केन नदी में मौरंग खनन का विरोध:बांदा में लीज रद्द करने की मांग, 24 हेक्टेयर के प्रस्ताव पर सवाल
बांदा जिले के दुरेडी गांव में केन नदी किनारे 24 हेक्टेयर (59.30 एकड़) में मौरंग खनन की लीज रद्द करने की मांग की गई है। बुंदेलखंड इंसाफ सेना ने इस संबंध में जिलाधिकारी के जरिए मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा है। संगठन ने खनन वाली जगह के पास पानी सप्लाई के ढांचे, भूरागढ़ किला और बन रहे नदी पुल की सुरक्षा पर सवाल उठाए हैं। ज्ञापन में बताया गया है कि दुरेडी गांव में केन नदी किनारे गाटा संख्या 678, 680क, 681क, 682, 677क, 683ख और 676 में कुल 24 हेक्टेयर में M/s ओम ट्रेडर्स को मौरंग खनन की लीज देने का प्रस्ताव है। संगठन का कहना है कि वहां की मौजूदा स्थिति को देखते हुए खनन करना ठीक नहीं है। बुंदेलखंड इंसाफ सेना के अध्यक्ष ए एस नोमानी ने बताया कि खनन वाली जगह के एक पिलर से ओवरहेड वाटर टैंक करीब 140 मीटर दूर है। संगठन को डर है कि नदी में खनन से पानी सप्लाई के ढांचे को नुकसान पहुंच सकता है। इसी तरह, पिलर A से भूरागढ़ किले की दूरी करीब 400 मीटर बताई गई है। ज्ञापन में कहा गया है कि भूरागढ़ किला एक संरक्षित स्मारक है, इसलिए खनन वाली जगह की दोबारा जांच होनी चाहिए। इसके अलावा, पिलर D और E के पास पानी सप्लाई की पक्की नाली है। प्रस्तावित लीज क्षेत्र के पास एक नदी पुल भी बन रहा है। संगठन के मुताबिक, पुल की दूरी पिलर H से करीब 100 मीटर है। ज्ञापन में कहा गया है कि नदी में खनन से पुल की नींव, पिलर और एबटमेंट (किनारे का सहारा) की सुरक्षा पर असर पड़ सकता है। सुरक्षा नियमों की भी जांच संगठन ने मांग की है कि खनन, सिंचाई/जल संसाधन, जल निगम/पानी सप्लाई, लोक निर्माण विभाग और भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) जैसे विभागों की एक संयुक्त टीम से जगह की जांच कराई जाए। सभी ढांचों की सही दूरी और सुरक्षा नियमों की भी जांच होनी चाहिए।
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