मुरादाबाद में BDS छात्र की अरेस्टिंग के बाद परिवार फरार:सहारनपुर में घर पर ताला, बेटा अरेस्ट, पड़ोसी बोले- परिवार शरीफ, ये कैसे संभव?
सहारनपुर के थाना कुतुबशेर क्षेत्र के मानकमऊ गांव की एक गली इन दिनों अचानक सुर्खियों में है। ट्रांसफार्मर वाली गली में स्थित एक मकान जहां फिलहाल ताला लटका हुआ है। अब जांच एजेंसियों के घेरे में है। इसी घर का रहने वाला हारिश, जिसे यूपी एटीएस ने मुरादाबाद से अरेस्ट किया है, संदिग्ध आतंकी गतिविधियों के आरोप में पूछताछ का सामना कर रहा है। मंगलवार सुबह गांव में हलचल तब बढ़ गई जब इंटेलिजेंस उनके घर पहुंची। अधिकारियों ने आसपास के लोगों से बातचीत कर परिवार, उनके रिश्तों और हारिश की गतिविधियों के बारे में जानकारी जुटाई। गांव के लोग एक तरफ चुप हैं, तो दूसरी तरफ सवालों से भरे हुए हैं, क्या वाकई इस घर से कोई आतंकी कनेक्शन निकल सकता है, या मामला कुछ और है? चार माह पहले इसी क्षेत्र से डॉक्टर अरेस्ट
इसी इलाके से करीब चार महीने पहले आतंकी कनेक्शन होने के कारण डॉ.आदिल अहमद राठर को अरेस्ट किया गया था। अब एटीएस दोनों मामलों के बीच कनेक्शन तलाश रही है। इससे गांव में डर और शक दोनों का माहौल बन गया है। जब दैनिक भास्कर की टीम मौके पर पहुंची, तो घर पर ताला लटका मिला। पड़ोसियों के अनुसार, परिवार के सदस्य फिलहाल गांव में मौजूद नहीं हैं। गली में खड़े लोगों की निगाहें उस बंद दरवाजे पर टिकी रहीं, जहां से अब जांच की कहानी शुरू हो रही है। पढ़ा-लिखा परिवार, डॉक्टर बेटे-बेटी…फिर आरोप क्यों? ग्राउंड पर जुटाई गई जानकारी के मुताबिक, हारिश का परिवार शिक्षा के मामले में काफी आगे रहा है। बड़ा भाई लखनऊ में एमबीबीएस और एमडी कर चुका डॉक्टर बताया जा रहा है। बहन महाराष्ट्र में मेडिकल की पढ़ाई कर रही है। पिता आईटीसी कंपनी में कार्यरत हैं। गांव में चर्चा यही है कि जहां पूरा परिवार पढ़ाई और नौकरी में लगा हो, वहां ऐसा मामला कैसे सामने आ गया? पढ़िए…ग्रामीणों ने क्या कहा? गली में खड़े लोग आपस में कहते नजर आए कि भाई, अगर ये सच निकला तो बड़ा मामला है और अगर गलत हुआ, तो एक पूरे परिवार की बदनामी हो जाएगी। आजकल किसी का नाम जोड़ देना भी आसान हो गया है। मोहल्ले के रहने वाले कुर्बान का कहना है कि हम तो बचपन से इस परिवार को जानते हैं। कभी किसी से लड़ाई-झगड़ा नहीं देखा। लड़के पढ़ाई में लगे रहते थे। अचानक ऐसा नाम आना, हमें तो यकीन नहीं हो रहा। शमशाद का कहना है कि देखिए, ये लोग बहुत शांत स्वभाव के हैं। गांव में इनकी अच्छी इज्जत है। बच्चे बड़े शहरों में पढ़ रहे हैं, डॉक्टर बन रहे हैं। अगर कुछ ऐसा होता, तो पहले कभी न कभी दिखता जरूर। मोहम्मद याकूब का कहना है कि हमारे हिसाब से तो ये सबसे अच्छे परिवारों में से एक है। न किसी से लेना-देना, न कोई विवाद। अब जो आरोप लगे हैं, वो समझ से बाहर हैं। कहीं न कहीं कुछ गड़बड़ जरूर है। मो.तहसीन ने बताया कि देखो, दुश्मनी में भी आजकल लोग फंसा देते हैं। जांच पूरी होनी चाहिए, तभी सच सामने आएगा। परिवार भला है। पढ़िए…एजेंसियों की जांच कई एंगल पर एटीएस और खुफिया एजेंसियां फिलहाल हर पहलू पर जांच कर रही हैं। जिसमें हारिश के मोबाइल और डिजिटल कनेक्शन, उसके संपर्क और कॉल डिटेल, पहले गिरफ्तार डॉ.