गुरुग्राम में सीएंडडी वेस्ट साइड के खिलाफ थाना पहुंचे रेजिडेंट्स:नगर निगम पर लगाया एनजीटी आदेशों के उल्लंघन का आरोप, अधिकारियों पर एफआईआर की मांग

गुरुग्राम में सीएंडडी वेस्ट साइड के खिलाफ थाना पहुंचे रेजिडेंट्स:नगर निगम पर लगाया एनजीटी आदेशों के उल्लंघन का आरोप, अधिकारियों पर एफआईआर की मांग




गुरुग्राम नगर निगम द्वारा सेक्टर 106 बाबुपुर में प्रस्तावित ‘कंस्ट्रक्शन एंड डिमोलिशन’ वेस्ट प्रोसेसिंग फैसिलिटी और डंप साइट के खिलाफ रेजिडेंट्स ने विरोध शुरू कर दिया है। बुधवार दोपहर बड़ी संख्या में गोदरेज मेरिडियन और आसपास की सोसाइटियों के आरडब्ल्यूए पदाधिकारी और रेजिडेंट्स राजेंद्रा पार्क थाने पहुंचे और थाना प्रभारी को एक लिखित शिकायत सौंपकर नगर निगम के संबंधित अधिकारियों और ठेकेदारों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। रेजिडेंट्स ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि निगम द्वारा सेक्टर 106 में प्रस्तावित ‘कंस्ट्रक्शन एंड डिमोलिशन’ वेस्ट प्रोसेसिंग फैसिलिटी और डंप साइट नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) के आदेशों का सीधा उल्लंघन है, जो सीधे तौर पर कोर्ट की अवमानना का मामला बनता है। इस डंप साइट का मामला एनजीटी में है, जिसकी सुनवाई 10 सितंबर 2026 को होनी है। अगर एमसीजी ने सारे नियमों का पालन किया है तो वह एनजीटी में जवाब दर्ज कराएं और एनजीटी की सुनवाई से पूर्व साइट पर काम न करें। बिना बोर्ड की अनुमति के जारी किया टेंडर शिकायत के अनुसार नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल ने 24 जनवरी 2018 को स्पष्ट आदेश जारी किया था कि हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (HSPCB) की पूर्व अनुमति के बिना किसी भी सीएंडडी वेस्ट प्रोसेसिंग यूनिट की स्थापना नहीं की जा सकती। इसके बावजूद नगर निगम ने बाबुपुर साइट के लिए बिना किसी पूर्व अनुमति के टेंडर आमंत्रित कर दिया। प्रदूषण बोर्ड को नहीं दी जानकारी इस मामले में सबसे चौंकाने वाला खुलासा तब हुआ जब मीडिया में प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी का बयान सामने आया। जिसमें उन्होंने कहा कि विभाग को सेक्टर 106, बाबुपुरमें बनने वाली इस डंप साइट के बारे में कोई जानकारी ही नहीं थी। इससे साफ होता है कि निगम ने टेंडर प्रक्रिया शुरू करने से पहले जरूरी पर्यावरणीय और वैधानिक अनुमतियों को पूरी तरह ताक पर रख दिया। तीन साल की जेल का है प्रावधान आरडब्ल्यूए प्रेजीडेंट बी. सरीन ने पुलिस को दी शिकायत में कानूनी प्रावधानों का हवाला देते हुए बताया कि नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल एक्ट, 2010 की धारा 26 के तहत एनजीटी के आदेशों का उल्लंघन या अवमानना करने पर दोषी को 3 साल तक के कारावास (इम्प्रीजनमेंट) की सजा हो सकती है। बिना बोर्ड की अनुमति के काम करना सीधे तौर पर कानून का मजाक उड़ाना है। अवैध रूप से काटे जा रहे पेड़ शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि निगम और उसके कांट्रैक्टर द्वारा इस साइट को तैयार करने के लिए क्षेत्र में अवैध रूप से पेड़ों की कटाई की जा रही है। निवासियों ने इसके पुख्ता सबूत और तस्वीरें भी शिकायत के साथ संलग्न की हैं। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि रिहायशी इलाके के पास इस तरह की डंप साइट बनने और पेड़ों के कटने से वायु प्रदूषण और धूल की गंभीर समस्या पैदा हो जाएगी, जो हजारों परिवारों के स्वास्थ्य के लिए बड़ा खतरा है। कार्रवाई की मांग गोदरेज मेरिडियन और आसपास के सेक्टरों के लोगों ने हस्ताक्षर कर पुलिस प्रशासन से गुहार लगाई है कि वे अपने स्तर पर तुरंत हस्तक्षेप करें। उन्होंने मांग की है कि नगर निगम को कोर्ट की अवमानना करने और पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने वाली इस कार्रवाई से तुरंत रोका जाए और अवैध रूप से पेड़ों की कटाई पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया जाए।



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