Agra Wife Kills Husband, Digs Pit, Steals Pension
पति की हत्या कर बाथरूम में गाढ़ने वाली रूबी ने इस हत्याकांड को प्लानिंग से अंजाम दिया है। पुलिस पूछताछ में आरोपी ने बताया कि घर में डेली झगड़े होते थे। पुलिस भी घर आती रहती थी।
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बच्चों पर गलत असर होने का बहाना उसने दोनों मासूमों और सास को वारदात वाले दिन जेठ के घर भेज दिया था। फिर रात को खीर में नींद गोलियां मिलाकर पति को मार दिया।
इसके बाद छैनी-हथौड़े से बाथरूम में कई घंटे तक खुदाई की। फिर करीब तीन फीट के गड्ढे में पति को दफना दिया। जेठ की शिकायत पर पुलिस ने सर्च किया तो रूबी के पति सुरेंद्र शर्मा की सड़ी-गली लाश मिली।
आगरा में 17 मई को हुए इस हत्याकांड का खुलासा 3 जुलाई को हुआ। आरोपी रूबी यूपी के इटावा की और सुरेंद्र शर्मा राजस्थान के भरतपुर के रहने वाले थे।
मजदूरों ने खुदाई शुरू की तो जैसे ही शव बाहर निकला, मजदूर उल्टी करते हुए बाहर भागे। इसके बाद पति का कंकाल नजर आया।
मामले का खुलासा शुक्रवार (3 जुलाई) को हुआ था। हालांकि पुलिस को आशंका है कि मामले में कोई तीसरा व्यक्ति भी शामिल हो सकता है। पुलिस ने शनिवार को कोर्ट में पेश कर पत्नी को 14 दिन की रिमांड पर लिया है। जांच में सामने आया कि पति की मौत के बाद भी महिला ससुर की पेंशन के बैंक में आए रुपयों को एटीएम कार्ड से निकाल रही थी।
पुलिस ने घर के बाथरूम में खुदाई करवाई, तो रूबी ने बताया था कि इस तरफ सुरेंद्र का सिर किया था और दूसरी ओर पैर पकड़कर गड्डे में डाला था।
मर्डर कर बाथरूम में गाड़ी थी लाश राजस्थान के भरतपुर के रहने वाले सुरेंद्र कुमार शर्मा (44) की लाश आगरा के सिकंदरा क्षेत्र की दहतोरा स्थित रेणुका धाम कॉलोनी में मिली। उनकी पत्नी रूबी ने ही पति को बाथरूम में गाड़ा था।
दोनों की शादी 2010 में इटावा की रहने वाली रूबी से हुई थी। दोनों की दो बेटियां हैं। घर में सुरेंद्र, पत्नी रूबी, मां कमला और दोनों बेटियां रहती थीं। सुरेंद्र के पिता राधेश्याम शर्मा टीचर थे, जिनकी पहले ही मौत हो चुकी है।
भाई बोला- सुरेंद्र के ATM कार्ड से निकल रही थी पिता की पेंशन सुरेंद्र के भाई अनिल शर्मा ने बताया- पति-पत्नी के बीच लंबे समय से अनबन चल रही थी। उनके पिता की पेंशन 64 हजार सुरेंद्र के खाते में आती थी। इसमें 32-32 हजार दोनों भाई आपस में बांट लेते थे।
भाई के गायब होने के बाद जब मैंने रूबी से रकम और ATM कार्ड के बारे में पूछा तो उसने कहा- ATM कार्ड तो सुरेंद्र अपने साथ ले गए। ऐसे में, मैंने बैंक में जा कर मालूम किया तो पता चला कि आगरा से ही रकम निकाली जा रही थी।
इसके बाद सख्ती से उससे पूछताछ की तो रूबी ने मान लिया कि रकम वही निकाल रही है। इस दौरान मैंने उससे कहा कि वह घबराए नहीं और पूरी बात बता दे तो हो सकता है मैं उसकी मदद करूं। इसके बाद रूबी ने बाथरूम की ओर इशारा कर पूरा मामला बताया था।
रूबी को पुलिस ने शनिवार को कोर्ट में पेश किया था, जहां से उसे 14 दिन की रिमांड पर लिया गया है। तस्वीर 3 जुलाई की है।
