अमायरा मौत मामला: चार्जशीट पर परिजनों ने उठाए सवाल:कहा- बच्ची को आत्महत्या के लिए मजबूर किया; प्रिंसिपल-स्कूल संचालक को बचाने का आरोप

अमायरा मौत मामला: चार्जशीट पर परिजनों ने उठाए सवाल:कहा- बच्ची को आत्महत्या के लिए मजबूर किया; प्रिंसिपल-स्कूल संचालक को बचाने का आरोप




जयपुर में कक्षा 4 की छात्रा अमायरा की मौत के मामले में पुलिस ने अदालत में जो चार्जशीट पेश की है, उस पर परिजनों ने गंभीर सवाल खड़े किए हैं। अमायरा के माता-पिता ने पुलिस जांच को अधूरा और पक्षपातपूर्ण बताया है। परिवार का आरोप है कि मामले के कई महत्वपूर्ण पहलुओं को नजरअंदाज किया गया है। उन्होंने चार्जशीट में आत्महत्या के लिए उकसाने की धारा नहीं जोड़ने पर भी कड़ी आपत्ति जताई है। इस मामले को लेकर अमायरा के माता-पिता ने गुरुवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की। बता दें कि 9 साल की अमायरा ने 1 नवंबर 2025 को स्कूल बिल्डिंग की चौथी मंजिल से कूदकर आत्महत्या (सुसाइड) कर ली थी। चार्जशीट में महत्वपूर्ण पहलुओं को कोई महत्व नहीं दिया अमायरा के पिता विजय मीणा ने कहा- जांच के दौरान यह तथ्य सामने आया है कि स्कूल में पढ़ाने वाले कई शिक्षक योग्य नहीं हैं और उनके पास बीएड (B.Ed) की डिग्री तक नहीं है। इस संबंध में मामला हाईकोर्ट में भी विचाराधीन है, लेकिन पुलिस ने चार्जशीट में इन महत्वपूर्ण पहलुओं को कोई महत्व नहीं दिया। परिवार को ही मानसिक रूप से प्रताड़ित किया अमायरा की मां शिवानी ने कहा- पुलिस ने जांच के नाम पर उनके परिवार को ही मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया। उनसे बार-बार ऐसे सवाल पूछे गए, जिससे ऐसा प्रतीत होता था कि पुलिस उनकी बच्ची की ही मानसिक स्थिति पर सवाल उठा रही है। स्कूल की निगरानी की जिम्मेदारी प्रिंसिपल की होती है, लेकिन इस मामले में उन्हें बचाने की कोशिश की जा रही है। यदि शिक्षिका ने समय रहते बच्ची के व्यवहार और उसकी स्थिति पर ध्यान दिया होता, तो शायद यह हादसा टाला जा सकता था। चार आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट पेश पुलिस ने इस मामले में नीरजा मोदी स्कूल के संचालक सौरभ मोदी, प्रिंसिपल इंदु दुबे, शिक्षिका पुनीता शर्मा और सफाई कर्मचारी राम के खिलाफ अदालत में चार्जशीट पेश की है। हालांकि, अमायरा के परिजनों ने इस चार्जशीट पर कड़ी आपत्ति जताते हुए इसे अधूरा और पक्षपातपूर्ण बताया है। परिजनों का कहा- आरोपियों के खिलाफ लगाए गए आरोप बेहद मामूली हैं, जबकि मामले की गंभीरता को देखते हुए इसमें ‘आत्महत्या के लिए उकसाने’ जैसी गंभीर धाराएं जोड़ी जानी चाहिए थीं। उन्होंने न्यायपालिका से निष्पक्ष सुनवाई और पुलिस की इस चार्जशीट की दोबारा समीक्षा करने की मांग की है, ताकि उनकी बेटी को न्याय मिल सके। घटना से पहले किस पीड़ा में थी मासूम अमायरा? मामले में क्लास के अंदर का एक सीसीटीवी (CCTV) फुटेज सामने आने के बाद स्कूल प्रशासन की लापरवाही पर सवाल और गहरे हो गए हैं। फुटेज में मासूम अमायरा कई बार टीचर के पास जाती हुई दिखाई देती है और बार-बार अपने कान व सिर पर हाथ लगाती नजर आती है। इसके बाद वह कक्षा से बाहर निकल जाती है। इन दृश्यों के सामने आने के बाद यह यक्ष प्रश्न खड़ा हो गया है कि घटना से ठीक पहले बच्ची किस शारीरिक या मानसिक पीड़ा से गुजर रही थी और उस दौरान कक्षा में मौजूद टीचर या स्कूल प्रबंधन ने उसकी सुध लेने के लिए क्या कदम उठाए।



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