के समय ही उसके खिलाफ FIR दर्ज करवाई थी, लेकिन पुलिस कुछ कर ही नहीं रही है। दिल्ली पुलिस से हमारा विश्वास उठ चुका है। अब मुझे उम्मीद सिर्फ राहुल गांधी से हैं। प्लीज आप मुझे न्याय दिलाइए।’

‘अब मुझे राहुल गांधी जी से उम्मीद है कि वो न्याय दिला सकते हैं। जिन लोगों के मन में कानून का डर नहीं है, वो खुलेआम कैसे घूम सकते हैं। उन्हें सलाखों के पीछे होना चाहिए। खासकर ऐसे लोग अपनी गलती गर्व से लोगों को बता रहे हैं।’

राहुल ने कहा- वे निशु के साथ खड़े रहेंगे

लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने X पर पोस्ट कर निशु को समर्थन दिया। उन्होंने कहा कि निशु अपने समुदाय और छात्रों के अधिकारों के लिए आवाज उठाती हैं, इसलिए उन्हें निशाना बनाया जा रहा है।

उन्होंने गृह मंत्री अमित शाह पर आरोपी को बचाने का आरोप लगाया और पूछा कि आरोपी के खिलाफ अब कार्रवाई होगी या नहीं।

राहुल के समर्थन के बाद निशु ने कहा कि अब उसे न्याय मिलने की उम्मीद है। उसने कहा कि राहुल जैसे बड़े नेता का साथ मिलने से भरोसा बढ़ा है और उसे उम्मीद है कि स्वतंत्र भारद्वाज को जेल भेजा जाएगा।

पुलिस बोली- संजय को मामूली चोट लगी, सिर फूटने की खबर अफवाह

दिल्ली के DCP ने बताया कि 23 जून को जंतर-मंतर पर CJP के प्रदर्शन के दौरान हुई हाथापाई में गाजियाबाद निवासी संजय कुमार के सिर एक आरोपी के हाथ में पहने कड़े से चोट लगी थी। RML अस्पताल के डॉक्टरों ने इसे मामूली चोट बताया है।

पुलिस ने सिर फूटने की खबरों को अफवाह बताया है और कहा कि संजय के बयान पर पार्लियामेंट स्ट्रीट थाने में केस दर्ज किया गया। सूरज कुमार और स्वतंत्र भारद्वाज को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई और कानूनी नोटिस दिया गया। पुलिस के मुताबिक, जल्द ही कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की जाएगी।

जंतर-मंतर प्रदर्शनकारियों के साथ राहुल की 2 प्रेस कॉन्फ्रेंस

1. 5 अगस्त- लड़की ने कहा- भारत माता की जय बोलने पर देशद्रोही कहा, शांति से चलने पर भी मारा

राहुल अपने साथ चार प्रदर्शनकारी छात्र और छात्राओं को मीडिया के सामने लाए। एक छात्रा ने कहा- भारत माता की जय बोलने पर हमें देशद्रोही कहा गया। हम शांति से चल रहे थे तो एक पुलिस अफसर ने शरीर के ऊपरी हिस्से पर मारा।

राहुल गांधी ने कहा- प्रदर्शनकारियों ने कुछ भी गलत नहीं किया। इनका लगातार शोषण हो रहा है। ये बच्चे देश के भविष्य के लिए लड़े। इन्हें माफी मांगने की जरूरत नहीं। लोकतंत्र के लिए ये बच्चे लड़े, इसके लिए इनका धन्यवाद।

2. 24 जुलाई- राहुल ने घायल छात्र की टी-शर्ट उठाकर घाव दिखाए, पुलिस की पैलेट गन से घायल हुआ

राहुल गांधी ने अपने आवास 10 जनपथ पर छात्रों के प्रदर्शन में घायल एक स्टूडेंट के साथ प्रेस कॉन्फ्रेंस की। राहुल ने छात्र के हाथ, पीठ और छाती में लगे घाव को दिखाया। राहुल ने कहा, ‘मैं यह बताना चाहता हूं कि यहां खड़ा मेरा भाई उस समय पैलेट गन से घायल हो गया था, जब वह तिरंगा लेकर शांतिपूर्ण तरीके से विरोध-प्रदर्शन कर रहा था।’

36 दिन तक जंतर-मंतर पर चला था CJP का प्रदर्शन

दिल्ली के जंतर-मंतर पर CJP ने 20 जून से 25 जुलाई तक, लगातार 36 दिनों तक धरना दिया था। इस दौरान हजारों छात्र, अभिभावक और युवा आंदोलन में शामिल हुए। पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक भी प्रदर्शन में शामिल हुए और भूख हड़ताल पर बैठे।

20 जुलाई को CJP ने संसद मार्च निकाला। इस दौरान छात्रों पर पुलिस ने लाठीचार्ज किया था। 25 जुलाई को तत्कालीन शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद CJP ने धरना समाप्त करने की घोषणा की थी।

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