बांदा में 1.19 लाख से अधिक मतदाताओं के नाम कटे:सदर विधानसभा में सर्वाधिक नाम निकले, जल शक्ति मंत्री के क्षेत्र में सबसे कम कटौती
बांदा में विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण-2026 के बाद मतदाता सूची से 1,19,634 नाम हटाए गए हैं। इन आंकड़ों ने जिले के सियासी गलियारों में हलचल बढ़ा दी है। सबसे अधिक नाम भाजपा विधायकों वाले विधानसभा क्षेत्रों से कटे हैं। बांदा सदर सीट से भाजपा विधायक प्रकाश द्विवेदी के क्षेत्र में सर्वाधिक 37,705 मतदाताओं के नाम सूची से बाहर हुए। नरैनी से विधायक ओम मणि वर्मा के क्षेत्र में 33,272 नाम हटाए गए। वहीं, बबेरू से सपा विधायक विशंभर यादव के क्षेत्र में 32,299 मतदाताओं के नाम काटे गए। मतदाताओं की कुल संख्या 13,49,521 थी भाजपा विधायक और जल शक्ति राज्य मंत्री रामकेश निषाद के तिंदवारी विधानसभा क्षेत्र में सबसे कम 16,358 मतदाताओं के नाम सूची से हटाए गए हैं। 166 दिनों तक चले इस विशेष पुनरीक्षण अभियान के बाद जिले की अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित की गई है। इसमें कुल 12,29,887 मतदाता दर्ज हैं। पुनरीक्षण से पहले जिले में मतदाताओं की कुल संख्या 13,49,521 थी,119,634 नाम कटे है। चारों विधानसभा क्षेत्रों में मतदाता संख्या में महत्वपूर्ण बदलाव आया है। बांदा सदर में यह संख्या 3,19,364 से घटकर 2,81,659 हो गई है । नरैनी में 3,55,452 से घटकर 3,22,180, बबेरू में 3,47,882 से घटकर 3,15,583 और तिंदवारी में 3,26,823 से घटकर 3,10,465 रह गई है। चुनावी समीकरणों को प्रभावित कर सकता है प्रशासन का कहना है कि यह कटौती डुप्लीकेट नामों और गैर-निवासी मतदाताओं को सूची से हटाने के कारण हुई है। हालांकि, राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह बदलाव आने वाले चुनावी समीकरणों को प्रभावित कर सकता है। यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या यह केवल एक तकनीकी सुधार है या इसके पीछे कोई राजनीतिक प्रभाव भी है। भाजपा के गढ़ माने जाने वाले क्षेत्रों में मतदाताओं की संख्या में आई यह गिरावट आगामी चुनावों के परिणामों को कैसे प्रभावित करेगी, इसका जवाब भविष्य में ही मिलेगा।
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