NEET Re-Exam Ajmer | Medical Students Clock Arrangements
अजमेर में राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी की ओर से आज NEET-UG री-एग्जाम 2025 होगा। इसके लिए अजमेर जिले में कुल 15 सरकारी केंद्र बनाए गए हैं। शहर में 9 केंद्रों पर 3600 और किशनगढ़ में 6 केंद्रों पर 2631 परीक्षार्थी परीक्षा देंगे। जिले में कुल 6231 छात्र NEET
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इसके लिए सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। इस बार NTA ने परीक्षा व्यवस्था को लेकर खास तौर पर दीवार घड़ियां भी भेजी है। जिन पर NTA लिखा हुआ है। इसके पीछे का मकसद सभी अभ्यर्थियों को समान टाइम मैनेजमेंट की सुविधा देना है। परीक्षा हॉल में व्यक्तिगत घड़ियां ले जाना बैन है।
अजमेर के जेएलएन मेडिकल कॉलेज में पढ़ने वाले यूजी-पीजी स्टूडेन्ट्स पर नजर रखी जाएगी और परीक्षा के दौरान उनकी उपस्थिति कॉलेज परिसर में ही रहेगी और वे बाहर नहीं जा पाएंगे। अजमेर के सम्राट पृथ्वीराज चौहान राजकीय महाविद्यालय, राजकीय सावित्री कन्या स्कूल, केवी-1 स्कूल, केवी-2 स्कूल, डेमोंस्ट्रेशन स्कूल, इंजीनियरिंग कॉलेज बड़ल्या, विवेकानंद मॉडल स्कूल श्रीनगर ब्लॉक, सेंट्रल गर्ल्स स्कूल को सेंटर बनाया है।
सुरक्षा के पुख्ता होंगे इंतजाम
सभी अभ्यर्थियों का प्रवेश बायोमेट्रिक सत्यापन और फुल फ्रिस्किंग के बाद ही होगा। महिला अभ्यर्थियों की जांच महिला स्टाफ ही करेगी। हर परीक्षा कक्ष में जैमर और CCTV कैमरे लगाए गए। पूरी परीक्षा की वीडियोग्राफी कराई जाएगी। हर केंद्र पर फ्लाइंग स्क्वाड तैनात रहेगा। मेटल डिटेक्टर से हर अभ्यर्थी की जांच होगी।
100 अभ्यर्थियों पर एक पुलिस गार्ड तैनात रहेगा, जिसमें 50% महिला कार्मिक होंगी। प्रश्न-पत्र ले जाने से लेकर OMR जमा करने तक सशस्त्र पुलिस एस्कॉर्ट रहेगा। ड्यूटी पर लगे पुलिसकर्मी भी मोबाइल फोन इस्तेमाल नहीं कर सकेंगे। हर केंद्र के लिए एक नोडल पुलिस अधिकारी नियुक्त किया गया है। प्रश्न-पत्र स्ट्रॉन्ग रूम में 24×7 सशस्त्र पुलिस की निगरानी में रहेंगे।
जेएलएन मेडिकल कॉलेज प्रशासन अलर्ट
जे.एल.एन. मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल डॉक्टर अनिल सामरिया ने बताया कि नीट यूजी को देखते हुए गवर्नमेंट ने डायरेक्शंस दिए। जिसमें नोडल ऑफिसर डॉ. पूनम हैं। डॉ. कमलेश तनवानी और डॉ. हिमेश्वर उनके साथ रहेंगे, जो कि एडिशनल प्रिंसिपल हैं, मॉनिटरिंग करेंगे। हमारे जितने भी यूजी (UG) और पीजी (PG) स्टूडेंट्स हैं, उन सबको यहीं उपस्थिति देनी होगी। सभी एचओडीस (HODs) को पाबंद कर दिया गया है कि वे अपने अधीनस्थ जितने भी रेजिडेंट डॉक्टर्स हैं, उनकी अटेंडेंस लेकर रखेंगे और उनके साथ रहेंगे। ऐसे ही यूजी स्टूडेंट्स हैं, उनकी अटेंडेंस ली जाएगी। इन पर नज़र रखेंगे कि वो कहीं भी ना जाएं।
एग्जाम पेपर ले जाने वाले वाहनों की GPS ट्रैकिंग
एग्जाम के प्रश्नपत्र और अन्य गोपनीय सामग्री को सुरक्षित तरीके से एग्जाम सेंटरों तक पहुंचाने की जिम्मेदारी जिला प्रशासन, पुलिस और एस्कॉर्ट टीमों को दी गई है।
सभी सेंटरों पर सेंटर सुपरिंटेंडेंट और इनविजिलेटर भी मौजूद रहेंगे। एग्जाम की सुरक्षा के लिए बहुस्तरीय व्यवस्था की गई है। गोपनीय प्रश्नपत्र और अन्य सामग्री सीलबंद प्रोटोकॉल के तहत रखे जाएंगे।
एग्जाम सामग्री ले जाने वाले वाहनों में GPS ट्रैकिंग होगी और उन्हें पुलिस एस्कॉर्ट उपलब्ध कराया जाएगा। सभी एग्जाम सेंटर CCTV निगरानी में रहेंगे और उनकी लाइव मॉनिटरिंग सेंट्रलाइज कंट्रोल रूम से की जाएगी।
एग्जाम के लिए घर से निकलने के पहले इन बातों का ध्यान रखें अभ्यर्थी
NTA ने कहा है कि गर्मी और बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों को ध्यान में रखते हुए सभी एग्जाम सेंटरों पर बिजली बैकअप, पर्याप्त रोशनी, पंखे, दीवार घड़ियां, पीने का पानी, शौचालय और मेडिकल सहायता की व्यवस्था की गई है।
NTA के मुताबिक अभ्यर्थी पारदर्शी पानी की बोतल साथ ला सकेंगे। डायबिटिक अभ्यर्थियों को शुगर टैबलेट, केला, सेब और संतरा जैसे फल लाने की अनुमति होगी।
वहीं, धार्मिक या पारंपरिक पोशाक पहनने वाले तथा फुल स्लीव या ऊनी कपड़े पहनने वाले अभ्यर्थियों को जांच प्रक्रिया के लिए और पहले पहुंचने की सलाह दी गई है।
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