पावरकाम विभाग में स्मार्टफोन को लेकर विवाद:कर्मचारियों ने जताई निगरानी की आशंका,सुरक्षा उपकरण और टूल किट तक नहीं मिले

पावरकाम विभाग में स्मार्टफोन को लेकर विवाद:कर्मचारियों ने जताई निगरानी की आशंका,सुरक्षा उपकरण और टूल किट तक नहीं मिले




पंजाब स्टेट पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड (PSPCL) में विभागीय स्मार्टफोन बांटने को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है। फील्ड कर्मचारियों और कर्मचारी यूनियनों ने विभाग के इस फैसले का विरोध शुरू कर दिया है। कर्मचारियों का आरोप है कि विभाग स्मार्टफोन के जरिए लाइनमैन और फील्ड स्टाफ की लगातार निगरानी करना चाहता है, जबकि दूसरी तरफ अभी तक जरूरी सुरक्षा उपकरण और टूल किट तक उपलब्ध नहीं करवाई गई हैं। शिकायत निवारण और फील्ड मॉनिटरिंग सिस्टम से जोड़े जाने मोबाइल जानकारी के मुताबिक PSPCL ने फील्ड स्टाफ को विभागीय स्मार्टफोन देने की प्रक्रिया तेज कर दी है। इन मोबाइल फोन को शिकायत निवारण और फील्ड मॉनिटरिंग सिस्टम से जोड़ा जाना है। इसके तहत उपभोक्ताओं की बिजली संबंधी शिकायतें सीधे लाइनमैन और कर्मचारियों के मोबाइल पर आएंगी। कर्मचारियों को मौके पर जाकर शिकायत का समाधान करना होगा और फिर एप के जरिए फोटो और वीडियो अपलोड करनी होगी। कर्मचारियों की लोकेशन, मूवमेंट, ड्यूटी टाइम और शिकायत समाधान पर नजर रहेगी यूनियन नेताओं का कहना है कि इस सिस्टम के जरिए विभाग कर्मचारियों की लोकेशन, मूवमेंट, ड्यूटी टाइम और शिकायत समाधान की पूरी गतिविधि पर नजर रख सकेगा। कर्मचारियों को डर है कि GPS ट्रैकिंग और रियल टाइम रिपोर्टिंग के जरिए उनकी हर गतिविधि रिकॉर्ड की जाएगी, जिससे उन पर लगातार दबाव बना रहेगा। नहीं मिले जरूरी सुरक्षा उपकरण और टूल किट कर्मचारियों ने यह भी कहा कि विभाग को पहले फील्ड स्टाफ की सुरक्षा पर ध्यान देना चाहिए। उनका कहना है कि भीषण गर्मी और बढ़ती बिजली शिकायतों के बीच लाइनमैन बिना पर्याप्त सुरक्षा उपकरणों के खतरनाक परिस्थितियों में काम कर रहे हैं। कई कर्मचारियों को अब तक जरूरी TP (टूल्स एंड प्लांट्स) किट और सेफ्टी उपकरण नहीं मिले हैं। एक अधिकारी ने बताया कि फील्ड स्टाफ ने साफ कर दिया है कि लंबित सुरक्षा उपकरण और टूल किट मिलने के बाद ही वे विभागीय मोबाइल फोन स्वीकार करेंगे। यूनियनों का कहना है कि बिजली विभाग पहले से ही स्टाफ की कमी, बढ़ती बिजली मांग और विभिन्न विरोध प्रदर्शनों के दबाव से जूझ रहा है। ऐसे समय में कर्मचारियों की सुरक्षा और स्टाफिंग समस्याओं को हल किए बिना निगरानी व्यवस्था लागू करने से विभाग के भीतर असंतोष और बढ़ सकता है।



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