चंडीगढ़ में पार्किंग से घाटे पर निगरानी:हर पार्किंग स्थल की रोजाना मॉनिटरिंग होगी, एक महीने के राजस्व रिकॉर्ड की जांच
चंडीगढ़ नगर निगम ने शहर की पेड पार्किंग व्यवस्था को लेकर बड़ा कदम उठाया है। अब शहर के सभी पार्किंग स्थलों की रोजाना आय, वाहनों की संख्या और संचालन से जुड़ी रिपोर्ट निगम की पार्किंग शाखा को भेजना अनिवार्य होगा। इसके साथ ही पार्किंग कर्मचारियों की तैनाती, उनकी फिजिकल वेरिफिकेशन और मौके पर नियमित निरीक्षण भी किए जाएंगे। ज्वाइंट कमिश्नर डॉ. इंदरजीत ने निगम कर्मचारियों को एक महीने की रिपोर्ट की समीक्षा के आदेश दिए हैं। पहले भी सामने आ चुकी हैं राजस्व गड़बड़ियां नगर निगम की पार्किंग व्यवस्था पहले भी कई बार विवादों में रही है। पिछले वर्षों में कई पार्किंग स्थलों पर राजस्व में गड़बड़ी, बिना रसीद शुल्क वसूली और वाहनों की वास्तविक संख्या छिपाने के आरोप लग चुके हैं। कुछ मामलों में निगम को अपेक्षा से काफी कम राजस्व मिला, जबकि पार्किंग स्थलों पर वाहनों की संख्या अधिक पाई गई थी। निगम अधिकारियों के मुताबिक कई जगहों पर मैनुअल एंट्री के कारण आय का सही रिकॉर्ड नहीं बन पाता। यही वजह है कि अब डिजिटल निगरानी और दैनिक रिपोर्टिंग सिस्टम को सख्ती से लागू किया जा रहा है। बिना शुल्क किसी वाहन की एंट्री नहीं किसी भी वाहन को बिना शुल्क पार्किंग स्थल में प्रवेश न दिया जाए। पार्किंग कर्मचारियों की ड्यूटी और कार्यप्रणाली पर भी नजर रखने के आदेश दिए गए हैं। ज्वाइंट कमिश्नर डॉ. इंदरजीत ने कहा कि पार्किंग व्यवस्था में पारदर्शिता लाना जरूरी है। इससे लोगों को सुविधा मिलेगी और नगर निगम के राजस्व में भी बढ़ोतरी होगी। कर्मचारियों का रिकॉर्ड और फिजिकल जांच होगी नगर निगम ने पार्किंग स्थलों पर तैनात कर्मचारियों का पूरा रिकॉर्ड तैयार करने और समय-समय पर उनकी फिजिकल जांच करने के निर्देश दिए हैं। अधिकारियों को कहा गया है कि किसी भी तरह की अनियमितता मिलने पर तुरंत रिपोर्ट तैयार की जाए। इसके अलावा संबंधित अधिकारियों को नियमित निरीक्षण करने की जिम्मेदारी भी दी गई है, ताकि पार्किंग स्थलों पर अवैध वसूली और नियमों के उल्लंघन को रोका जा सके। कम आय वाली पार्किंग साइटों की होगी समीक्षा बैठक में उन पार्किंग स्थलों पर भी चर्चा हुई, जहां अपेक्षा से काफी कम वाहन पार्क हो रहे हैं। रोड डिवीजन नंबर-1, 2 और 3 के अधिकारियों को ऐसे पार्किंग स्थलों की विस्तृत रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं। निगम यह भी तय करेगा कि किन पार्किंग स्थलों को जारी रखना है और किन्हें बंद किया जा सकता है। अधिकारियों के अनुसार कुछ स्थानों पर पार्किंग से होने वाली आय, उसके संचालन पर आने वाले खर्च से भी कम है। एलांते मॉल और व्यस्त बाजारों पर विशेष फोकस बैठक में एलांते मॉल के आसपास बढ़ते ट्रैफिक और पार्किंग दबाव को लेकर भी चर्चा हुई। रोड डिवीजन नंबर-2 के अधिकारियों को जरूरत के मुताबिक बैरिकेडिंग लगाने और पार्किंग संचालन को व्यवस्थित करने के निर्देश दिए गए। इसके अलावा सेक्टर-17, सेक्टर-22, सेक्टर-34 और सेक्टर-43 जैसे व्यस्त बाजारों और कमर्शियल क्षेत्रों की पार्किंग व्यवस्था पर भी विशेष नजर रखने को कहा गया है। इन इलाकों में अक्सर जाम और अवैध पार्किंग की शिकायतें मिलती रही हैं। ऑनलाइन भुगतान में दिक्कतें, बैंक को भेजा जाएगा पत्र नगर निगम को कई पार्किंग स्थलों पर लगी पीओएस मशीनों में बैटरी और तकनीकी खराबी की शिकायतें मिल रही थीं। कई बार ऑनलाइन भुगतान सुविधा बंद होने से लोगों को नकद भुगतान करना पड़ता है। अधिकारियों का मानना है कि इससे मैनुअल फीस वसूली में गड़बड़ी और राजस्व लीकेज की संभावना बढ़ जाती है। इसी को देखते हुए बैंक ऑफ बड़ौदा को पत्र भेजकर मशीनों और डिजिटल भुगतान व्यवस्था में सुधार करने का निर्णय लिया गया है। एक महीने का रिकॉर्ड मांगा नगर निगम ने सेक्टर-34 पिकाडिली बैकसाइड, पिकाडिली राइट साइड और सेक्टर-43 स्थित पार्किंग स्थलों की विशेष समीक्षा की है। संबंधित अधिकारियों को इन पार्किंग स्थलों का पिछले एक महीने का विस्तृत राजस्व रिकॉर्ड पेश करने के निर्देश दिए गए हैं। शहर में बढ़ रहा पार्किंग दबाव चंडीगढ़ में लगातार बढ़ रहे वाहनों के कारण पार्किंग व्यवस्था निगम के लिए बड़ी चुनौती बनती जा रही है। शहर में हजारों वाहन रोजाना बाजारों, मॉल और सार्वजनिक स्थलों पर पहुंचते हैं। ऐसे में निगम अब पार्किंग व्यवस्था को पूरी तरह डिजिटल और पारदर्शी बनाने की दिशा में काम कर रहा है, ताकि लोगों को बेहतर सुविधा मिले और राजस्व नुकसान भी रोका जा सके।
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