डीएनटी और मूल ओबीसी महापंचायत का जेल भरो आंदोलन:नागौर कलेक्ट्रेट पर उग्र प्रदर्शन, सीएम का पुतला फूंका; अलग से 10% आरक्षण की मांग
अपनी 11 सूत्री मांगों को लेकर प्रदेश सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए राष्ट्रीय पशुपालक संघ, डीएनटी संघर्ष समिति और मूल ओबीसी महापंचायत ने शुक्रवार को नागौर में बड़ा प्रदर्शन किया। संयुक्त तत्वावधान में जुटे सैकड़ों समाज बंधुओं ने नागौर कलेक्ट्रेट के सामने राज्य सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और मुख्यमंत्री का पुतला फूंका। इसके बाद आंदोलनकारियों ने जेल भरो आंदोलन शुरू कर दिया। प्रदर्शन के बाद जिला कलेक्टर को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा गया।
सुप्रीम कोर्ट के फैसले का दिया हवाला, ‘ए’ वर्ग में रखने की मांग संघर्ष समिति के अध्यक्ष लालजी रायका ने बताया कि आंदोलन का मुख्य उद्देश्य डीएनटी समाज को उसका हक दिलाना है। इसमें सबसे प्रमुख मांग समाज के लिए अलग से 10% आरक्षण लागू करने की है। रायका ने कहा कि रेनके और ईदाते आयोग ने भी इसकी सिफारिश की है। इसके अलावा सुप्रीम कोर्ट ने भी आरक्षण के उप-वर्गीकरण के जरिए डीएनटी को ‘ए’ वर्ग में रखने की बात कही है।
यह हैं समाज की प्रमुख मांगें: आबादी 1.23 करोड़, अब उपेक्षा बर्दाश्त नहीं संघर्ष समिति के पदाधिकारियों ने कहा कि राजस्थान में डीएनटी समाज की आबादी करीब 15 प्रतिशत है। राज्य में लगभग 1.23 करोड़ लोग इस समाज के निवास करते हैं। इतनी बड़ी आबादी होने के बावजूद समाज को उसका हक नहीं मिल रहा है, जिसे अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
अल्टीमेटम: प्रेजेंटेशन दे चुके, अब सीएम स्तर पर तुरंत हो दूसरे दौर की वार्ता संघर्ष समिति ने सरकार के सामने साफ रुख रख दिया है। उनकी मांग है कि अब दूसरे दौर की वार्ता सीधे मुख्यमंत्री स्तर पर होनी चाहिए। इससे पहले 5 दिसंबर को हुई पहले दौर की वार्ता में समिति अपनी मांगों और समस्याओं को लेकर सरकार के सामने पूरा प्रेजेंटेशन दे चुकी है। आंदोलनकारियों ने चेतावनी दी है कि सरकार बिना समय गंवाए अगले दौर की वार्ता की तिथि और समय तुरंत घोषित करे, ताकि समस्याओं का स्थाई समाधान निकल सके।
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