रामपुर में योग-संस्कृति का अनूठा संगम:बिजॉयलक्ष्मी होता और डॉ. रीला होता ने छात्रों को किया प्रेरित
रामपुर में शुक्रवार को योग, संस्कृति और स्वस्थ जीवनशैली को समर्पित एक विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें प्रसिद्ध योग गुरु बिजॉयलक्ष्मी होता और ओडिसी नृत्यांगना, शिक्षाविद एवं लेखिका डॉ. रीला होता ने मुख्य अतिथि के रूप में सहभागिता की। यह कार्यक्रम दोपहर करीब 12:00 बजे से 2:00 बजे तक चला, जिसमें रेज़ ऑफ विजडम सोसायटी की टीम भी उपस्थित रही। कार्यक्रम के दौरान विद्यालय के छात्र-छात्राओं को योग, नृत्य और नियमित शारीरिक गतिविधियों के महत्व के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। विशेषज्ञों ने बताया कि योग केवल एक व्यायाम नहीं, बल्कि शरीर, मन और मस्तिष्क को संतुलित रखने की एक प्रभावी जीवनशैली है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि यदि बच्चे बचपन से ही योग और नियमित फिजिकल एक्टिविटी को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बना लें, तो वे कई शारीरिक और मानसिक बीमारियों से बच सकते हैं। यह उन्हें स्वस्थ और अनुशासित जीवन जीने में मदद करेगा। योग गुरु बिजॉयलक्ष्मी होता ने विद्यार्थियों को विभिन्न योगासन और प्राणायाम का अभ्यास कराया। उन्होंने बताया कि नियमित योग करने से एकाग्रता बढ़ती है, तनाव कम होता है और शरीर स्वस्थ रहता है। वहीं, डॉ. रीला होता ने भारतीय संस्कृति, शास्त्रीय नृत्य और योग के आपसी संबंध को समझाते हुए कहा कि कला और योग दोनों ही व्यक्ति के व्यक्तित्व विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इस दौरान छात्र-छात्राओं ने भी उत्साहपूर्वक योगाभ्यास किया और विशेषज्ञों से स्वास्थ्य संबंधी कई महत्वपूर्ण जानकारियां प्राप्त कीं। विद्यालय प्रबंधन ने अतिथियों का स्वागत करते हुए उन्हें स्मृति चिन्ह भेंट किए तथा विद्यार्थियों से योग और नियमित शारीरिक गतिविधियों को दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने का आह्वान किया। इस पूरे कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को स्वस्थ, अनुशासित और सकारात्मक जीवनशैली के प्रति जागरूक करना था। योग, नृत्य और शारीरिक गतिविधियों के महत्व पर आधारित यह आयोजन छात्रों के लिए अत्यंत प्रेरणादायी साबित हुआ।
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