क्रास वोट वाले विधायकों को पर्सनल सुनवाई का मौका नहीं:कांग्रेस में राज्यसभा चुनाव पर हलचल तेज; 3 को मीटिंग, DPC सीधे हाईकमान को भेजेगी रिपोर्ट

क्रास वोट वाले विधायकों को पर्सनल सुनवाई का मौका नहीं:कांग्रेस में राज्यसभा चुनाव पर हलचल तेज; 3 को मीटिंग, DPC सीधे हाईकमान को भेजेगी रिपोर्ट




हरियाणा कांग्रेस में राज्यसभा चुनाव में पार्टी उम्मीदवार के खिलाफ क्रॉस वोट करने वाले विधायकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की तैयारी कर रही है। यही वजह रही कि पार्टी की अनुशासनात्मक कार्यवाही कमेटी (DPC) की ओर से 5 क्रॉस वोट करने वाले विधायकों को पर्सनल हियरिंग का मौका नहीं दिया है। अब कमेटी की 3 मार्च को होने वाली मीटिंग में 3 विधायकों के शोकॉज नोटिस के आए जवाब और 2 विधायकों के द्वारा नोटिस का जवाब नहीं दिए जाने पर मंथन के बाद रिपोर्ट पार्टी हाईकमान को सीधे भेजी जाएगी। पार्टी के नेतृत्व की ओर से संकेत दिए गए हैं कि पार्टी लाइन से बाहर काम करने वाले किसी भी विधायकों को बख्शा नहीं जाएगा, उनके खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी। क्या है पूरा मामला? ​हाल ही में संपन्न हुए राज्यसभा चुनाव में कांग्रेस के पास अपने उम्मीदवार कर्मवीर बौद्ध को जिताने के लिए पर्याप्त संख्या बल (37 वोट) होने का दावा था, लेकिन 16 मार्च को हुई वोटिंग के दिन कांग्रेस के 5 विधायकों ने क्रॉस वोटिंग कर दी, जबकि 4 विधायकों के वोट अवैध घोषित हो गए। इस ‘भीतरघात’ ने पार्टी के भीतर हड़कंप मचा दिया है। हालांकि भीतरघात और पुराने अनुभवों को देखते हुए पार्टी ने तीन दिन पहले ही सभी विधायकों को हिमाचल प्रदेश शिफ्ट कर दिया था, जहां से सभी विधायकों को वोटिंग के ही दिन चंडीगढ़ लाया गया था। इन 5 विधायकों की ‘रडार’ पर है किस्मत
हरियाणा कांग्रेस ​पार्टी की अनुशासन समिति ने जिन विधायकों को कारण बताओ नोटिस के बाद अब व्यक्तिगत सुनवाई का 3 अप्रैल को मौका नहीं दिया है। इन विधायकों में ​मोहम्मद इलियास (पुन्हाना), मोहम्मद इसराइल (हथीन), ​​शैली चौधरी (नारायणगढ़), ​रेनू बाला (सढ़ौरा) और रतिया से विधायक जरनैल सिंह का नाम शामिल है। ग्राउंड रिपोर्ट के अनुसार, मोहम्मद इलियास और इसराइल ने तेवर कड़े कर रखे हैं, जबकि अन्य विधायक अपनी वफादारी साबित करने की कोशिश में हैं। यहां पढ़िए अभी कांग्रेस में क्या है स्थिति… ​हुड्डा बनाम बागी: राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा और प्रदेश अध्यक्ष उदयभान के लिए यह प्रतिष्ठा की लड़ाई बन गई है। हुड्डा ने साफ किया है कि जिन्होंने गद्दारी की है, उन्हें बख्शा नहीं जाएगा। इससे आने वाले समय में भी ऐसे बागी विधायकों और नेताओं को सबक मिलेगा। पार्टी की ओर से दूसरे राज्यों में भी राज्यसभा चुनाव में ऐसे मामलों में सख्त फैसले लिए गए हैं।
​बीजेपी का ‘ऑपरेशन लोटस’ या अंतर्कलह?: चर्चा है कि बागी विधायकों में से कुछ ने हाल ही में सत्ता पक्ष के बड़े नेताओं से मुलाकात की है। मोहम्मद इलियास की केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर और सीएम नायब सैनी से मुलाकात ने इन अटकलों को और हवा दे दी है। इसके बाद सियासी गलियारों में चर्चा है कि बीजेपी ने इस राज्यसभा चुनाव में ऑपरेशन लोटस चलाया था, लेकिन वह सफल नहीं हो पाया।
​ECI तक पहुंचा मामला: कांग्रेस सिर्फ अपनों पर ही नहीं, बल्कि चुनाव अधिकारियों पर भी हमलावर है। हुड्डा का आरोप है कि रिटर्निंग ऑफिसर ने जानबूझकर कांग्रेस के 4 वोट अवैध किए हैं। कांग्रेस ने इसको लेकर ECI में अपनी शिकायत भी दर्ज कराई है। नेता प्रतिपक्ष ने दावा किया है कि यदि आयोग सुनवाई नहीं करता है तो हमारे नवनिर्वाचित राज्यसभा सांसद कर्मवीर बौद्ध पंजाब हरियाणा हाईकोर्ट भी जाएंगे।
​आगे क्या होगा?
​अगर 3 अप्रैल की सुनवाई में ये विधायकों के जवाबों पर कमेटी संतुष्ट नहीं हो पाई, तो कांग्रेस इन्हें पार्टी से निष्कासित कर सकती है। हालांकि, विधानसभा चुनाव नजदीक होने के कारण पार्टी फूंक-फूंक कर कदम रख रही है ताकि कोई बड़ा गुट अलग न हो जाए।
यहां बता दें कि हरियाणा कांग्रेस में यह पहली बार नहीं है जब राज्यसभा चुनाव में ‘पेन कांड’ या ‘क्रॉस वोटिंग’ हुई हो। लेकिन इस बार का एक्शन यह तय करेगा कि आने वाले विधानसभा चुनाव में पार्टी एकजुट होकर लड़ पाएगी या नहीं।
यहां पढ़िए क्या बोले पार्टी नेताओं के कोट्स… पार्टी हाईकमान क्रॉस वोटिंग के मुद्दे को लेकर काफी गंभीर हैं। हालांकि जो भी केंद्रीय नेतृत्व फेसला लेगा वह डीएसपी की रिपोर्ट पर ही लेगा। वैसे नैतिकता के आधार पर खुद ही ऐसे विधायकों को अपना इस्तीफा हाईकमान को भेज देना चाहिए। राव नरेंद्र सिंह, अध्यक्ष, हरियाणा कांग्रेस विधायकों को किसी भी प्रकार की पर्सनल हियरिंग के लिए नहीं बुलाया गया है। जो भी जवाब विधायकों की ओर से आए हैं, उस पर मंथन करने के बाद इसके अलावा जो भी चुनाव के बाद विधायकों की प्रतिक्रियाएं आ रही हैं, उन पर मंथन के बाद रिपोर्ट बनाकर हाईकमान को भेज दी जाएगी। तीन अप्रैल को शाम चार बजे चंडीगढ़ में कमेटी की मीटिंग बुलाई है। धर्मपाल मलिक, चेयरमैन, अनुशासनात्मक कार्रवाई कमेटी।



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