WFI Challenges HC Order on Vinesh Phogat Asian Games Trial

WFI Challenges HC Order on Vinesh Phogat Asian Games Trial


गोंडा में गेम्स से वापस लौटते हुए रेसलर विनेश फोगाट।

भारतीय कुश्ती महासंघ (WFI) ओलिंपियन रेसलर विनेश फोगाट को ट्रायल देने से रोकने के लिए सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया है। शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई होगी। यह सुनवाई जस्टिस पीएस नरसिम्हा और जस्टिस आलोक आराधे की बेंच करेगी।

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30 व 31 मई को यह ट्रायल दिल्ली में होने हैं। इनके आधार पर सिंतबर में जापान में होने वाली एशियन गेम्स 2026 में भाग लेने वाले खिलाड़ियों का चयन होना है। दिल्ली हाईकोर्ट ने 22 मई को दिए आदेश में विनेश फोगाट को 30-31 मई को होने वाले चयन ट्रायल में भाग लेने की अनुमति दी थी। इसी फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई है।

हाईकोर्ट ने यह भी निर्देश दिया था कि ट्रायल की पूरी प्रक्रिया की वीडियो रिकॉर्डिंग कराई जाए। इसे पारदर्शी बनाने के लिए भारतीय खेल प्राधिकरण (SAI) और भारतीय ओलंपिक संघ (IOA) द्वारा नियुक्त स्वतंत्र पर्यवेक्षकों की निगरानी में कराया जाए।

उधर, इस मामले में कुश्ती संघ हरियाणा के अध्यक्ष रमेश बोहर ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि देश के पहलवानों के साथ ज्यादती न हो, इसलिए WFI कोर्ट गई है। जो पहलवान जिला, स्टेट और नेशनल तक होते हुए मुकाबले में पहुंचा है, उसके सामने किसी को सीधे एंट्री नहीं दी जाएगी। कुश्ती फेडरेशन के अपने नियम हैं, खेल नियमों से चलता है। पहलवानों के हक के लिए WFI सुप्रीम कोर्ट में गई है।

नेशनल ट्रायल्स के दौरान कुश्ती लड़तीं विनेश फोगाट। फाइल फोटो

डबल बेंच से मिली थी विनेश फोगाट को राहत

दिल्ली हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस देवेंद्र कुमार उपाध्याय और जस्टिस तेजस करिया की डिवीजन बेंच ने विनेश के पक्ष में फैसला सुनाया था। कोर्ट विनेश फोगाट की उस अपील पर सुनवाई कर रहा था, जिसमें उन्होंने सिंगल बेंच के अंतरिम आदेश को चुनौती दी थी। सिंगल जज बेंच ने उनकी याचिका पर अंतरिम राहत देने से इनकार कर दिया था।

विनेश फोगाट ने अपनी याचिका में WFI की चयन नीति और उन्हें जारी किए गए शो-कॉज नोटिस को चुनौती दी है। अब सुप्रीम कोर्ट में होने वाली सुनवाई पर सभी की नजरें टिकी हैं, क्योंकि इसका असर एशियन गेम्स 2026 के चयन प्रक्रिया पर पड़ सकता है।

पेरिस ओलिंपिक में खेला आखिरी मुकाबला

विनेश फोगाट ने 2024 में पेरिस ओलिंपिक में अपना आखिरी कुश्ती मैच खेला था। विनेश ने 50 किलोग्राम वेट कैटेगरी में 6 अगस्त 2024 को एक ही दिन में 3 मैच खेले थे। सेमीफाइनल में क्यूबा की रेसलर को पटखनी दी। फाइनल खेलने से पहले वजन की जांच की गई तो उनका वजन 100 ग्राम ज्यादा निकला। इसके बाद उन्हें अयोग्य करार दे दिया गया। विनेश फोगाट ने 8 अगस्त 2024 को कुश्ती से संन्यास लेने का ऐलान कर दिया।

