ग्वालियर से भटककर कोटा पहुंची 75 वर्षीय बुजुर्ग महिला:अपना घर आश्रम ने 45 दिन बाद परिवार से मिलाया, मां को देखते ही फूट-फूटकर रो पड़ा बेटा
कोटा के अपना घर आश्रम में एक भावुक कर देने वाला दृश्य देखने को मिला, जब करीब डेढ़ माह से अपनी मां की तलाश कर रहा बेटा आखिरकार उनसे मिल पाया। वृद्धावस्था में स्मृति कमजोर होने के कारण ग्वालियर से भटककर कोटा पहुंची 75 वर्षीय आनंदी देवी को अपना घर आश्रम ने उनके परिवार से मिलवाया। अपना घर आश्रम के अध्यक्ष डॉ योगेंद्र मणि कौशिक ने बताया कि मध्यप्रदेश के ग्वालियर जिले के बरैनी गांव निवासी प्रताप जाटव अपनी मां आनंदी देवी को उपचार के लिए ग्वालियर के एक सरकारी अस्पताल लेकर गए थे। इसी दौरान आनंदी देवी अचानक लापता हो गईं। इसके बाद परिवार ने काफी तलाश की, लेकिन उनका कोई सुराग नहीं मिला। मां की खोज में परिवार करीब डेढ़ माह तक भटकता रहा। इसी बीच गत माह जेके लोन अस्पताल के बाहर एक वृद्ध महिला लावारिस अवस्था में भटकती हुई मिली। स्थानीय निवासी प्रतीक्षा पारीक ने इसकी सूचना अपना घर आश्रम को दी। सूचना मिलते ही आश्रम की टीम मौके पर पहुंची और महिला को आश्रम लेकर आई। महिला ने अपना नाम आनंदी देवी बताया, लेकिन इसके अलावा वह कोई अन्य जानकारी नहीं दे सकीं। आश्रम में नियमित काउंसलिंग और देखभाल के दौरान धीरे-धीरे उनकी पहचान से जुड़े महत्वपूर्ण तथ्य सामने आए। पता चला कि वह ग्वालियर जिले के बरैनी गांव की रहने वाली हैं। इसके बाद अपना घर आश्रम ने डबरा थाने से संपर्क किया, जहां से परिजनों तक सूचना पहुंचाई गई। मां के बारे में जानकारी मिलते ही बेटा प्रताप जाटव अपने भतीजे रामदास के साथ तुरंत कोटा पहुंचा। आश्रम में जैसे ही उसने अपनी मां को देखा, वह उनसे लिपटकर फूट-फूटकर रो पड़ा। प्रताप ने बताया कि उम्र बढ़ने के साथ उनकी मां की याददाश्त कमजोर हो गई है और संभवतः इसी कारण वह अस्पताल से भटककर कोटा पहुंच गईं। परिवार ने अपनी मां को सकुशल पाकर अपना घर आश्रम प्रशासन और सभी सेवासाथियों का आभार व्यक्त किया।
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