दरभंगा जिले में पंचायत विकास दिवस का कार्यक्रम:आय बढ़ाने के उपायों पर भी चर्चा होगी, लापरवाही पर सख्त कार्रवाई की जाएगी
दरभंगा जिले की सभी ग्राम पंचायतों में आज(28 जून 2026) ‘पंचायत विकास दिवस’ पर कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। जिला पदाधिकारी कौशल कुमार ने बताया कि प्रत्येक माह के अंतिम रविवार को आयोजित होने वाले इस कार्यक्रम की सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। इसका उद्देश्य ग्रामीण समुदाय की भागीदारी से वर्ष 2030 तक निर्धारित सतत विकास लक्ष्यों (SDGs) की प्राप्ति सुनिश्चित करना है। पंचायत विकास दिवस के माध्यम से ग्राम पंचायतों में विकास योजनाओं की समीक्षा, जनभागीदारी को बढ़ावा और ग्रामीणों को सरकारी योजनाओं की जानकारी उपलब्ध कराई जाएगी। सतत विकास के 17 लक्ष्यों को नौ प्रमुख थीमों में समाहित किया गया है, जिन पर चर्चा की जाएगी। पंचायतों के विकास सूचकांक (PAI) के आधार पर उन क्षेत्रों पर विशेष फोकस किया जाएगा, जहां विकास की आवश्यकता अधिक है। मुखिया की अध्यक्षता में कार्यक्रम कार्यक्रम की अध्यक्षता संबंधित पंचायत के मुखिया करेंगे। उनकी अनुपस्थिति में उपमुखिया बैठक का संचालन करेंगे। पंचायतों के निर्वाचित प्रतिनिधियों, ग्राम सभा के सदस्यों, युवाओं, जीविका दीदियों, आशा कार्यकर्ताओं सहित सभी वर्गों की सहभागिता सुनिश्चित की जाएगी। प्रखंड पंचायत राज पदाधिकारी अपने-अपने क्षेत्रों में कार्यक्रम की निगरानी करेंगे। जिलाधिकारी ने कहा कि राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के ‘ग्राम स्वराज’ के सपने को साकार करने में पंचायतों की महत्वपूर्ण भूमिका है। पंचायत विकास दिवस ग्रामीणों के सामाजिक, आर्थिक और सांस्कृतिक विकास के लिए एक सशक्त मंच के रूप में कार्य करेगा। कार्यक्रम पंचायत सरकार भवन, पंचायत भवन, विद्यालय, सामुदायिक भवन अथवा किसी अन्य सार्वजनिक स्थल पर आयोजित होगा, जहां सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध हों। सख्त कार्रवाई की कही बात कार्यक्रम में अन्य पंचायतों के उत्कृष्ट कार्यों से संबंधित वीडियो का प्रदर्शन भी किया जाएगा। ताकि ग्रामीणों को अपने क्षेत्र के विकास के लिए प्रेरणा मिल सके। इसके अलावा प्रधानमंत्री के मासिक रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ के प्रसारण की व्यवस्था भी पंचायत स्तर पर की जाएगी। जिससे ग्रामीण राष्ट्रीय योजनाओं, स्वच्छता, शिक्षा, रोजगार एवं सामाजिक विकास से जुड़े महत्वपूर्ण संदेशों से अवगत हो सकें। अगर किसी पंचायत में कार्यक्रम का आयोजन नहीं किया जाता है तो संबंधित प्रखंड पंचायत राज पदाधिकारी को दो दिनों के भीतर प्रतिवेदन भेजना होगा। प्रतिवेदन के आधार पर दोषी पदाधिकारी, कर्मी या जनप्रतिनिधि के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
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