आदिल से संभावित लिंक, परिवार और सामाजिक बैकग्राउंड। अब विस्तार से जानिए पूरा मामला… यूपी ATS (एंटी टेरेरिस्ट स्क्वाएड) ने मुरादाबाद से एक BDS (डेंटल) छात्र को गिरफ्तार किया है। हारिश अली BDS सेकेंड ईयर का छात्र है। उस पर आरोप है कि आतंकी संगठन ISIS के ऑनलाइन मॉड्यूल से जुड़ा है। ATS का कहना है कि हारिश अली ISIS हैंडलर्स के संपर्क में था। वह सोशल मीडिया पर फर्जी अकाउंट के जरिए लोगों को आत्मघाती हमला करने के लिए उकसाता था। मुस्लिम लड़कों का ब्रेनवॉश करता था
ATS ने हारिश अली के कुछ इंस्टाग्राम अकाउंट्स ट्रेस किए हैं। इनके जरिए वह मुस्लिम लड़कों का ब्रेनवॉश करके ISIS से जोड़ने की योजना पर काम कर रहा था। फिलहाल ATS और दूसरी एजेंसिया हारिश अली से पूछताछ करके उसके साथियों की जानकारी जुटा रही हैं। हारिश अली (19) मूलरूप से सहारनपुर के मोहल्ला मनकामऊ का रहने वाला है। वह मुरादाबाद के एक संस्थान में BDS की पढ़ाई कर रहा है। ATS ने उसे यहीं से पकड़ा है। जांच में सामने आया है कि हारिश अली ने ‘अल इत्तिहाद मीडिया फाउंडेशन’ नाम से एक डिजिटल प्लेटफॉर्म बनाया था। इसमें वह भड़काऊ वीडियो और पोस्ट करता था। युवाओं को आतंकी विचारधारा के बारे में बताता था
ATS के अनुसार, हारिश अपने ग्रुप्स में ISIS से जुड़े मीडिया चैनलों, मैगजीन, मारे गए आतंकियों की तस्वीरें, वीडियो और ऑडियो शेयर करता था। इसके अलावा वह कुख्यात आतंकियों के भाषणों का बखान भी करता था। जांच में यह भी पता चला है कि हारिश भारत, पाकिस्तान समेत अन्य देशों में मौजूद ISIS हैंडलर्स के संपर्क में भी था। अल इत्तेहाद मीडिया फाउंडेशन’ नाम से ग्रुप बनाया था
ATS की पूछताछ में पता चला है कि हारिश ने ‘अल इत्तेहाद मीडिया फाउंडेशन’ नाम से एक अलग ग्रुप भी बनाया था। इसके जरिए वह संगठन के प्रचार-प्रसार से जुड़ी गतिविधियां चला रहा था। वह ISIS के मीडिया न्यूज चैनल अल-नाबा और प्रोपेगेंडा मैगजीन ‘दाबिक’ को भी फॉलो करता था। हारिश भारत की लोकतांत्रिक व्यवस्था को नहीं मानता था। वह शरिया कानून लागू कर तथाकथित खिलाफत व्यवस्था स्थापित करने की बात करता था। जांच में सामने आया है कि उसने अपने ग्रुप्स में लोगों को फिदायीन हमलों के लिए भड़काया भी है। फिलहाल ATS हारिश से पूछताछ कर उसके नेटवर्क और अन्य संपर्कों की जांच कर रही है। 10 मार्च को नेवी का लांस नायक पाकिस्तान की जासूसी करते पकड़ा गया था UP ATS ने 10 मार्च को आगरा से एक पाकिस्तानी जासूस आदर्श कुमार उर्फ लकी को पकड़ा था। वह आरोपी भारतीय नौसेना (नेवी) में लांस नायक है। पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI (Inter-Services Intelligence) के लिए जासूसी कर रहा था। लकी ने ISI एजेंट को देश के युद्धपोतों की तस्वीरें और डिटेजी भेजी थीं। इसकी पुष्टि उसके पास मिले दस्तावेजों से भी हुई थी। लांस नायक ने बैंक खाते से ISI एजेंट को पैसे भी ट्रांसफर किए थे। लांस नायक आदर्श कुमार उर्फ लकी आगरा में कागारौल थाना क्षेत्र के चीतपुर गांव का रहने वाला है। इस समय उसकी तैनाती दक्षिणी नेवल कमांड, कोच्चि (केरल) में थी। ATS को काफी समय से सूचना मिल रही थी कि लकी पाकिस्तानी एजेंसी ISI को भारत से जुड़ी अहम जानकारियां भेज रहा है। ………………
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