मंडी-पठानकोट हाईवे तालगहर में दो घंटे थमा:पहाड़ी से मलबा गिरने बंद हो गया था मार्ग, मशीनरी ने दो घंटे में बहाल किया रास्ता
हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले में मानसून की बारिश का कहर लगातार जारी है। शनिवार को मंडी-पठानकोट राष्ट्रीय उच्च मार्ग (NH-154) पर उरला के तालगहर के पास पहाड़ी से अचानक भारी मात्रा में मलबा और गाद आ जाने के कारण यातायात करीब दो घंटे तक पूरी तरह ठप रहा। इस दौरान हाईवे के दोनों ओर वाहनों की लंबी-लंबी कतारें लग गईं, जिससे राहगीरों और वाहन चालकों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। पहाड़ी से लगातार गिर रहे मलबे के बीच सफर करना वाहन चालकों के लिए बेहद जोखिम भरा बना हुआ था। घटना की सूचना मिलते ही संबंधित विभाग की मशीनरी तुरंत मौके पर पहुंची। विभाग के कर्मचारियों ने करीब दो घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद सड़क से गाद और मलबे को साफ कर हाईवे को यातायात के लिए बहाल करवाया। हालांकि, प्रशासन ने चेतावनी दी है कि पहाड़ी से दोबारा मलबा गिरने की आशंका अभी भी बनी हुई है। जिले में 39 सड़कें और 209 पेयजल योजनाएं प्रभावित मंडी जिला आपदा प्रबंधन एवं नियंत्रण केंद्र से प्राप्त आंकड़ों के अनुसार, जिले में बुनियादी ढांचे को भारी नुकसान पहुंचा है। जिले में वर्तमान में 39 सड़कें यातायात के लिए पूरी तरह प्रभावित हैं। इनमें 1 मुख्य जिला सड़क (MDR) और 38 ग्रामीण सड़कें शामिल हैं। राहत की बात यह है कि सुबह यह संख्या 52 थी, जिसे मुस्तैदी से काम करके कम किया गया है। 209 पेयजल योजनाएं ठप पड़ीं बारिश के कारण जिले की 209 पेयजल योजनाएं ठप पड़ी हैं। सुबह यह आंकड़ा 212 था, जिससे कई इलाकों में पानी का संकट गहरा गया है। राहत की खबर है कि बिजली विभाग के किसी भी डीटीआर (डिस्ट्रीब्यूशन ट्रांसफार्मर) के बाधित होने की कोई सूचना नहीं है और बिजली आपूर्ति सुचारू है। तालगहर के स्थानीय निवासियों ने प्रशासन और सरकार से इस पहाड़ी का स्थायी समाधान खोजने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि हर बार बारिश होते ही यहाँ पहाड़ी दरकने लगती है, जिससे न सिर्फ हाईवे बंद होता है बल्कि राहगीरों की जान पर भी हर वक्त खतरा मंडराता रहता है।
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