12 दिसंबर 2025 को विनेश ने संन्यास वापस लेने का ऐलान करते हुए कहा था कि वह 2028 में लॉस एंजिलिस ओलिंपिक में हिस्सा लेना चाहती हैं। विनेश हरियाणा के जींद जिले की जुलाना सीट से कांग्रेस की विधायक हैं।

विनेश फोगाट ने 2024 में पेरिस ओलिंपिक में डिसक्वालीफाई होने के बाद कुश्ती से संन्यास लेने का ऐलान किया था। हालांकि, बाद में उन्होंने अपने इस फैसले को वापस ले लिया था।

सिलसिलेवार ढंग से जानिए पूरा विवाद क्या…

कुश्ती महासंघ ने एंटी-डोपिंग नियमों का हवाला देकर लगाया था बैन

डब्ल्यूएफआई ने एंटी-डोपिंग नियमों के तहत संन्यास से वापसी करने वाले एथलीटों के लिए अनिवार्य छह महीने की नोटिस अवधि का हवाला देते हुए फोगाट को 26 जून, 2026 तक घरेलू प्रतियोगिताओं में भाग लेने के लिए अयोग्य घोषित कर दिया था। अनुशासनहीनता और एंटी-डोपिंग नियमों के उल्लंघन के आरोप में कारण बताओ नोटिस भी जारी किया था।

कुश्ती महासंघ ने लिखा था- विनेश ने संन्यास से वापसी के लिए छह महीने पहले सूचना नहीं दी। इससे WFI संविधान, यूनाइटेड वर्ल्ड रेसलिंग (UWW) नियमों तथा एंटी-डोपिंग प्रावधानों का उल्लंघन हुआ। WFI ने आगे कहा- उनके व्यवहार से भारतीय कुश्ती की छवि को नुकसान पहुंचा और राष्ट्रीय स्तर पर शर्मिंदगी हुई। साथ ही विनेश से चार प्रमुख आरोपों पर जवाब मांगा था। साथ ही पूछा था कि कार्रवाई क्यों नहीं की जाए।

WFI के बैन लगाने पर विनेश की वीडियो पोस्ट कर ये बातें कही थीं…

विनेश फोगाट ने बृजभूषण शरण सिंह पर फिर गंभीर आरोप लगाए। इनसेट में बृजभूषण सिंह।

पिछले डेढ़ साल से रेसलिंग मैट से दूर थी

विनेश ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो पोस्ट करते हुए कहा- आप सब को नमस्कार। जैसा की सभी को पता है कि पिछले डेढ़ साल से मैं रेसलिंग मैट से काफी दूर थी। लेकिन अब कुछ महीनों से मैं रेसलिंग की तैयारियां कर रह रही हूं। बड़ी मेहनत और ईमानदारी से मेहनत कर रही हूं।

जैसे मैंने पहले देश के लिए मेडल जीते, परमात्मा के आशीर्वाद से, आप सबके सहयोग से फिर से रेसलिंग मैट पर जाऊं और देश के लिए ढेर सारे मेडल जीतूं और देश के तिरंगे का मान बनाए रखूं।

एक महीने पहले कॉम्पिटीशन अनाउंस हुआ

विनेश ने आगे कहा कि मैं आप सबके साथ वीडियो के माध्यम से कुछ बातें साझा करना चाहती हूं। आज से करीब एक महीना पहले रेसलिंग फेडरेशन ने एक कॉम्पिटीशन का अनाउंसमेंट किया गया। यह टूर्नामेंट जहां पर ऑर्गनाइज करवाया जा रहा है, वो गोंडा यूपी है। जहां बृजभूषण का घर है।

वहां उसका प्राइवेट कॉलेज है। वहां पर मेहनत करने वाले हर खिलाड़ी को उसका हक मिलेगा, यह बड़ा नामुमकिन और बहुत इम्पॉसिबल चीज है।

सरकार ने सब बृजभूषण के सहारे छोड़ा

विनेश ने कहा, कौन रेफरी, किसके मैच में जाएगा। कौन रेफरी कितने पॉइंट देगा, कौन मैच चेयरमैन कहां पर बैठेगा, किसको जितवाना है, किसको हरवाना है। ये सब बृजभूषण और उसके लोगों द्वारा कंट्रोल किया जाएगा। सरकार और हमारा खेल मंत्रालय मूक दर्शक बनकर इस चीज को देख रहा है।

