रोहतक में बिजली कर्मचारियों का प्रदर्शन:निजीकरण और स्मार्ट मीटर का विरोध; तीन दिन की हड़ताल की चेतावनी
रोहतक जिले के सांपला में बिजली कर्मचारी एवं इंजीनियर संयुक्त संघर्ष मोर्चा के आह्वान पर बुधवार को सब अर्बन डिवीजन नंबर-2 में जोरदार प्रदर्शन किया गया। यह प्रदर्शन पैरेलल प्राइवेट डिस्ट्रीब्यूशन लाइसेंस, अलग एग्रो डिस्कॉम के गठन और स्मार्ट मीटर लगाने के विरोध में था। धरने की अध्यक्षता जॉइंट एक्शन कमेटी के प्रेम सिंह, राजेश यादव और सुरेश भुक्कल (जेई) ने की, जबकि मंच संचालन नरेंद्र बल्हारा प्रधान ने किया। एससी, बीसी एवं एसटी वर्कर्स यूनियन के सुरेश भुक्कल (जेई) ने बताया कि प्रदेश के करीब 92 लाख बिजली उपभोक्ताओं के स्मार्ट मीटर बदलने पर प्रति मीटर लगभग 10 हजार रुपए का खर्च आएगा, जिसे पावर यूटिलिटी वहन करने में सक्षम नहीं है। नूंह-गुरुग्राम से सबसे ज्यादा राजस्व प्राप्त संदीप गोयत ने निजीकरण पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि नूंह और गुरुग्राम क्षेत्र से बिजली निगम को सबसे अधिक राजस्व प्राप्त होता है। ऐसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में 11 निजी कंपनियों को पैरेलल डिस्ट्रीब्यूशन लाइसेंस देने की पहल से स्पष्ट है कि सरकार बिजली विभाग के राजस्व को कम कर निजीकरण का मार्ग प्रशस्त कर रही है। निजीकरण के विरोध में एकजुट विकास दहिया ने बताया कि हरियाणा स्टेट इलेक्ट्रिसिटी बोर्ड वर्कर यूनियन, हरियाणा पावर इंजीनियर संगठन, ऑल हरियाणा पावर कॉरपोरेशन तथा एससी, बीसी, एसटी इंप्लाइज वर्कर यूनियन सहित विभिन्न संगठनों के कर्मचारी और अधिकारी संयुक्त संघर्ष मोर्चा के बैनर तले निजीकरण के विरोध में एकजुट हैं। निजीकरण के फैसले वापस लेने की मांग कार्यक्रम के समापन पर संदीप गोयत और राजेश यादव ने सरकार को चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि यदि एग्रो निगम के गठन और निजीकरण संबंधी फैसले वापस नहीं लिए गए तथा संयुक्त संघर्ष मोर्चा से वार्ता नहीं की गई, तो प्रदेशभर के बिजली कर्मचारी और अधिकारी 11, 12 और 13 अगस्त 2026 को पूर्ण रूप से हड़ताल पर रहेंगे।
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