शिमला पुलिस ने पकड़ी 1 करोड़ की LSD:रेव पार्टी में होता है उपयोग, सिरमौर की युवती और पंजाब का ड्रग पैडलर अरेस्ट
शिमला पुलिस ने ड्रग पैडलिंग के खिलाफ चलाए विशेष अभियान के तहत बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने खतरनाक ड्रग एलएसडी (लिसर्जिक एसिड डायथिलेमाइड) की 562 स्ट्रिप के साथ सिरमौर की एक युवती और पंजाब के एक बड़े ड्रग पैडलर को गिरफ्तार किया है। जब्त की गई एलएसडी की कीमत अंतरराष्ट्रीय बाजार में 1 करोड़ रुपए आंकी गई है। शिमला में यह पहला मामला है, जिसमें इतनी बड़ी मात्रा में एलएसडी जब्त की गई है। शिमला पुलिस के एएसपी अभिषेक ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान बताया कि विश्वसनीय सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने हिम निवास, बीसीएस शिमला में दबिश दी। वहां से संदीप शर्मा (40) निवासी धर्मकोट, जिला मोगा, पंजाब और प्रिया शर्मा (26) निवासी ददाहू, जिला सिरमौर को पकड़ा गया। इनके कब्जे से 562 स्ट्रिप (स्टैम्प साइज) एलएसडी बरामद की गईं, जिनका कुल वजन 11.570 ग्राम पाया गया। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपी संदीप शर्मा पिछले 10 वर्षों से एलएसडी की तस्करी कर रहा था। पूछताछ के दौरान यह भी पता चला कि उसके खिलाफ पूर्व में भी 33 ग्राम चिट्टे का एक मामला दर्ज है। इस अभियोग में आगे की जांच जारी है। इस साल गिरफ्तार किए जा चुके 136 आरोपी : एसएसपी एसएसपी शिमला गौरव सिंह ने बताया कि इस वर्ष शिमला पुलिस ने एनडीपीएस एक्ट के अंतर्गत 73 मुकदमे दर्ज कर 136 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनमें से 12 व्यक्तियों को पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, बिहार और नेपाल बॉर्डर जैसे बाहरी राज्यों से बैकवर्ड लिंक के आधार पर गिरफ्तार किया गया है। क्या है एलएसडी एलएसडी एक शक्तिशाली मतिभ्रम पैदा करने वाला पदार्थ है, जिसका दुरुपयोग होने की प्रबल संभावना है। वर्तमान में चिकित्सा उपचार में इसका कोई स्वीकृत उपयोग नहीं है। एलएसडी, जिसे ‘एसिड’ के नाम से भी जाना जाता है, एक साइकेडेलिक ड्रग है जो आसपास के वातावरण के प्रति धारणा और जागरूकता में बदलाव तथा मतिभ्रम जैसे प्रभाव उत्पन्न करता है। इसका उपयोग रेव पार्टी सर्किट में व्यापक रूप से किया जाता है।
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