डॉक्टर पिटाई केस में एफआईआर की जांच की मांग:बैतूल एसपी से मिले कांग्रेस जिलाध्यक्ष; हादसे में दो युवकों की मौत के बाद हंगामा हुआ था
बैतूल जिले के भैंसदेही सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में 11 मई को सड़क हादसे में घायल दो युवकों की मौत के बाद हुए विवाद का मामला लगातार सुर्खियों में है। इस घटना के बाद डॉक्टर की शिकायत पर दर्ज एफआईआर को लेकर अब निष्पक्ष जांच की मांग उठ रही है। कांग्रेस जिलाध्यक्ष निलय विनोद डागा ने सोमवार को पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन सौंपकर पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की। ज्ञापन में थाना भैंसदेही में दर्ज एफआईआर का उल्लेख करते हुए कहा गया कि जिन लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है, उनकी भूमिका की निष्पक्ष जांच आवश्यक है। तथ्यों के आधार पर जांच करने की मांग
आवेदन में बताया गया कि घटना के दौरान हालात तनावपूर्ण थे और सड़क हादसे में घायल लोगों के परिजन तथा ग्रामीण बड़ी संख्या में अस्पताल पहुंचे थे। कांग्रेस जिलाध्यक्ष ने डॉ. अभिषेक भलावी की शिकायत पर प्रशांत वागद्रे, मनोज कापसे, मनीष नावंगे, दिनेश कोसे, धनराज वाघमारे, रूपेश कापसे और दिनेश वाघमारे के खिलाफ एससी-एसटी एक्ट सहित अन्य धाराओं में मामला दर्ज होने का जिक्र किया। उन्होंने पुलिस प्रशासन से तथ्यों के आधार पर जांच करने की मांग की है। इस बीच, घटना की रात अस्पताल परिसर में डॉक्टर और कुछ लोगों के बीच बहस एवं अभद्रता का एक वीडियो भी सामने आया। यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें अस्पताल में मौजूद लोगों के बीच तीखी बहस साफ दिखाई दे रही है। अस्पताल परिसर में विवाद की स्थिति हो गई थी
बताया गया है कि सड़क हादसे में गंभीर रूप से घायल अंकुष वाघमारे और जगदीश अड़लक को अस्पताल लाया गया था। दोनों की मौत के बाद परिजनों और ग्रामीणों में भारी आक्रोश फैल गया था, जिसके बाद अस्पताल परिसर में विवाद की स्थिति हो गई थी। पूरा मामला 11 मई का है, जब भैंसदेही-बरहापुर-झल्लार मार्ग पर दो बाइकों की आमने-सामने भिड़ंत हुई थी। इस हादसे में पोहर निवासी जगदीश अड़लक और मालेगांव निवासी अंकुष वाघमारे की मौत हो गई थी, जबकि दो अन्य लोग घायल हुए थे। घटना के बाद सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में इलाज में देरी के आरोप लगाते हुए परिजनों और ग्रामीणों ने जमकर हंगामा किया था, जिसके बाद डॉक्टर की शिकायत पर कुछ लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया।
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