Umar Khalid Interim Bail | Delhi Riot Conspiracy Case

Umar Khalid Interim Bail | Delhi Riot Conspiracy Case


नई दिल्ली3 घंटे पहले

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दिल्ली हाईकोर्ट ने शुक्रवार को दिल्ली दंगा साजिश मामले में 7 साल से जेल में बंद आरोपी उमर खालिद को 3 दिन की अंतरिम जमानत दी। जमानत 1 जून सुबह 7 बजे से 3 जून शाम 5 बजे तक प्रभावी रहेगी। खालिद को इसके लिए 1 लाख रुपए का निजी मुचलका भरना होगा।

हाईकोर्ट ने कहा- उमर को पहले भी पारिवारिक कार्यक्रमों के लिए अंतरिम जमानत मिल चुकी है। उन्होंने अदालत की शर्तों का पालन किया था। वह इस मामले में मुख्य साजिशकर्ताओं में से एक है, लेकिन उनकी मां की मेडिकल स्थिति को देखते हुए सहानुभूतिपूर्ण दृष्टिकोण अपनाया गया।

उमर ने कोर्ट में 22 मई से 5 जून तक 15 दिन की अंतरिम जमानत मांगी थी। याचिका में कहा था कि वह अपने स्व. मामा के चेहलुम में शामिल होना चाहता है। साथ ही अपनी 62 साल मां की 2 जून को होने वाली लंप एक्सिशन सर्जरी के दौरान उनकी देखभाल करना चाहता है।

दिल्ली दंगे का आरोपी उमर खालिद JNU का पूर्व छात्र है। वह सितंबर 2020 से जेल में है।

जमानत के लिए कोर्ट की शर्तें

  • जमानत अवधि के दौरान NCR क्षेत्र से बाहर नहीं जा सकेंगे।
  • घर पर रहना होगा और सिर्फ अस्पताल जाने की अनुमति होगी।

खालिद ने 6 बार जमानत याचिका खारिज

निचली अदालत से लेकर सुप्रीम कोर्ट तक 6 बार उमर की जमानत याचिका खारिज हुई हैं।

ट्रायल कोर्ट

  • 24 मार्च 2022: पहली ट्रायल कोर्ट (कड़कड़डूमा) ने जमानत खारिज हुई।
  • 28 मई 2024: ट्रायल कोर्ट ने दूसरी बार जमानत याचिका खारिज की।

हाईकोर्ट

  • 18 अक्टूबर 2022: हाईकोर्ट ने प्रथम अपील/याचिका को खारिज किया।
  • 2 सितंबर 2025: एक बड़े बैच में संशोधित/नयी याचिकाएं हाईकोर्ट ने फिर से खारिज कीं।

सुप्रीम कोर्ट:

  • 14 फरवरी 2024: सुप्रीम कोर्ट में दायर जमानत याचिका को खालिद ने वापस ले लिया। हालांकि खारिजी नहीं, लेकिन राहत नहीं मिली।
  • 5 जनवरी 2026: सुप्रीम कोर्ट ने उमर खालिद और शरजील इमाम की जमानत याचिकाएं खारिज कर दीं।

7 साल में 3 बार मिली अंतरिम जमानत मिली

  • 18 दिसंबर 2024: 28 दिसंबर 2024 से 3 जनवरी 2025 तक चचेरे भाई की शादी में शामिल होने के लिए 7 दिन की अंतरिम जमानत मिली।
  • 11 दिसंबर 2025: 16 दिसंबर 2025 से 29 दिसंबर 2025 तक बहन की शादी में शामिल होने के लिए 14 दिन की अंतरिम जमानत।
  • 22 मई 2026: 1 जून 2026 से 3 जून 2026 तक मां की सर्जरी के लिए 3 दिन की अंतरिम जमानत।

जमानत न देने के फैसले का बचाव किया, दो अन्य आरोपियों को अंतरिम राहत

सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को 2020 दिल्ली दंगा साजिश मामले में आरोपी उमर खालिद और शरजिल इमाम को पहले जमानत न दिए जाने के अपने फैसले का बचाव किया। कोर्ट ने कहा कि यह फैसला संविधान के आर्टिकल 21 को गौण मानकर नहीं, बल्कि आरोपियों की भूमिका और मामले के तथ्यों के आधार पर लिया गया था।

कोर्ट ने इसी मामले के दो अन्य आरोपियों अब्दुल खालिद सैफी और तस्लीम अहमद को छह महीने की अंतरिम जमानत दे दी। कोर्ट ने अंतरिम जमानत देते हुए दोनों आरोपियों पर कई शर्तें लगाईं। दोनों मामले को लेकर मीडिया से बात नहीं करेंगे और न ही सोशल मीडिया पर कोई टिप्पणी करेंगे।

बेंच ने यह भी कहा कि एक महत्वपूर्ण कानूनी प्रश्न पर सुप्रीम कोर्ट की विभिन्न पीठों के बीच मतभेद दिखाई दे रहा है। सवाल यह है कि क्या मुकदमे में अत्यधिक देरी और लंबे समय तक जेल में रहने की स्थिति, गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (यूएपीए) की धारा 43डी(5) के तहत जमानत पर लगी कठोर पाबंदियों को दरकिनार कर सकती है।

इस मुद्दे पर अंतिम और स्पष्ट निर्णय के लिए मामले को बड़ी पीठ के पास भेजने की सिफारिश की गई है।

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सुप्रीम कोर्ट बोला- उमर खालिद को बेल मिल सकती थी, दिल्ली दंगा मामले के अपने फैसले पर आपत्ति जताई, कहा- जमानत अधिकार है, जेल अपवाद

सुप्रीम कोर्ट ने 18 मई को दिल्ली दंगा साजिश मामले में जेएनयू के पूर्व छात्र नेता उमर खालिद को जमानत देने से इनकार करने वाले अपने पिछले फैसले पर आपत्ति जताई थी। कोर्ट ने माना कि किसी आरोपी को बेल देना एक नियम है, उसे जेल भेजना अपवाद होना चाहिए। पूरी खबर पढ़ें…

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