परासिया के जासूसी कांड में भाजपा नेताओं पर FIR:परमजीत विज और विनोद मालवीय पर धोखाधड़ी-साजिश का मामला दर्ज

परासिया के जासूसी कांड में भाजपा नेताओं पर FIR:परमजीत विज और विनोद मालवीय पर धोखाधड़ी-साजिश का मामला दर्ज




परासिया की राजनीति में चर्चित कथित जासूसी प्रकरण में नया मोड़ आ गया है। कोर्ट के आदेश पर भाजपा के पूर्व जिला महामंत्री परमजीत विज और नगर पालिका अध्यक्ष विनोद मालवीय के खिलाफ धोखाधड़ी और साजिश की धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ धारा 420 और 120-बी के तहत अपराध दर्ज किया है। मामला करीब डेढ़ साल पुराना बताया जा रहा है। ड्राइवर को नौकरी देकर जासूसी कराने का आरोप शिकायत के मुताबिक तत्कालीन भाजपा जिला मंत्री अनुज पाठकर की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए उनके ड्राइवर दुर्गेश विश्वकर्मा को नगर पालिका में नौकरी दिलाई गई। आरोप है कि यह नियुक्ति परमजीत विज के कहने पर नपा अध्यक्ष विनोद मालवीय ने कराई और उसका भुगतान नगरपालिका के खाते से किया गया। शिकायतकर्ता पक्ष का कहना है कि सार्वजनिक धन का इस्तेमाल निजी और राजनीतिक उद्देश्यों के लिए किया गया। कोर्ट के आदेश पर दर्ज हुई FIR शिकायतकर्ता दुर्गेश विश्वकर्मा का आरोप है कि लंबे समय तक राजनीतिक संरक्षण के कारण पुलिस स्तर पर कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद उन्होंने न्यायालय में आवेदन पेश किया। मामले की सुनवाई के बाद कोर्ट ने एफआईआर दर्ज करने के निर्देश दिए। शिकायतकर्ता की ओर से अधिवक्ता मुकेश मौर्य ने पैरवी की। परासिया की राजनीति में परमजीत विज और विनोद मालवीय की जोड़ी लंबे समय से चर्चित रही है। राजनीतिक हलकों में माना जाता रहा है कि विनोद मालवीय के कई अहम राजनीतिक फैसलों और रणनीतियों में परमजीत विज की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। चर्चित अश्लील फोन रिकॉर्डिंग मामले में भी दोनों के बीच बातचीत सामने आने की चर्चा रही थी। ऐसे में पहली बार दोनों नेताओं का किसी आपराधिक मामले में एक साथ आरोपी बनना क्षेत्रीय राजनीति में बड़ा घटनाक्रम माना जा रहा है। पहले भी विवादों में रहे विनोद मालवीय विनोद मालवीय पहले भी कई विवादों और गंभीर आरोपों को लेकर सुर्खियों में रहे हैं। महिलाओं से जुड़े एक मामले में अपराध दर्ज होने के बाद वे 23 दिन जेल में रह चुके हैं और फिलहाल जमानत पर हैं। इसके अलावा वित्तीय अनियमितताओं और भ्रष्टाचार के आरोपों को लेकर भी उनके खिलाफ लगातार शिकायतें होती रही हैं। बताया जाता है कि वित्तीय अनियमितताओं के आरोपों के चलते उनके वित्तीय अधिकार भी समाप्त किए गए थे। भाजपा ने भी महिलाओं से जुड़े मामलों और भ्रष्टाचार के आरोपों के आधार पर उन्हें 6 साल के लिए निष्कासित किया था। अब राजनीतिक गलियारों में परमजीत विज पर भी कार्रवाई की चर्चाएं तेज हैं। फिलहाल पुलिस नगर पालिका के वित्तीय रिकॉर्ड, भुगतान दस्तावेज और संबंधित लोगों की भूमिका की जांच में जुटी है।



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