कोई खिलाड़ियों की मदद के लिए आगे नहीं आ रहा, मानो बृजभूषण को फ्री हैंड दिया हुआ है कि तुम जो मर्जी करो। चाहे तुम महिला पहलवानों के साथ कुछ करो या तुम कुश्ती जगत के साथ कुछ भी करो। हम तुम्हारे साथ में खड़े हैं। सभी मेहनती खिलाड़ियों का वजन सही से चेक किया जाएगा, उनकी मेहनत का असल रिजल्ट मैट पर निकलकर आएगा, ऐसा मुझे नहीं लगता।

तीन साल से केस कोर्ट में पेंडिंग है

विनेश ने कहा कि आज से तीन साल पहले हमने सेक्सुअल हैरेसमेंट के खिलाफ भी आवाज उठाई थी। उससे संबंधित केस कोर्ट में पेंडिंग है। 6 महिला खिलाड़ियों ने उसमें शिकायत और गवाही दी थी, उस केस में गवाहियां चल रही है। सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइन है कि किसी भी पीड़ित की पहचान को सार्वजनिक न किया जाए, क्योंकि उनकी गरिमा और मान सम्मान की बात होती है।

आज कुछ मजबूरियां ऐसी है कि मैं आप सभी को कुछ बताना चाहती हूं। मैं अभी नहीं बोलना चाहती थी, क्योंकि कोर्ट में केस पेडिंग है। देश के सामने सब सच्चाई सामने आ जाएगी। मैं बताना चाहती हूं कि उन 6 में से एक विक्टिम मैं खुद हूं, जिन्होंने शिकायत दी थी।

करीब 3 साल पहले विनेश ने बृजभूषण पर महिला खिलाड़ियों के यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया था।

अब जानिए क्या है यौन उत्पीड़न का पूरा मामला…

बृजभूषण पर लगाए थे यौन उत्पीड़न के आरोप

18 जनवरी 2023 को रेसलर विनेश फोगाट, साक्षी मलिक और बजरंग पूनिया ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर धरना देकर बृजभूषण पर महिला रेसलर्स के साथ यौन उत्पीड़न के आरोप लगाए थे। विनेश फोगाट ने रोते हुए कहा था- बृजभूषण शरण सिंह और कोच नेशनल कैंप में महिला रेसलर्स का यौन उत्पीड़न करते हैं। बृजभूषण खिलाड़ियों के होटल में रुकते थे, जो नियमों के खिलाफ है। टोक्यो ओलिंपिक में हार के बाद WFI के अध्यक्ष ने मुझे खोटा सिक्का कहा था।

बृजभूषण बोले थे- आरोप सही हुए तो फांसी पर लटक जाऊंगा

इन आरोपों पर कुश्ती संघ के पूर्व अध्यक्ष बृजभूषण ने सफाई देते हुए कहा था- किसी भी तरह का उत्पीड़न नहीं हुआ है। अगर हुआ है तो मैं फांसी पर लटक जाऊंगा। उन्होंने धरने को स्पॉन्सर्ड बताते हुए इसके पीछे हरियाणा कांग्रेस के राज्यसभा सांसद दीपेंद्र हुड्‌डा को बताया था। उन्होंने कहा था कि अब ये खिलाड़ी नेशनल लेवल पर भी खेलने योग्य नहीं रहे।

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ओलिंपियन रेसलर विनेश फोगाट ने भारतीय कुश्ती संघ (WFI) के पूर्व अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह पर एक बार फिर गंभीर आरोप लगाए हैं। सोशल मीडिया पर वीडियो शेयर करके विनेश ने कहा, यूपी के गोंडा में 10 से 12 मई के बीच सीनियर ओपन रैंकिंग कुश्ती टूर्नामेंट हो रहा है। (पूरी खबर पढ़ें)



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