मंडी के बाबा कमलाहिया मंदिर कमेटी पर भ्रष्टाचार के आरोप:मेलों की दान राशि खाते में जमा नहीं, लंगर के नाम पर वसूली का आरोप

मंडी के बाबा कमलाहिया मंदिर कमेटी पर भ्रष्टाचार के आरोप:मेलों की दान राशि खाते में जमा नहीं, लंगर के नाम पर वसूली का आरोप




प्रसिद्ध सिद्ध पीठ बाबा कमलाहिया मंदिर की प्रबंधन कमेटी विवादों के घेरे में आ गई है। प्रदेश भाजपा कार्यसमिति सदस्य रजत ठाकुर ने मंदिर कमेटी पर भ्रष्टाचार और वित्तीय अनियमितताओं के गंभीर आरोप लगाते हुए प्रशासन से उच्च स्तरीय जांच की मांग की है। रजत ठाकुर का आरोप है कि 4 से 9 अप्रैल तक धर्मपुर और संधोल में आयोजित मेलों के दौरान एकत्रित हुई दान राशि को अभी तक सरकारी खाते में जमा नहीं कराया गया है। उन्होंने दावा किया कि कमेटी के तीन सदस्यों ने नियमों को ताक पर रखकर, बिना किसी सरकारी कर्मचारी की मौजूदगी में दान पेटी को सराय भवन में ले जाकर खोला। इस गुप्त प्रक्रिया ने पूरी पारदर्शिता पर सवालिया निशान लगा दिए हैं। लाखों की राशि गायब होने का अंदेशा ठाकुर के अनुसार, दान पेटी में लगभग तीन लाख रुपये की राशि होने का अनुमान था, जिसके गायब होने का आरोप है। उन्होंने कहा कि मंदिर की स्थायी दान पेटी को भी नियमित रूप से नहीं खोला जाता और न ही इसके आय-व्यय का कोई सार्वजनिक लेखा-जोखा उपलब्ध कराया जाता है, जिससे श्रद्धालुओं के बीच भारी असंतोष और अविश्वास पनप रहा है। लंगर और भंडारे के नाम पर वसूली के आरोप भ्रष्टाचार के आरोपों की फेहरिस्त में लंगर व्यवस्था को भी शामिल किया गया है। रजत ठाकुर ने बताया कि प्रति रविवार होने वाले भंडारे के लिए श्रद्धालुओं से लगभग 30 हजार रुपये लिए जाते हैं। पिछले तीन वर्षों में 150 से अधिक भंडारे आयोजित किए गए हैं, लेकिन इस भारी-भरकम राशि के उपयोग का कोई स्पष्ट विवरण नहीं है। प्रशासन से जांच की मांग और जन आंदोलन की चेतावनी रजत ठाकुर ने मंदिर कमेटी से मांग की है कि दान पेटियों का पूरा हिसाब सार्वजनिक किया जाए और नियमानुसार राशि सरकारी खाते में जमा हो। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि प्रशासन ने इस मामले की निष्पक्ष जांच नहीं की और जल्द पारदर्शिता नहीं लाई गई, तो इस मुद्दे को जन आंदोलन के रूप में उठाया जाएगा और न्याय के लिए उच्च न्यायालय का रुख किया जाएगा। स्थानीय लोगों ने भी खोला मोर्चा इस मामले में स्थानीय निवासियों और जनप्रतिनिधियों ने भी रजत ठाकुर के सुर में सुर मिलाया है। निवर्तमान प्रधान शैलेंद्र सिंह, चन्द्रमणि सकलानी, सुरेश कुमार, चमन लाल, राकेश कुमार, सुनील कुमार और अनिल कुमार ने मंदिर कमेटी से इन आरोपों पर स्पष्टीकरण देने और जवाबदेही तय करने की मांग की है।



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