World News Updates; Trump Pakistan China
11 मिनट पहले
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अमेरिकी सीनेटर लिंडसे ग्राहम ने ईरान-इजराइल तनाव के बीच पाकिस्तान की मध्यस्थ की भूमिका पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान खुद को मध्यस्थ बताता है, लेकिन उसका इजराइल के प्रति रवैया हमेशा से विरोधी रहा है।
ग्राहम ने सोशल मीडिया पोस्ट में दावा किया कि ईरानी सैन्य विमान पाकिस्तान के एयरबेस पर मौजूद हैं। उन्होंने पाकिस्तान के नेताओं के पुराने इजराइल विरोधी बयानों का भी जिक्र किया।
ग्राहम ने पाकिस्तान के रक्षा मंत्री के उस पुराने बयान का हवाला दिया, जिसमें कहा गया था कि पाकिस्तान कभी अब्राहम समझौते में शामिल नहीं होगा क्योंकि उसे इजराइल पर भरोसा नहीं है। ग्राहम ने कहा कि भले यह बयान पुराना हो, लेकिन सोच आज भी वही लगती है।
उन्होंने कहा कि अब पाकिस्तान को राष्ट्रपति राष्ट्रपति की उस अपील पर जवाब देना चाहिए, जिसमें मुस्लिम देशों से इजराइल के साथ रिश्ते सामान्य करने को कहा गया है।
अब्राहम समझौते के तहत कुछ अरब देशों ने इजराइल के साथ राजनयिक रिश्ते बनाए थे और इजराइल को देश के रूप में मान्यता दी थी। ट्रम्प अब इस दायरे को और बढ़ाना चाहते हैं।
पाकिस्तान इस समझौते का हिस्सा नहीं है और वो इजराइल को देश नहीं मानता है। पाकिस्तान लंबे समय से कहता रहा है कि वह फिलिस्तीन मुद्दे का समाधान हुए बिना इजराइल को मान्यता नहीं देगा। ये खबर भी पढ़ें…
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रिपोर्ट- ट्रम्प सरकार की पूर्व वकील पैम बॉन्डी कैंसर से जूझ रहीं, एक महीने पहले ही पद से हटाया था
ट्रम्प सरकार की पूर्व वकील (पूर्व अटॉर्नी जनरल) पैम बॉन्डी चुपचाप थायरॉयड कैंसर से जूझ रही हैं। अमेरिकी मीडिया एक्सियोस के मुताबिक, जस्टिस डिपार्टमेंट छोड़ने के बाद उनका इलाज हुआ और अब वह रिकवरी कर रही हैं।
राष्ट्रपति ट्रम्प ने अप्रैल में पैम को उनके पद से हटा दिया था। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक यह फैसला जेफ्री एपस्टीन केस से जुड़ी फाइलों को संभालने के तरीके को लेकर लिया गया था।
हालांकि, कैंसर की खबरों पर पैम बॉन्डी ने खुद अब तक कोई सार्वजनिक बयान नहीं दिया है। व्हाइट हाउस के डिप्टी चीफ ऑफ स्टाफ स्टीफन मिलर की पत्नी केटी मिलर ने सोशल मीडिया पर लिखा कि पैम बॉन्डी पिछले कुछ हफ्तों से कैंसर से मजबूती से लड़ रही हैं।
इसी बीच रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि ट्रम्प ने पैम बॉन्डी को व्हाइट हाउस की AI एडवाइजरी कमेटी में शामिल किया है।
भारत ने जम्मू-कश्मीर पर चीन-पाकिस्तान का बयान खारिज किया:कहा- दूसरे देश को टिप्पणी का हक नहीं
भारत ने चीन और पाकिस्तान के संयुक्त बयान में जम्मू-कश्मीर के जिक्र को पूरी तरह खारिज कर दिया है। विदेश मंत्रालय ने कहा कि जम्मू-कश्मीर और लद्दाख भारत के अभिन्न और अविभाज्य हिस्से हैं। भारत ने चीन-पाकिस्तान इकोनॉमिक कॉरिडोर (CPEC) परियोजनाओं पर भी कड़ी आपत्ति जताई।
यह बयान पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ की चीन यात्रा के बाद जारी संयुक्त बयान के जवाब में आया है। इसमें कहा गया था कि पाकिस्तान ने चीन को जम्मू-कश्मीर के हालात की जानकारी दी।
इसके बाद चीन ने कहा कि जम्मू-कश्मीर मुद्दा इतिहास से जुड़ा विवाद है और इसका समाधान संयुक्त राष्ट्र चार्टर, UNSC प्रस्तावों और द्विपक्षीय समझौतों के तहत शांतिपूर्ण तरीके से होना चाहिए। पढ़ें पूरी खबर…
UN में भारत की पाक को दोटूक: सीमा पार आतंकवाद के परिणाम भुगतने होंगे
संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में भारत ने पाकिस्तान को सीमा पार आतंकवाद पर कड़ा जवाब दिया। भारत ने कहा कि पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवाद के खिलाफ उसे आत्मरक्षा का पूरा अधिकार है और इस तरह की हरकतों के परिणाम पाकिस्तान को भुगतने होंगे।
संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी प्रतिनिधि राजदूत हरीश पार्वथनेनी ने सुरक्षा परिषद की बैठक में पाकिस्तान की टिप्पणियों को “बेबुनियाद और अनुचित” बताया। उन्होंने कहा कि स्वतंत्र भारत की शुरुआत ही पाकिस्तान के सीमा पार आक्रमण से हुई थी।
पार्वथनेनी ने कहा कि पाकिस्तान ने भारत के खिलाफ कई युद्ध किए और लगातार सीमा पार आतंकवाद को समर्थन देकर संप्रभुता, क्षेत्रीय अखंडता और शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व के सिद्धांतों का उल्लंघन किया है।
UNSC की बैठक में पाकिस्तान के उप प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री इशाक डार ने जम्मू-कश्मीर और सिंधु जल संधि का मुद्दा उठाया था।
भारत ने अप्रैल 2025 में पहलगाम आतंकी हमले के बाद सिंधु जल संधि को स्थगित कर दिया था। इस हमले में 26 नागरिकों की मौत हुई थी। हमले की जिम्मेदारी लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े संगठन द रेजिस्टेंस फ्रंट (TRF) ने ली थी।
भारत ने कहा कि पाकिस्तान लंबे समय से आतंकवाद, धार्मिक कट्टरता और भारत विरोधी गतिविधियों को बढ़ावा देता रहा है। पार्वथनेनी ने कहा कि पाकिस्तान को विश्वसनीय और अपरिवर्तनीय तरीके से हर प्रकार के आतंकवाद का समर्थन बंद करना होगा।

