विश्वविद्यालय में AI वरदान या खतरा पर नुक्कड़ नाटक:मोहम्मद अली जौहर विश्वविद्यालय ने छात्रों को कृत्रिम बुद्धिमत्ता के प्रभावों से जागरूक किया

विश्वविद्यालय में AI वरदान या खतरा पर नुक्कड़ नाटक:मोहम्मद अली जौहर विश्वविद्यालय ने छात्रों को कृत्रिम बुद्धिमत्ता के प्रभावों से जागरूक किया




मोहम्मद अली जौहर विश्वविद्यालय के विधि संकाय द्वारा सोमवार की दोपहर ढाई बजे को “AI–वरदान या खतरा” विषय पर एक नुक्कड़ नाटक का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों और समाज को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के सकारात्मक और नकारात्मक प्रभावों के प्रति जागरूक करना था। नुक्कड़ नाटक में एलएलबी अंतिम वर्ष के विद्यार्थियों ने भाग लिया। उन्होंने अभिनय और संवादों के माध्यम से दर्शाया कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता आज शिक्षा, चिकित्सा, न्याय व्यवस्था और तकनीकी विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। छात्रों ने यह भी बताया कि AI के जरिए कार्यों को अधिक सरल, तेज और प्रभावी बनाया जा सकता है, जिससे समय और संसाधनों की बचत संभव है।
प्रस्तुति के दौरान विद्यार्थियों ने AI के लाभों के साथ-साथ डेटा गोपनीयता, साइबर सुरक्षा, रोजगार पर प्रभाव और तकनीक के दुरुपयोग जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों को भी उठाया। नाटक ने दर्शकों को यह सोचने पर विवश किया कि आधुनिक तकनीक का उपयोग मानव कल्याण और सामाजिक विकास के लिए किस प्रकार किया जाना चाहिए। इस कार्यक्रम के आयोजन में विधि संकाय की लॉ सोसाइटी की अहम भूमिका रही। कार्यक्रम प्रभारी सदफ खान ने कहा कि कानून के विद्यार्थियों के लिए तकनीक के बदलते स्वरूप और उसके सामाजिक प्रभावों को समझना अत्यंत आवश्यक है। विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार डॉ. एस.एन. सलाम ने इस आयोजन को समयानुकूल और सराहनीय पहल बताते हुए कहा कि ऐसे कार्यक्रम छात्रों के व्यक्तित्व विकास और सामाजिक जागरूकता को मजबूत करते हैं। कार्यक्रम में उपस्थित शिक्षकों और विद्यार्थियों ने नाटक की सराहना की और इसे समाज में जागरूकता फैलाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया।



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