दोनों एक ही मोबाइल यूज करते थे पुलिस की पूछताछ में सामने आया है कि रूबी और सुरेंद्र के पास एक ही फोन था। दोनों इसी फोन से बातचीत करते थे। ऐसे में फोन कॉल की डिटेल्स भी खंगाली जा रही है। रूबी ने पुलिस को बताया- पहले उसने पति सुरेंद्र के शव को घसीटा और बाथरूम में ले गई। 3 फीट गड्ढा किया और ऊपर से मिट्टी डाल दी। इसके बाद उसके पास जो रुपए थे, उनसे पति की लाश पर प्लास्टर करवा दिया।
खुदाई के दौरान जब मजदूर यहां प्लास्टर तोड़ने लगे तो वे भी कंकाल देख घबरा गए थे। खुदाई के दौरान पुलिस ने रूबी को बाथरूम दिखाकर पूछा तो रूबी ने कहा कि इस तरफ सिर किए थे और इस तरफ पैर किए थे। यह सुनकर मजदूर उल्टी करने लगे।
खुदाई कर रहे मजदूर ने जैसे ही कंकाल को देखा तो वह डर गया और बाहर आकर उल्टी करने लगा।
अब सिलसिलेवार पढ़िए पूरा मामला
- 18 मई को जेठ को दी थी जानकारी: सुरेंद्र के भाई अनिल शर्मा ने बताया कि 18 मई की सुबह रूबी का उनके पास फोन आया था। उसने कहा कि घर पर पुलिस का कोई मामला हो गया है, इसलिए मां और दोनों बच्चियों को यहां से ले जाओ। उसने सिर्फ इतना कहा कि घर मत आना, मैंने मां और दोनों बच्चियों को पास की एक दुकान पर बैठा दिया है, वहीं से उन्हें अपने साथ ले जाना।
- फिर से फोन कर कहा, सुरेंद्र कहीं चला गया है: अनिल मां और दोनों बच्चियों को लेकर अवधपुरी स्थित अपने घर पहुंचने ही वाले थे कि तभी रूबी का फिर फोन आया। उसने बताया कि सुरेंद्र जबरदस्ती घर का ताला खुलवाकर 5 हजार रुपए लेकर और झगड़ा करके कहीं चले गए हैं। जाते समय उन्होंने कहा था कि 2-3 दिन बाद फोन करके बताएंगे कि वे कहां हैं।
- करीब 8 दिन रूबी जेठ के घर रही: 19 मई की शाम को रूबी ने फिर अपने जेठ अनिल शर्मा को फोन किया। उसने कहा कि यहां उसका मन नहीं लग रहा है, इसलिए उसे भी बच्चों के पास ले जाया जाए। उसी रात अनिल उसे भी अपने घर ले आए। इसके बाद रूबी अपने दोनों बच्चों के साथ करीब 7-8 दिन तक वहीं रही।
- 26 मई को लापता होने की रिपोर्ट दी: इस दौरान सुरेंद्र का कोई पता नहीं चला। अनिल शर्मा और परिवार के अन्य सदस्य लगातार रूबी से सुरेंद्र के बारे में पूछते रहे, लेकिन वह हर बार उन्हें अलग-अलग बातें कहकर गुमराह करती रही। जब काफी तलाश के बाद भी सुरेंद्र का कोई सुराग नहीं मिला, तो 26 मई को अनिल शर्मा ने अपने भाई की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई।
- खीर में नींद की गोलियां मिलाईं: रूबी ने पुलिस को बताया- 17 मई की रात को उसने पति सुरेंद्र को डेढ़ दर्जन से अधिक नींद की गोलियां खीर में मिलाकर खिलाई थीं। पति की मौत के बाद सुबह बाथरूम में उसका शव छुपा दिया। बॉडी गाड़ने के बाद मिस्त्री को बुलवाकर वहां प्लास्टर करवा दिया। कुछ दिनों बाद उस हिस्से में फर्श बनवा दिया।
खुदाई करने आए मजदूर कंकाल देखकर डर गया और दहशत के मारे उल्टी करने बाथरूम से बाहर की ओर दौड़ा।
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