गढ़वा में पथराव, पुलिस ने की हवाई फायरिंग:सड़क हादसे में दो युवकों की मौत, मुआवजे को लेकर हुआ बवाल; एक दर्जन लोग हिरासत में
गढ़वा थाना क्षेत्र अंतर्गत महुलिया पंचायत में गुरुवार को तेज रफ्तार ट्रैक्टर की चपेट में आने से दो युवकों की मौत हो गई। इसके बाद आक्रोशित ग्रामीणों ने सड़क जाम कर दिया और हंगामा किया। स्थिति इतनी बिगड़ गई कि पुलिस को हल्का बल प्रयोग के साथ हवाई फायरिंग तक करनी पड़ी। महुलिया पंचायत निवासी राहुल चौधरी (26) और नंदलाल राम (26) महुलिया स्कूल के पास अपनी बाइक के साथ खड़े थे। इसी दौरान एक तेज रफ्तार ट्रैक्टर ने अचानक नियंत्रण खो दिया और दोनों को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि राहुल चौधरी की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि नंदलाल राम गंभीर रूप से घायल हो गए। ट्रैक्टर चालक वाहन छोड़कर हुआ फरार स्थानीय ग्रामीणों की मदद से घायल नंदलाल राम को तत्काल गढ़वा सदर अस्पताल ले जाया जा रहा था, लेकिन रास्ते में ही उसने दम तोड़ दिया। इधर, हादसे के बाद ट्रैक्टर चालक वाहन छोड़कर मौके से फरार हो गया। सूचना मिलते ही गढ़वा थाना पुलिस घटनास्थल पर पहुंची और ट्रैक्टर को जब्त कर लिया। वहीं, घटना से आक्रोशित परिजनों और ग्रामीणों ने पोस्टमॉर्टम के बाद दोनों शवों को सड़क पर रखकर एनएच-343 को जाम कर दिया। सड़क जाम करीब पांच घंटे तक जारी रहा, जिससे आवागमन पूरी तरह बाधित हो गया। प्रदर्शनकारियों की मांग थी कि मृतकों के परिजनों को 20 लाख रुपए का मुआवजा और एक सदस्य को सरकारी नौकरी दी जाए। साथ ही दोषी चालक और वाहन मालिक के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। ग्रामीणों ने पुलिस पर पथराव शुरू कर दिया जाम की सूचना मिलने के बाद प्रशासन हरकत में आया। गढ़वा एसडीओ संजय कुमार, सीओ सफी आलम, बीडीओ कुमार नरेंद्र नारायण और थाना प्रभारी सुनील कुमार तिवारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और परिजनों को समझाने का प्रयास किया। लेकिन स्थिति अचानक बिगड़ गई और आक्रोशित ग्रामीणों ने पुलिस पर पथराव शुरू कर दिया। पांच राउंड हवाई फायरिंग
पथराव में कुछ पुलिसकर्मी और पदाधिकारी घायल हो गए। वहीं, एक पुलिस वाहन भी क्षतिग्रस्त हो गया। हालात बेकाबू होते देख पुलिस ने पहले हल्का बल प्रयोग किया, लेकिन जब भीड़ नहीं मानी तो आत्मरक्षा में पांच राउंड हवाई फायरिंग करनी पड़ी। इसके बाद स्थिति धीरे-धीरे नियंत्रण में आई और सड़क जाम समाप्त कराया गया। पुलिस ने इस मामले में सख्ती दिखाते हुए करीब एक दर्जन लोगों को हिरासत में लिया है। साथ ही घटनास्थल से लगभग 20 मोटरसाइकिल जब्त कर थाना ले गई। पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी है और उपद्रवियों की पहचान कर आगे की कार्रवाई की जा रही है। इधर, जांच के दौरान यह चौंकाने वाला तथ्य सामने आया कि ट्रैक्टर पर लगा नंबर फर्जी था। इसके बाद पुलिस अब इंजन नंबर के आधार पर वाहन के असली मालिक की पहचान करने में जुट गई है।
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