करनाल में पूर्व-सीएम भूपेंद्र हुड्डा ने सरकार पर साधा निशाना:गेहूं खरीद में देरी, कांग्रेस के कार्यकाल से कम टारगेट, महिला आरक्षण पर उठाए सवाल
हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने मंगलवार को बीजेपी सरकार पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने गेहूं खरीद के आंकड़े पेश करते हुए कहा कि किसानों को एमएसपी देने और फसल खरीद के मामले में मौजूदा सरकार पिछड़ रही है। साथ ही पेमेंट में देरी और किसानों पर लगाई जा रही शर्तों को लेकर भी सवाल उठाए गए। इंद्री के रेस्ट हाउस में मीडिया से बात करते हुए हुड्डा ने कहा कि 2013 में कांग्रेस सरकार के समय 87 लाख मीट्रिक टन से ज्यादा गेहूं की खरीद की गई थी। इसके मुकाबले अब बीजेपी सरकार ने इस बार केवल 72 लाख मीट्रिक टन खरीद का लक्ष्य रखा है। यानी कांग्रेस के समय से 15 लाख मीट्रिक टन कम। उन्होंने कहा कि इससे साफ है कि किसानों के हितों में सरकार कमजोर साबित हो रही है। पेमेंट में देरी का आरोप पूर्व सीएम हुड्डा ने कहा कि, केवल खरीद ही नहीं, बल्कि किसानों को भुगतान में भी देरी हो रही है। अब तक सिर्फ 36 प्रतिशत खरीद की ही पेमेंट हो पाई है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार सुचारू खरीद करने की बजाय किसानों पर नई-नई शर्तें थोप रही है। किसानों पर बढ़ी प्रक्रियाएं उन्होंने बताया कि किसानों को पहले पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन करना पड़ता है, फिर गेट पास लेना होता है। इसके बाद बायोमेट्रिक, ट्रैक्टर नंबर वेरिफिकेशन और गारंटर जैसी कई प्रक्रियाओं से गुजरना पड़ता है। कांग्रेस ने मांग की है कि सरकार इन शर्तों को खत्म कर आसान प्रक्रिया लागू करे और समय पर भुगतान सुनिश्चित करे। महिला आरक्षण बिल पर भी उठाए सवाल हुड्डा ने कहा कि महिला आरक्षण बिल 20 सितंबर 2023 को लोकसभा में 454 वोटों से पास हो चुका था और यह कानून बन चुका है। अगर बीजेपी वास्तव में महिला हितैषी होती तो इसे उसी समय लागू कर देती। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने डिलिमिटेशन से जोड़कर इसे उलझाने का काम किया है। राज्यपाल को सौंपा ज्ञापन हुड्डा ने बताया कि कांग्रेस विधायक दल ने राज्यपाल से मिलकर ज्ञापन सौंपा है। इसमें महिला आरक्षण बिल के मुद्दे के साथ-साथ कांग्रेस विधायकों को राजनीतिक द्वेष के तहत परेशान करने का मामला भी उठाया गया है। उन्होंने कहा कि इस विषय पर विधानसभा सत्र बुलाना पूरी तरह गैर-संवैधानिक है।
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