डॉक्टर ने किया मृत घोषित, अंतिम-संस्कार से पहले जिंदा हुई:बरेली में वृद्धा का चल रहा था इलाज, परिजन अंतिम संस्कार के लिए आगरा लाए
आगरा के ट्रांस यमुना थाना क्षेत्र के श्रीनगर कॉलोनी में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहां की रहने वाली 65 साल की शाीला देवी को बरेली के निजी अस्पताल में उपचार के दौरान मौत हो गई। डॉक्टर ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। शीला देवी का बेटा अंतिम संस्कार के लिए उन्हें अपने घर आगरा ले आया। रिश्तेदार भी आ गए। अंतिम संस्कार की तैयारी चल रही थी कि इसी बीच शीला देवी की धड़कन चलने लगी। शरीर में हलचल हुई। सभी आश्चर्यचकित रह गए। अब शीला देवी का इलाज चल रहा है।
श्रीनगर कॉलोनी में शीला देवी पत्नी दिवंगत हरिओम माहौर अपने बेटे सुनील माहौर के परिवार के साथ रहती है। उनका दूसरा बेटा संजीव बदांयू में एक निजी अस्पताल में कार्यरत है। बताया गया है कि शाीला देवी की तबितय काफी दिन से खराब थी। इलाज के लिए वो अपने बेटे के पास गई थी। बरेली के निजी अस्पताल में शीला देवी का इलाज चल रहा था।
पड़ोसियों के अनुसार, मंगलवार रात करीब तीन बजे डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया था। मृत घोषित किए जाने के बाद परिवार शव को एम्बुलेंस से आगरा ले आया। घर पर मातम छा गया। परिजन रो रहे थे। घर पर अंतिम संस्कार की तैयारियां शुरू हो चुकी थीं। अंतिम संस्कार का सामान भी पहुंच गया था और रिश्तेदार अंतिम विदाई के लिए एकत्र हो चुके थे। लोगों का कहना है कि अंतिम संस्कार की तैयारी के बीच सुबह करीब 8 बजे शीला देवी के शरीर में हलचल होने लगी। उनकी धड़कन लौट आई। जब शीला देवी के दामाद ने उन्हें छुआ तो उन्होंने हाथ पकड़ लिया। इसके बाद लोगों में हलचल मच गई। लोगों का कहना है कि शीला देवी ने कहा कि उसे कहां ले जा रहे हो। इसके बाद परिजनों में अफरा-तफरी मच गई। बिना देर किए उन्हें तत्काल आगरा के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका उपचार जारी है। घर पर लग गई भीड़
महिला के जिंदा होने की खबर इलाके में तेजी से फैल गई। लोग इसे चमत्कार बताते हुए उनके घर पर आ गए। लोगों की भीड़ लग गई। परिजनों को भी घटना पर विश्वास नहीं हो रहा है। पहले भी हुआ था ऐसा ही मामला
आगरा में करीब तीन साल पहले भी ऐसा ही मामला सामने आया था। एक भाजपा नेता को उपचार के दौरान डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया था। परिजन जब उन्हे घर ले गए थे तो उनकी सांस चल रही थीं। बाद में उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उपचार के बाद वो ठीक होकर घर गए थे।
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